कजरी तीज 2026 पर पूजा के लिए कुछ मीठा बनाने की सोच रही हैं तो मालपुआ एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। कजरी तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती को भोग लगाने के लिए ज्यादातर घरों में मालपुआ बनाया जाता है। इसे बनाना भी आसान होता है और इसके लिए अलग से पैसे भी खर्च नहीं करने पड़ते। ऐसा इसलिए, क्योंकि घर में मौजूद चीजों से ही यह आसानी से बन जाता है। अगर आप हर बार एक ही तरह के मालपुए बनाकर बोर हो गई हैं, तो इस बार स्वाद में थोड़ा बदलाव कर सकती हैं। आप अपनी पुरानी रेसिपी में छोटी-सी चीज जोड़कर मालपुए का स्वाद बदल सकती हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको मालपुआ बनाने की रेसिपी विस्तार से बताएंगे।

मालपुआ बनाते समय महिलाएं अक्सर करती हैं ये गलतियां

मालपुआ आसान है, लेकिन फिर भी महिलाएं ऐसी छोटी-सी गलतिया कर देती हैं, जिसकी वजह से इसका पूरा टेस्ट खराब हो जाता है। इन गलतियों की वजह से ही मालपुआ फूलता नहीं है और न ही उसका स्वाद वैसा आता है जैसा हलवाई बनाते हैं। पहली बार मालपुआ बनाते समय घोल की कंसिस्टेंसी समझ नहीं आती है, इसलिए ऐसा होता है। अगर आप कजरी तीज पर शिव-पार्वती के भोग के लिए मालपुआ बना रही हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें।

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  • घोल को तुरंत इस्तेमाल न करें।
  • घोल को बहुत गाढ़ा या पतला न रखें।
  • आटा और सूजी का घोल तैयार करने के बाद उसे कुछ देर आराम देना अच्छा रहता है।
  • इससे सूजी अच्छी तरह फूल जाती है और मालपुए का टेक्सचर बेहतर आता है।
  • करीब 10-15 मिनट घोल को ढककर रख सकती हैं।
  • तेज आंच पर मालपुआ न सेंकें।
  • तेज आंच पर मालपुआ ऊपर से जल्दी ब्राउन हो जाएगा, लेकिन अंदर से कच्चा रह सकता है।
  • मालपुए को बार-बार न पलटें।
  • हर मालपुआ बनाने से पहले घोल चला लें।

निष्कर्ष -इससे आप समझ गई होंगी कि मालपुए ज्यादा कुरकुरा नहीं बनाना है, क्योंकि इसे आप लास्ट में चाशनी में डालने वाली है। यह सॉफ्ट रहेगा, तो आसानी से इसमें चाशनी अंदर तक चली जाएगी।

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Image Credit- magnific, gemini