भारतीय घरों में दूध का इस्तेमाल रोजमर्रा की जिंदगी का एक बेहद अहम हिस्सा है। चाय बनाने से लेकर बच्चों की सेहत सुधारने तक, दूध हर घर में रोजाना इस्तेमाल होता है। ऐसे में दूध में होने वाली मिलावट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई बार दूध को गाढ़ा और झागदार दिखाने के लिए उसमें डिटर्जेंट या केमिकल्स की मिलावट कर दी जाती है। आप एक आसान घरेलू टेस्ट के जरिए यह पता लगा सकते हैं कि आपके घर आने वाला दूध शुद्ध है या उसमें कोई हानिकारक चीज मिलाई गई है। जानते हैं, इनके बारे में...
दूध में डिटर्जेंट की जांच का FSSAI फॉर्मूला
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सोशल मीडिया के जरिए एक बहुत ही आसान तरीका शेयर किया है, जिसकी मदद से कोई भी व्यक्ति घर बैठे दूध की शुद्धता परख सकता है-
- कांच के एक छोटे और साफ गिलास या शीशी में लगभग 5 से 10 मिलीलीटर दूध लें।
- अब इसे कुछ सेकेंड तक जोर-जोर से हिलाएं।
- इसके बाद दूध की सतह पर बनने वाले झाग को ध्यान से देखें।
जांच के नतीजों का मतलब समझें
अगर हिलाने के बाद दूध पर बना झाग तुरंत गायब हो जाता है, तो आपका दूध पूरी तरह शुद्ध है। अगर दूध की सतह पर गाढ़ा और देर तक टिकने वाला झाग या बुलबुले बने रहते हैं, तो इसमें डिटर्जेंट की मिलावट होने की पूरी संभावना है।
दूध में झाग बनने की साइंटिफिक वजह
मिलावटी या पतले किए गए दूध में डिटर्जेंट इसलिए मिलाया जाता है ताकि उसमें असली दूध जैसा गाढ़ापन और झाग नजर आए। शुद्ध दूध का सरफेस टेंशन काफी ज्यादा होता है, जिससे उसके अणु आपस में मजबूती से जुड़े रहते हैं। जब आप शुद्ध दूध को हिलाते हैं, तो हवा के बुलबुले बनते ही तुरंत फूट जाते हैं।
यह भी पढ़ें- इलायची-अदरक सब डालने के बाद भी नहीं आता चाय में कड़क स्वाद, जानें कहां गलती कर रही हैं आप?
जब दूध में डिटर्जेंट या साबुन मिलाया जाता है, तो उसमें मौजूद केमिकल्स सरफेस के टेंशन को कम कर देते हैं। इससे हवा और पानी की परत के बीच एक लचीली झिल्ली बन जाती है, जो हवा को अपने अंदर रोक लेती है। इसी वजह से दूध पर लंबे समय तक टिके रहने वाले बुलबुले और गाढ़ा झाग बनने लगता है।
मिलावटी दूध से बचने के आसान उपाय
हमेशा ब्रांड्स का ही दूध खरीदें जो खाद्य सुरक्षा के कड़े नियमों को अपनाता हो-
- दूध का पैकेट या डिब्बा खरीदते समय उसकी सील, सेफ्टी लोगो और एक्सपायरी डेट को ध्यान से देखें।
- बर्तन में दूध पलटते समय उसकी बनावट और गाढ़ेपन पर नजर रखें, जिससे आपको इसके असली या नकली होने का अंदाजा मिल जाएगा।
- दूध के पैकेट पर हरा FSSAI लोगो और उसके साथ छपा 14 अंकों का वैध लाइसेंस नंबर जरूर चेक करें।
- साधारण प्लास्टिक थैली के बजाय टेट्रा पैक का चुनाव करना ज्यादा सुरक्षित होता है, क्योंकि थैलियों में तापमान में उतार-चढ़ाव या रास्ते में मिलावट होने का खतरा ज्यादा रहता है।
निष्कर्ष
दूध हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है, लेकिन मिलावटी दूध का सेवन शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। FSSAI के इस आसान होम टेस्ट को अपनाकर आप अपने परिवार को हानिकारक रसायनों से बचा सकते हैं।
यह भी पढ़ें- गर्मी में फट जाता है दूध? तो इस बार दही या पनीर नहीं बनाएं ये 2 खास चीज
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Images: magnific
-1788769744921_m.webp)