अक्सर जल्दी-जल्दी में गर्मी या मानसून में सफर करते वक्त अपने साथ पानी की बोतल रखना भूल जाते हैं। ऐसे में मार्केट से बोतल खरीदना एक आम बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही सेहत पर बहुत भारी पड़ सकती है? हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुए केस ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया। जी हां, एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां एक युवती ने पास की दुकान से पानी की बोतल समझकर जो लिक्विड खरीदा, वह असल में तेजाब निकला। उसे पीते ही लड़की की तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह घटना हमें आगाह करती है कि बाजार से पानी खरीदते समय आंखें बंद न रखें। ऐसे में यह जानना तो बनता है कि बाजार से पानी की बोतल खरीदते वक्त किन बातों का ख्याल रखें? जानते हैं आगे...
सील करें चेक
पानी की बोतल खरीदने से पहले सबसे पहली और जरूरी चीज है उसकी सील देखना। बोतल का ढक्कन पूरी तरह से सील होना चाहिए। अगर सील टूटी हुई हो या ढक्कन ढीला लगे, तो उसे तुरंत बदल दें।
प्लास्टिक क्वालिटी देखें
बोतल की प्लास्टिक क्वालिटी और उस पर लगे लेबल को ध्यान से देखें। नकली या डुप्लीकेट पानी बेचने वाले लोग नामी ब्रांड्स से मिलते-जुलते नामों (जैसे - Bisleri न लिखकर Bilseiri या Bresleri) का इस्तेमाल करते हैं।
मैन्युफैक्चरिंग डेट चेक करें
आप बोतल को खरीदते वक्त मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट भी अच्छी तरह पढ़ लें। अगर डेट निकल चुकी है तो भूलकर भी इस पानी का सेवन न करें।
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लाइसेंस नंबर चेक करें
हर पैकेट पर छपा ISI मार्क और FSSAI का लाइसेंस नंबर होता है। भारत में बिना इन मार्केस के पीने का पानी बेचना गैर-कानूनी है। अगर बोतल पर ये दोनों मार्क गायब हैं, तो उस पानी को बिल्कुल न खरीदें।
लाइट से करें जांच
बोतल को हाथ में लेकर रोशनी के सामने घुमाएं। पानी पूरी तरह से साफ, ट्रांसपेरेंट और रंगहीन होना चाहिए। अगर पानी में किसी भी तरह का धुंधलापन दिखे, तो समझ जाएं कि पानी दूषित है।
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Images: magnific
