दही हांडी और जन्माष्टमी का त्योहार बाल गोपाल को समर्पित है। कल जन्‍माष्‍टमी मनाई जा चुकी है। आज हांडी उत्‍सव है। इस दिन कान्हा जी को लोग तरह-तरह की मिठाइयों का भोग लगाते हैं, लेकिन अगर आप कुछ नया और टेस्टी ट्राई करना चाहती हैं, तो गुलकंद पेड़ा बेस्ट ऑप्शन है।

मावे और गुलकंद के कॉम्बिनेशन से बनने वाला यह पेड़ा न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि इसका स्वाद आपके पूरे परिवार को भी खूब पसंद आएगा। अच्छी बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता और यह झटपट बनकर तैयार हो जाता है। आज हम आपको अपने इस लेख में बता रहे हें क‍ि आप हांडी उत्सव के मौके पर गुलकंद पेड़ा कैसे बना सकती हैं? आइए जानते हैं-

कैसे लगाएं भोग?

दही हांडी उत्‍सव के द‍िन गुलकंद पेड़े को साफ प्लेट या भोग की थाली में रखकर बाल गोपाल को अर्पित कर सकती हैं। भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के तौर पर परिवार के लोगों में बांट दें।

Image Credit- Pinterest/Kuch Pak Raha Hai | Vegetarian & Vegan Recipes

गुलकंद पेड़े बनाते समय ध्यान रखें

अगर आप घर पर गुलकंद का पेड़ा बना रही हैं, तो कुछ बातों का ध्‍यान रखें। जैसे-

  • मावा भूनते समय गैस धीमी रखें।
  • मावे को कड़ाही में लगातार चलाती रहें।
  • चीनी डालने से पहले मावे को थोड़ा ठंडा होने दें।
  • गुलकंद बहुत ज्यादा डालने से मिश्रण ज्यादा नरम हो जाएगा।
  • पेड़े बनाने से पहले मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें।
  • पेड़े बनाने से पहले हाथों पर थोड़ा घी लगा लें।
  • पेड़े तैयार करने के बाद इन्हें कुछ देर सेट होने दें।

गुलकंद पेड़े कितने समय तक रखें?

गुलकंद और मावे से बने पेड़ों को बनाकर बहुत लंबे समय तक बाहर न रखें। इन्हें साफ और ढके हुए डिब्बे में रखकर फ्रिज में रखा जा सकता है। खाने या प्रसाद में देने से पहले इन्हें कुछ देर बाहर रख दें, ताकि इनका स्वाद और टेक्सचर अच्छा हो जाए।

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Cover Image Credit- AI