भारत में ट्रेन का मतलब अक्सर हर छोटे-बड़े स्टेशन पर रुकना होता है। चाय वाले की आवाज, स्टेशन पर उतरने-चढ़ने की भीड़, यही तो भारतीय रेल की पहचान है, लेकिन एक ऐसी भी ट्रेन है, जो 528 किलोमीटर तक बिना रुके, बिना सांस लिए दौड़ती रहती है। नाम है - तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस।

यह ट्रेन केरल के तिरुवनंतपुरम से दिल्ली तक जाती है और रास्ते में 6 राज्यों से गुजरती है, लेकिन इसकी असली पहचान है कोटा से वडोदरा के बीच का वो सफर, जहां यह ट्रेन कहीं भी नहीं रुकती।

कोटा से वडोदरा का नॉन-स्टॉप सफर

Railyatri की मानें तो, राजस्थान के कोटा से गुजरात के वडोदरा के बीच यह राजधानी एक्सप्रेस लगातार 527 किलोमीटर तक नॉन-स्टॉप चलती है। इस दौरान कोई स्टेशन नहीं आता, कोई हॉल्ट नहीं होता। यह सफर करीब 7 घंटे तक चलता है।

यात्रियों को अक्सर यकीन नहीं होता कि इतनी लंबी दूरी तक ट्रेन एक बार भी नहीं रुकेगी। भारत में जहां ट्रेनें हर 20-30 KM पर रुक जाती हैं, वहां यह नॉन-स्टॉप रन किसी चमत्कार से कम नहीं है।

image credit- indian.railinfo

सितंबर 2023 में बदला नियम

indianrail.info की मानें तो, सितंबर 2023 में रेलवे ने इस ट्रेन को मध्य प्रदेश के रतलाम जंक्शन पर स्टॉपेज देना शुरू किया था। इसके बाद वडोदरा से कोटा के बीच का पुराना 528 किलोमीटर का नॉन-स्टॉप सफर टूट गया। मई 2026 की उपलब्ध टाइमटेबल जानकारी में भी रतलाम स्टॉपेज दर्ज है।

क्यों मिलती है इस ट्रेन को सबसे ज्यादा प्राथमिकता?

राजधानी एक्सप्रेस को भारतीय रेल में सबसे ज्यादा ऑपरेशनल प्रायोरिटी मिलती है। इसका मतलब है कि इसके रास्ते में दूसरी ट्रेनों को रोका जाता है, मालगाड़ियों को साइड में किया जाता है, ताकि यह अपनी तेज रफ्तार बनाए रख सके। इसी वजह से यह लंबी दूरी को कम समय में तय कर पाती है।

image credit- indian.railinfo

नॉन-स्टॉप चलाना क्यों है इतना मुश्किल?

भारत में किसी ट्रेन को इतनी लंबी दूरी तक बिना रोके चलाना आसान काम नहीं है। रेलवे को कई डिवीजनों के ट्रैफिक को एक साथ संभालना पड़ता है। पैसेंजर ट्रेन, मालगाड़ी, मेंटेनेंस ब्लॉक - सबका तालमेल बिठाना पड़ता है। एक छोटी सी गलती भी पूरे शेड्यूल को बिगाड़ सकती है। यही वजह है कि भारत में सच्ची नॉन-स्टॉप सर्विस बहुत ही कम देखने को मिलती है।

यह राजधानी एक्सप्रेस सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की इंजीनियरिंग, प्लानिंग और अनुशासन का सबसे बड़ा उदाहरण है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

main image credit- indian.railinfo