घर के इनडोर और आउटडोर पौधों को हरा-भरा रखने के लिए हम कई तरीके अपनाते हैं, लेकिन अक्सर पानी की क्वालिटी को नजरअंदाज कर देते हैं। कई लोग सोचते हैं कि जो पानी हमारी सेहत के लिए अच्छा है, वही पौधों के लिए भी सबसे बेस्ट होगा। इसी चक्कर में घरों में लगे महंगे पौधों में आरओ या फिल्टर का पानी डाला जाने लगता है, जबकि कुछ लोग सीधे टंकी का पानी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत पानी आपके पौधों की ग्रोथ को रोक सकता है और उन्हें सुखा भी सकता है? जी हां, ऐसे में ये जानना बनता है कि पौधों के लिए कौन सा पानी सही है और उन्हें पानी देने का सही तरीका क्या है। जानते हैं आगे...
पौधों के लिए टंकी का पानी vs फिल्टर वाटर
टंकी के पानी में क्लोरीन और फ्लोराइड जैसे केमिकल्स होते हैं, जो पानी को साफ रखने के लिए मिलाए जाते हैं। हालांकि, इसमें कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स भी होते हैं जो पौधों की ग्रोथ के लिए अच्छे हैं। बहुत ज्यादा क्लोरीन वाले पानी से पौधों की पत्तियों के किनारे भूरे होने लगते हैं।
दूसरी ओर, फिल्टर या आरओ का पानी इन सभी केमिकल्स को तो निकाल देता है, लेकिन साथ ही यह पौधों के लिए जरूरी मिनरल्स को भी खत्म कर देता है। लगातार आरओ का पानी देने से मिट्टी को पोषण नहीं मिल पाता है इसलिए अधिकांश सामान्य पौधों के लिए टंकी का पानी बेहतर माना जाता है, वह बहुत ज्यादा खारा या हार्ड वाटर न हो। यदि आपके पास इनडोर प्लांट्स हैं, तो आप फिल्टर के पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पौधों को कितना और कब पानी दें?
पौधों को पानी देना, यह मौसम और पौधे की वैरायटी पर निर्भर करता है। पानी देने का सबसे अच्छा तरीका फिंगर टेस्ट है। गमले की मिट्टी में अपनी उंगली को डालें। जब मिट्टी सूखी महसूस हो, तभी पानी दें।
गर्मियों के मौसम में पौधों को रोज या दिन में दो बार पानी और सर्दियों और बारिश के दिनों में मिट्टी बहुत देर से सूखती है, इसलिए तब कम पानी देना चाहिए। हमेशा ध्यान रखें कि पानी गमले की जड़ों तक पहुंचना चाहिए, लेकिन गमले के नीचे से पानी का भराव नहीं होना चाहिए।
नोट - हमेशा नॉर्मल यानी रूम टेम्परेचर के पानी का ही इस्तेमाल करें। बहुत ठंडा या गर्म पानी पौधों की जड़ों को शॉक दे सकता है।
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Images: magnific
