कैंची धाम दर्शन के लिए हर साल लाखों लोग आते हैं। उत्तराखंड की हरी-भरी पहाड़ियों के बीच बसा नीम करौली बाबा का यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि प्राकृतिक सुदंरता के लिए भी पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींचता है। इसी तरह गोलू देवता का मंदिर भी खास है। यह उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों में से एक है, जिन्हें कुमाऊं क्षेत्र में न्याय का देवता माना जाता है। दोनों ही मंदिर उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं, जहां आपको हर मौसम पर्यटकों की भीड़ देखने को मिलेगी। यहां आने वाले लोग किसी त्योहार या मौसम का इंतजार नहीं करते। अगर आप अपनी एक ही यात्रा में दोनों मंदिर के दर्शन करने जाना चाहती हैं, तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको दोनों के बीच दूरी और कैसे पहुंचना है? इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
कैंची धाम से गोलू देवता मंदिर के बीच दूरी
दोनों मंदिर की बीच दूरी लगभग 56 किमी है। इसका अर्थ है कि आप लगभग 1 घंटे या 1 घंटा 30 मिनट में यहां पहुंच सकती हैं। दर्शन के लिए आ रहे भक्त ध्यान रखें कि गोलू देवता मंदिर को चिटई गोलू देवता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। ज्यादातर भक्त एक ही दिन में दोनों जगहों के दर्शन करते हैं, क्योंकि दोनों के बीच ज्यादा दूरी नहीं है।
कहां मिलेगी ज्यादा भीड़?
जो यात्री दोनों जगहों पर दर्शन का प्लान एक ही दिन में कर रहे हैं, वह ध्यान रखें कि आपको कैंची धाम में ज्यादा भीड़ मिलेगी। यहां दर्शन के लिए आपको लाइन में भी लगना पड़ता है और पूरे मंदिर परिसर में घूमने में भी काफी समय जाता है। गोलू देवता मंदिर के दर्शन में आपको ज्यादा समय नहीं लगेगा। इसलिए, अगर आप पहले कैंची धाम जा रहे हैं, तो समय का ध्यान रखें। कोशिश करें की सुबह ही आप आ जाएं, ताकि आपको समय मिल जाए, ताकि आप गोलू देवता के दर्शन भी कर आएं।
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कैंची धाम से गोलू देवता मंदिर पहुंचने का सही रूट
यदि आप कैंची धाम और चितई गोलू देवता मंदिर दोनों के दर्शन करना चाहते हैं, तो पहले यह जान लें कि दोनों ही मंदिर कुमाऊं क्षेत्र में आते हैं। यहां पहुंचने का समय ट्रैफिक और सड़क के हालात पर निर्भर करता है।
पहले कौन-सा स्थान पड़ता है?
जो यात्री दिल्ली से आ रहे हैं, वह ध्यान रखें कि पहले आपको रास्ते में कैंची धाम पड़ेगा। इसके बाद आगे चितई गोलू देवता मंदिर आएगा। दिल्ली से काठगोदाम उसके बाद भवाली होते हुए कैंची धाम जाएंगे। यहां से निकलकर अल्मोड़ा होते हुए आगे बढ़ेंगे। जहां रास्ते में आपको चितई गोलू देवता मंदिर मिलेगा। अल्मोड़ा से चितई गोलू देवता मंदिर की दूरी लगभग आधे घंटे की है।
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दोनों मंदिरों का रास्ता काफी हद तक एक ही है। कैंची धाम के दर्शन करने के बाद एक ही सड़क पड़ेगी, जो अल्मोड़ा तक जाएगी।
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image credit- kainchi dham official, Nainital Corbett Tourism /magnifci
