भारत देश में कई ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिर मौजूद हैं, जो अपनी नक्काशी, बनावट और कुछ ऐसे गुप्त रहस्यों के लिए जाने जाते हैं जो लोगों को हैरान कर देते हैं। ऐसी ही एक अनोखी और हैरान कर देने वाली चमत्कारिक जगह आज भी मौजूद है, जिसके बारे में सुनते ही लोग हैरान हो जाते हैं। हम बात कर रहे हैं आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध 'लेपाक्षी मंदिर' की। यह मंदिर भगवान शिव, विष्णु और वीरभद्र को समर्पित है। इस मंदिर में 10 या 20 नहीं बल्कि कुल 70 खंभे हैं, लेकिन इनमें से एक खंभा ऐसा है जो जमीन को बिल्कुल भी स्पर्श नहीं करता है। जी हां, अगर आप भी यह सुनकर हैरान हैं, तो आइए इस लेख में जानते हैं इससे जुड़े कुछ रहस्यमयी तथ्य -
700 साल पुराना हैंगिंग पिलर
यूनेस्को और आंध्र प्रदेश पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल के मुताबिक यह ऐतिहासिक मंदिर 16वीं शताब्दी में विजयनगर साम्राज्य के शासनकाल के दौरान बनाया गया था। यह मंदिर वास्तुकला का एक बेजोड़ नमूना माना जाता है। मंदिर के मुख्य मंडप में कुल 70 खंभे मौजूद हैं। इन्हीं 70 खंभों के बीच यह खास खंभा भी मौजूद है, जिसे ठोस पत्थरों से बनाया गया था, लेकिन इसका निचला हिस्सा जमीन से लगभग आधा इंच ऊपर हवा में उठा हुआ है। इस खंभे के नीचे से आप आराम से कोई कपड़ा, कागज या दुपट्टा निकाल सकते हैं।
(image credit: instagram/tourismgoi)
रामायण काल और जटायु से जुड़ी पौराणिक मान्यता
इस स्थान को पौराणिक मान्यताओं से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि जब रावण माता सीता को बंदी बनाकर लंका ले जा रहा था, तब पक्षीराज जटायु ने रावण से युद्ध किया था। इसी युद्ध के दौरान जब जटायु घायल होकर इस स्थान पर गिरे थे, तो भगवान श्री राम सीता जी को ढूंढते हुए यहां पहुंचे थे। तब भगवान राम ने घायल जटायु को देखकर कहा था—"ले पाक्षी" (यानी 'उठो पक्षी')। माना जाता है कि इसी वजह से इस जगह का नाम 'लेपाक्षी' पड़ा। कई वास्तुकारों और इंजीनियरों ने लेपाक्षी के इस 'हैंगिंग पिलर' पर अध्ययन किया है, लेकिन आज तक कोई भी यह नहीं समझ पाया है कि बिना किसी ठोस आधार या नींव के यह खंभा सदियों से हवा में कैसे टिका हुआ है।
कैसे पहुंचे लेपाक्षी मंदिर?
ऐसे में अगर आप भी आंध्र प्रदेश घूमने जा रही हैं, तो वहां के प्रसिद्ध लेपाक्षी मंदिर जरूर जाएं और हवा में लटकते हुए इस रहस्यमयी खंभे को खुद देखें।
अगर आप यहां फ्लाइट से जाना चाहती हैं, तो अपने नजदीकी एयरपोर्ट से बेंगलुरु के कैम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक की टिकट बुक कर सकती हैं। वहां से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस मंदिर तक पर्सनल कैब करके आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसका सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन हिंदुपुर रेलवे स्टेशन है, जो मंदिर से केवल 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
(image credit: instagram/tourismgoi)
सार:
अगर आप भी रहस्यमयी जगहों पर जाना पसंद करती हैं, तो लेपाक्षी के इस चमत्कारी मंदिर की ट्रिप प्लान कर सकती हैं। आंध्र प्रदेश के इस लेपाक्षी मंदिर और उसका हवा में लटकता हुआ रहस्यमयी खंभा आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हो सकता है। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
