अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन पहाड़ों, लंबी चढ़ाई और बदलते मौसम का सामना करते हुए बाबा अमरनाथ के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। अमरनाथ यात्रा को भारत की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है। लोगों को काफी ऊंचाई तक पैदल चलना पड़ता है। ऊंचाई के कारण सांस लेने में परेशानी हो सकती है। मौसम भी अचानक से बदल जाता है।
इसके बावजूद भक्ताें की आस्था जरा भी कम नहीं होती है। हर साल देश विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं, लेकिन कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर इतनी मुश्किल होने के बाद भी लोग अमरनाथ की यात्रा क्यों करते हैं? आइए जानते हैं कि इस यात्रा का इतना महत्व क्यों माना जाता है-
कहां है अमरनाथ गुफा?
आपको बता दें कि अमरनाथ गुफा जम्मू-कश्मीर में समुद्र तल से लगभग 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। ये गुफा बर्फ से नेचुरली बनने वाले शिवलिंग के लिए दुनिया भर में फेमस है। इस बर्फ के शिवलिंग को बाबा बर्फानी भी कहा जाता है। हर साल यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन करते हैं।
क्यों खास मानी जाती है अमरनाथ गुफा?
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, अमरनाथ गुफा वो जगह है जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था। कहा जाता है कि इस रहस्य को कोई और न सुन सके, इसलिए भगवान शिव ने रास्ते में अपने सभी साथियों और प्रतीकों को अलग-अलग स्थानों पर छोड़ दिया था और फिर इस गुफा में पहुंचे थे। इसी वजह से ये गुफा शिव भक्तों के लिए पवित्र मानी जाती है। यहां सच्चे मन से दर्शन करने पर भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद मिलता है।
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बर्फ का शिवलिंग क्यों है अनोखा?
अमरनाथ गुफा की सबसे बड़ी खासियत यहां बनने वाला हिम शिवलिंग है। इसे काेई बनाता नहीं है बल्कि ये नेचुरली गुफा के अंदर टपकने वाले पानी के जमने से बनता है। ऐसा कहा जाता है कि इसका आकार चंद्रमा की कलाओं के साथ बढ़ता और कम होता है। जिन लोगों ने अमरनाथ यात्रा की है, उनका कहना है कि गुफा में कई बार बर्फ से बनी कई और आकृतियां भी दिखाई देती हैं, जिन्हें लोग माता पार्वती और भगवान गणेश मानते हैं।
आखिर इतनी कठिन यात्रा क्यों करते हैं भक्त?
अमरनाथ यात्रा करने के पीछे सबसे बड़ी वजह आस्था ही है। श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा बर्फानी के दर्शन करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में पॉजिटिविटी आती है। धार्मिक मान्यताओं में ये भी कहा गया है कि इस पवित्र धाम के दर्शन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है। इसी विश्वास से अमरनाथ की कठिन यात्रा करते हैं।
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कब होती है अमरनाथ यात्रा?
अमरनाथ यात्रा हर साल एक फिक्स टाइम के लिए शुरू की जाती है। ये आमतौर पर आषाढ़ मास के दौरान शुरू होती है और श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के आसपास पूरी हो जाती है। इस साल अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई से शुरू हो गई है।
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तो अमरनाथ यात्रा को भले ही कठिन कहा जाता हो, लेकिन श्रद्धालु बाबा बर्फानी की कृपा पाने के लिए हर मुश्किल का सामना करते हुए पहुंचते हैं। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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डिस्क्लेमर: अमरनाथ यात्रा से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और पुण्य संबंधी बातें विभिन्न धर्मग्रंथों, लोक मान्यताओं और श्रद्धालुओं के विश्वास पर आधारित हैं। इन्हें धार्मिक आस्था के रूप में देखा जाना चाहिए।
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