आजकल काला चश्मा या सनग्लासेस सिर्फ धूप से बचने का जरिया नहीं, बल्कि एक बड़ा फैशन ट्रेंड बन गया है। अधिकतर महिलाएं घर से बाहर निकलने से पहले अपने लुक को स्टाइलिश, क्लासी और कूल बनाने के लिए अपनी काला चश्मा जरूर शामिल करती हैं। लेकिन क्या आप इस काले चश्मे के पीछे की पूरी कहानी जानती हैं? अगर नहीं, तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि काले चश्मे का दिलचस्प इतिहास क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई थी।
सनग्लासेस का सदियों पुराना इतिहास
आजकल बाजार में आपको 100 रुपए से लेकर एक से एक डिजाइन वाले 2000-5000 तक के चश्मे आसानी से मिल जाएंगे। लेकिन एक समय ऐसा था जब लोगों ने पहली बार चश्मे को देखा था। सनग्लासेस का इतिहास कई सालों पुराना है। चश्मे की शुरुआत आज से करीब 800 साल पहले यानी 12वीं शताब्दी के चीन में हुई थी।
स्मोक्ड क्रिस्टल या क्वार्ट्ज पत्थर से बनते थे चश्में
उस दौर में आज की तरह ग्लास या प्लास्टिक के लेंस नहीं होते थे। शुरुआती चश्मों को बनाने के लिए स्मोक्ड क्रिस्टल या क्वार्ट्ज पत्थर को तराशा जाता था। यही नहीं इनमें देखने के लिए ना तो कोई नंबर और ना ही कोई पावर होता था। सालों पहले चीनी अदालतों के न्यायाधीश यानी जज गवाहों से पूछताछ और सुनवाई के दौरान इन चश्मों को पहनते थे। वे अपनी आंखों को छिपाकर रखना चाहते थे ताकि कोई भी उनके चेहरे के हाव-भाव देखकर यह अंदाजा न लगा सके कि वे क्या सोच रहे हैं।
हॉलीवुड फिल्म स्टार्स ने बनाया इन्हें फैशन का हिस्सा
चश्मों के इस सफर में एक बड़ा मोड़ तब आया, जब इंग्लैंड के वैज्ञानिक जेम्स ऐसकॉफ ने इस पर काम करके चश्मों में नीले और हरे रंग के लेंस का इस्तेमाल करना शुरू किया। 20वीं सदी की शुरुआत में सनग्लासेस लोगों के बीच काफी पॉपुलर हो गए थे। इसे ग्लोबल ट्रेंड बनाने का श्रेय हॉलीवुड फिल्म स्टार्स को जाता है। उस समय कई फिल्म स्टार्स ने स्टूडियो की तेज रोशनी से बचने के लिए इनका इस्तेमाल करना शुरू किया, जिससे ये फैशन का हिस्सा बन गए।
सैम फोस्टर की बड़ी खोज
1929 में यही सनग्लासेस आम जनता तक पहुंचे। सैम फोस्टर नाम के एक शख्स ने सनग्लासेस को फैक्ट्रियों में बड़े पैमाने पर बनाना शुरू किया। धीरे-धीरे सन 1930 तक तो यही चश्में अमेरिका के घर-घर में मशहूर हो गए। तभी से ये पसंदीदा फैशन ट्रेंड भी बन गया। लोग स्टाइल के लिए इन सनग्लासेस को पहनने लगे। 1936 में एडविन लैंड ने पोलेरॉइड फिल्टर की खोज की। इसके बाद से कुछ सनग्लासेस सूरज की यूवी किरणों को रोकने में कामयाब हो गए।
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Image Credit : magnific
