दशहरा आने वाला है, जिसके लॉन्ग वीकेंड की हर कोई प्लानिंग कर रहा है। लॉन्ग वीकेंड आते ही दिल्ली-एनसीआर के लोगों के मन में सबसे पहले किसी ठंडी जगह पर जाने का ख्याल आने लगता है। अगर आप भी शहर की भागदौड़ और शोर-शराबे से बोर हो चुके हैं और परिवार या दोस्तों के साथ कुछ सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो लंबी छुट्टियों का इंतजार करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। दिल्ली से महज 5 से 6 घंटे की ड्राइव पर कई ऐसे खूबसूरत और शानदार हिल स्टेशन मौजूद हैं, जिनमें नैनीताल, ऋषिकेश वगैरह शामिल हैं। यहां का सुहावना मौसम और हरे-भरे पहाड़ आपका स्वागत करने के लिए तैयार हैं।

दशहरा वीकेंड पर जरूर बनाएं इन हिल स्टेशन पर जाने का प्लान

भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा ब्रेक लेकर नेचर के करीब वक्त बिताना हर कोई चाहता है। वीकेंड पर बिना ज्यादा ट्रैवल किए अगर पहाड़ों की वादियों का मजा लेना हो तो दिल्ली के आसपास बेहतरीन ऑप्शंस की कोई कमी नहीं है। खासकर दशहरा और अक्टूबर के इन सुहावने दिनों में जब मौसम बेहद खुशनुमा हो जाता है, तो कम समय में तय होने वाली ये रोड ट्रिप्स आपके पूरे वीकेंड को तरोताजा और यादगार बना सकती हैं।

1. नैनीताल (Nainital)

झीलों की नगरी के नाम से मशहूर नैनीताल दिल्ली-एनसीआर के लोगों की ऑल-टाइम फेवरेट जगह है। पहाड़ों से घिरी नैनी झील में बोटिंग करना, मॉल रोड पर शाम को टहलना और नैना देवी मंदिर के दर्शन करना इस दशहरा वीकेंड आपकी ट्रिप को यादगार बना देगा।

कैसे पहुंचें: हापुड़ और मुरादाबाद हाईवे के रास्ते आसानी से कार, बस या टैक्सी द्वारा 6 से 6.5 घंटे में पहुंचा जा सकता है। सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है।

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2. कसौली (Kasauli)

पहाड़ों के बीच शांत रास्ते, देवदार के ऊंचे पेड़ और ब्रिटिश दौर की शांति कसौली की असली पहचान है। अगर आप दशहरा वीकेंड पर भीड़भाड़ से दूर किसी सुकून भरी जगह की तलाश में हैं, तो कसौली बेस्ट चॉइस है। यहां गिल्बर्ट ट्रेल पर नेचर वॉक और मंकी पॉइंट जगह सबसे ज्यादा फेमस है।

कैसे पहुंचें: करनाल और अंबाला होते हुए चंडीगढ़-शिमला हाईवे के रास्ते यहां लगभग 6 घंटे की ड्राइव करके पहुंचा जा सकता है।

3. कानाताल (Kanatal)

अगर आप मसूरी की भीड़ से बचना चाहते हैं और एकदम शांत व ऑफबीट जगह ढूंढ रहे हैं, तो कानाताल एक बढ़िया ऑप्शन है। चीड़ और सुरमई जंगलों के बीच बसा यह छोटा सा गांव सुरकंडा देवी मंदिर, कैंपिंग और एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए जाना जाता है।

कैसे पहुंचें: मेरठ एक्सप्रेसवे के जरिए ऋषिकेश या चंबा होते हुए यहां कार या कैब से 6 से 7 घंटे में आसानी से पहुंचा जा सकता है।

4. मसूरी (Mussoorie)

पहाड़ों की रानी मसूरी अपने खूबसूरत नजारों, कैम्पटी फॉल, गन हिल और मॉल रोड के लिए फेमस है। दशहरा वीकेंड पर यहां का खुशनुमा मौसम और वादियों में छाई हल्की धुंध आपकी छुट्टी का मजा दोगुना कर देगी।

कैसे पहुंचें: मेरठ एक्सप्रेसवे और देहरादून हाईवे के जरिए कार या बस से लगभग 5.5 से 6.5 घंटे में आसानी से पहुंचा जा सकता है।

5. चकराता (Chakrata)

चकराता एक बेहद शांत और कम भीड़भाड़ वाला ऑफबीट हिल स्टेशन है। अगर आपको कमर्शियल जगहों के बजाय नेचर का असली मजा लेना है, तो यह जगह आपके लिए बेस्ट है। यहां के झरने, घने जंगल और खूबसूरत वादियां मन मोह लेती हैं।

कैसे पहुंचें: पहाड़ी रास्तों और मुख्य सड़कों से होते हुए यहां लगभग 6.5 से 7 घंटे की ड्राइव करके पहुंचा जा सकता है।

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6. ऋषिकेश

यदि आप अपनी इस दशहरा ट्रिप में शांति के साथ-साथ थोड़ा रोमांच भी चाहते हैं, तो यह जगह परफेक्ट डेस्टिनेशन है। नदी के किनारे बसा यह शहर रिवर राफ्टिंग, कैंपिंग और शाम की आरती के लिए दुनियाभर में मशहूर है।

कैसे पहुंचें: मेरठ एक्सप्रेसवे और सड़क के रास्ते कार, बस या कैब से यहां 5 से 6 घंटे में आसानी से पहुंचा जा सकता है।

पहाड़ों की सुरक्षित ट्रिप के लिए जरूरी ट्रेवल टिप्स

पहाड़ों पर जाने का मन तो हर किसी का करता है। लेकिन, पहाड़ों की ट्रिप बनाने से पहले कुछ बातों का जरूर ख्याल रखें।

  1. वीकेंड और त्योहार भरे सीजन में हाईवे पर मिलने वाले ट्रैफिक से बचने के लिए दिल्ली से सुबह 4 से 5 बजे के बीच निकलना सबसे बेहतर रहेगा।
  2. दशहरा वीकेंड पर इन हिल स्टेशनों में पर्यटकों की भारी भीड़ होती है, इसलिए बिना बुकिंग के जाने के बजाय होटल और स्टे पहले से ही बुक कर लें।
  3. अक्टूबर के महीने में पहाड़ों में शाम और सुबह हल्की ठंड शुरू हो जाती है, इसलिए जैकेट, शॉल या स्वेटर साथ रखना न भूलें।
  4. अगर आप खुद ड्राइव कर रहे हैं, तो पहाड़ी मोड़ पर ओवरटेकिंग से बचें और दिन ढलने से पहले अपनी मंजिल पर पहुंचने की कोशिश करें।
  5. कुछ जगहों या इको-टूरिज्म स्पॉट्स पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन परमिट या फास्टैग व टोल की जरूरत होती है, उन्हें यात्रा से पहले अपडेट रखें।

जिंदगी की रफ्तार से थोड़ा वक्त चुराकर पहाड़ों की गोद में वक्त बिताना खुद को अंदर से दोबारा जिंदा करने जैसा होता है। दिल्ली से कुछ घंटों की दूरी पर मौजूद ये वादियां सिर्फ घूमने की जगहें नहीं हैं, बल्कि यह शोर-शराबे से दूर सुकून की सांस लेने का एक खूबसूरत जरिया हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।