क्रेडिट कार्ड, जो लोगों का मुसीबत के समय साथ निभाता है, वही अब मुसीबत का कारण बनता जा रहा है। ऐसा इसलिए, क्योंकि स्कैमर्स की वजह से लाखों की चपत लग जा रही है। क्रेडिट कार्ट का यूज ज्यादातर लोग होटल बुकिंग, ऑनलाइन खरीदारी और रेस्टोरेंट बिल से लेकर फ्लाइट टिकट बुकिंग तक, कई तरह से यूज करते हैं। इसका इतना यूज इसलिए बढ़ गया है, क्योंकि क्रेडिट कार्ड से कई बार अच्छा डिस्काउंट भी मिल जाता है, लेकिन यही तरीका आपको लाखों का नुकसान भी करवा सकता है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको उन 3 तरीकों के बारे में बताएंगे, जिससे आपका क्रेडिट कार्ड हैक हो सकता है।

क्रेडिट कार्ड कैसे हैक हो सकता है?

कई बार क्रेडिट कार्ड हैक होने पर लोगों को पता भी नहीं चल पाता और वह कभी बैलेंस भी चेक नहीं करते। ऐसे में जब उनके पास क्रेडिट कार्ड के बिल का मैसेज आता है, तो वह हैरान रह जाते हैं। आजकल क्रेडिट कार्ड की जानकारी निकलाने के लिए स्कैमर्स कई तरीके के पैंतरे फॉलो कर रहे हैं। लोगों को लगता है कि केवल OTP शेयर न करने से वह स्कैमर्स से बच जाएंगे, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है।

1- फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल

इसमें सबसे पुराना तरीका फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना है। स्कैमर्स खुद को बैंक का कर्मचारी बताते हैं और कहते हैं कि आपका कार्ड ब्लॉक होने वाला है। इसके साथ ही वह लिमिट बढ़ाने की बात करते हैं, जिससे यूजर उनकी बातों में आ जाता है। पहले वह लोगों से ऐप में जाकर कुछ टिप्स फॉलो करने को कहते हैं, जब यूजर उनके बताए टिप्स की मदद से लिमिट नहीं बढ़ा पाता, तो बाद में वह कार्ड का नंबर, सीवीवी या ओटीपी मांगते हैं।

कैसे करें बचाव? 

  • अगर अधिकारी आप से कार्ड की डिटेल मांगे, तो आप उसे ऐप बंद होने की बात कहें। आप उसे यह भी कह सकती हैं कि नेट नहीं चल रहा, इसलिए बाद में अपडेट करते हैं।
  • फोन कटने के बाद अपने बैंक के आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें और सभी बातें उन से शेयर करें।
  • ध्यान रखें कि बैंक कभी भी फोन पर सीवीवी, पिन या ओटीपी नहीं मांगता।

2- क्रेडिट कार्ड से जुड़े मेल पर क्लिक करना

आजकल स्कैमर्स मेल भेजकर लोगों को गुमराह करने लगे हैं। मेल का फॉर्मेट ऐसा लगता है, जैसे बैंक की तरफ से आया है। इससे यूजर मेल खोलने के बाद लिंक पर क्लिक कर देता है। इससे उसका फोन हैक हो जाता है और वह सभी जानकारी चुरा लेते हैं। लिंक भेजने के और भी कई तरीके हो सकते हैं। स्कैमर्स वॉट्सएप पर भी आपको फ्रॉड लिंक भेज सकते हैं। इसे आप फिशर लिंक जैसा समझ सकते हैं, बैंक जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट बनाई जाती है। इसके बाद यूजर से लॉगिन आईडी, पासवर्ड या कार्ड डिटेल भरने को कहते हैं।

  • कैसे बचें?- वेबसाइट ऑफियशल है या नहीं इसको ध्यान से चेक करें। कभी भी किसी भी लिंक को बैंक का लिंक समझकर ओपन न करें।

3- फर्जी कस्टमर केयर नंबर

आजकल फ्रॉड करने का यह तरीका सबसे आम हो गया है। लोग इंटरनेट पर बैंक का हेल्पलाइन नंबर खोजते हैं। कई बार फ्रॉड नंबर ऊपर दिखाई देते हैं। इसके बाद कॉल करने पर स्कैमर्स आपसे सारी जानकारी ले लेता है।

  • कैसे बचें?- कभी भी कस्टमर केयर नंबर ऑनलइन गूगल से न उठाएं। हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या कार्ड के पीछे दिए नंबर से ही लें।

अगर आपके साथ क्रेडिट कार्ड से स्कैम हो जाए, सबसे पहले बैंक की ऐप से कार्ड को ब्लॉक करें। आप खुद से नहीं कर पा रही हैं, तो बैंक अधिकारी से संपर्क करके उन्हें ब्लॉक करने के लिए कहें। बैंक को फ्रॉड की जानकारी दें। ट्रांजैक्शन आईडी और मैसेज अपने पास सेव रख लें। इसके बाद आप साइबर फ्रॉड की शिकायत करें। इसके लिए आप 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकती हैं।

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Image Credit: Magnific