कम सैलरी में भी हर महीने अच्छी बचत की जा सकती है, बस जरूरत है अपने खर्चों को सही तरीके से बांटने की। अगर आपकी महीने की सैलरी 30 हजार रुपये है और महीने के आखिर तक पूरा पैसा खर्च हो जाता है, तो थोड़ी-सी प्लानिंग आपकी परेशानी दूर कर सकती है। किराया, राशन, बिजली का बिल और आने-जाने के खर्च के बीच भी आप हर महीने 7 हजार रुपये बचाने का लक्ष्य रख सकते हैं। सैलरी मिलते ही जरूरी खर्चों के लिए रकम अलग कर देना बचत की अच्छी शुरुआत हो सकती है। आइए ICICI गाजियाबाद ब्रांच की मैनेजर स्वाथी सिंह से समझते हैं कि 30 हजार रुपये की सैलरी में खर्च और बचत का हिसाब कैसे बनाया जा सकता है?

30 हजार की सैलरी में कैसे बचाएं 7 हजार रुपये?

आज के समय में महंगाई के बीच कम सैलरी में घर चलाना आसान नहीं है। महीने की शुरुआत में किराया, राशन, बिजली और दूसरे बिल चुकाने के बाद कई लोगों के पास बचत के लिए कुछ नहीं बचता है, लेकिन अगर आप अपनी कमाई और खर्च का हिसाब पहले से तय कर लें, तो कम आय में भी पैसे बचाना मुमकिन है। इसके लिए जरूरी नहीं कि आप अपनी हर छोटी खुशी छोड़ दें। बस गैर-जरूरी खर्चों पर नजर रखनी होगी।

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सबसे पहले किराया और जरूरी बिलों का बजट बनाएं

अगर आपकी सैलरी 30 हजार रुपये हैं, तो सबसे पहले उन खर्चों को अलग कर लें, जिन्हें हर महीने देना जरूरी है। मान लीजिए आप 7 हजार रुपये घर के किराए पर खर्च करती हैं और बिजली, मोबाइल, इंटरनेट समेत दूसरे जरूरी बिलों पर करीब 3 हजार रुपये लगते हैं। इस तरह आपके 10 हजार रुपये खर्च हो जाएंगे और 20 हजार रुपये बचेंगे। यह पैसा आपके बाकी खर्चों और बचत के लिए होगा। हालांकि, किराया और बिल हर शहर और व्यक्ति के हिसाब से अलग हो सकते हैं। इसलिए अपने वास्तविक खर्च के मुताबिक बजट बनाएं।

आने-जाने और राशन के लिए तय करें खर्च

बजट बनाते समय रोजमर्रा के खर्चों को नजरअंदाज न करें। ऑफिस आने-जाने, पेट्रोल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए करीब 3 हजार रुपये अलग रख सकते हैं। इसके अलावा राशन और खाने-पीने के सामान के लिए अपनी जरूरत के अनुसार खर्च तय करें। कोशिश करें कि हर महीने बाहर खाना खाने, ऑनलाइन ऑर्डर करने और गैर-जरूरी खरीदारी पर एक सीमा से ज्यादा पैसा खर्च न हो। छोटे-छोटे खर्च मिलकर महीने के आखिर में बड़ी रकम बन जाते हैं।

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सैलरी आते ही बचत के 7 हजार रुपये अलग करें

बचत करने का सबसे आसान तरीका है कि सैलरी मिलते ही एक तय रकम अलग खाते में रख दें। महीने के आखिर में जो पैसा बचेगा, उसे बचाने का इंतजार न करें। अगर आपका लक्ष्य 7 हजार रुपये बचाने का है, तो इसे अपने मासिक बजट का हिस्सा बनाएं। हालांकि, यह रकम तभी तय करें जब किराया, राशन, यात्रा, EMI और परिवार की दूसरी जिम्मेदारियों के बाद आपके पास पर्याप्त पैसा बचता हो। जरूरत पड़ने पर शुरुआत कम रकम से भी की जा सकती है।

इमरजेंसी फंड जरूर बनाएं

अचानक बीमारी, नौकरी छूटने या किसी जरूरी काम के लिए पैसों की जरूरत पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में दूसरों से उधार लेने या अपनी जमा पूंजी तोड़ने की नौबत न आए, इसके लिए इमरजेंसी फंड बनाना जरूरी है। शुरुआत में हर महीने थोड़ी रकम बचत खाते में जमा करें। धीरे-धीरे कोशिश करें कि आपके पास कम से कम 3 से 6 महीने के जरूरी खर्चों के बराबर पैसा जमा हो जाए। इस रकम को ऐसी जगह रखें, जहां जरूरत पड़ने पर आसानी से निकाला जा सके।

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SIP और FD में निवेश का विकल्प समझें

बचत की आदत बनने के बाद आप अपनी जरूरत के अनुसार निवेश के विकल्प देख सकते हैं। भविष्य के लक्ष्यों के लिए करीब 3 हजार रुपये की SIP शुरू करने पर विचार किया जा सकता है। SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए आप हर महीने म्यूचुअल फंड में एक तय रकम निवेश करते हैं। इसमें बाजार का जोखिम होता है और रिटर्न की गारंटी नहीं होती। वहीं, FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट में तय अवधि के लिए पैसा जमा किया जाता है और उस पर बैंक की निर्धारित ब्याज दर के अनुसार रिटर्न मिलता है। निवेश करने से पहले अपनी जरूरत, जोखिम उठाने की क्षमता और पैसे की जरूरत कब पड़ेगी, यह जरूर समझें। छोटी सैलरी में भी नियमित बचत और सही योजना से भविष्य के लिए अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है।

30 हजार की सैलरी में 7 हजार बचाना मुश्किल नहीं, बस तरीका उल्टा करना है। पहले खर्च करके जो बचेगा वो बचाएंगे, ये कभी नहीं होगा। सैलरी आते ही 7 हजार अलग कर दीजिए, बाकी 23 हजार में घर चलाना अपने आप सीख जाएंगे। यही छोटी सी आदत 5 साल बाद आपको सबसे ज्यादा अमीर बनाएगी।