लोग हमेशा भगवान से छोटी-छोटी चीजों के लिए शिकायत करते हैं। कोई अपनी आर्थिक स्थिति से परेशान रहता है, तो कोई अपनी किस्मत को कोसता है। इसे देखते हुए क्या आपने उन लोगों की जिंदगी पर नजर डाली है, जो कठिन परिस्थितियों में भी खुद को आगे बढ़ाने के लिए कितनी मेहनत करते हैं। हर किसी के पास अपनी परेशानियां हैं, लेकिन बिना आंखों के जिंदगी कैसी होगी, क्या आपके दिमाग में ऐसा कभी आया? हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले की रहने वाली छोंजिन एंगमो ने साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी कमजोरी सफलता की राह में नहीं आ सकती। उन्हें भले ही जन्म से ही चुनौतियां सहनी पड़ी हो, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आज के इस आर्टिकल में हम माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली भारत की पहली दृष्टिहीन महिला के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
पहले भी कई पर्वतों की चढ़ाई कर चुकी हैं छोंजिन एंगमो
छोंजिन एंगमो ने माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करके पूरे देश का नाम रोशन किया है। वह भारत की पहली ऐसी महिला है, जिसने साल 2025 में माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की। उनके पास भले ही आंखों की रोशनी नहीं है, लेकिन इसे उन्होंने कभी भी कमजोरी नहीं माना। 19 मई 2025 को उन्होंने माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी की थी। छोंजिन एंगमो हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले की रहने वाली हैं। वह किन्नौर के एक छोटे से गांव चांगो में रहती हैं, लेकिन उन्होंने कभी खुद को किसी से कम नहीं समझा।
साल 2025 में 28 साल की उम्र में जब उन्होंने यह चढ़ाई पूरी की थी, तो इसके लिए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी किया था। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा ‘’मेरी कहानी अभी शुरू हुई है, मेरा अंधापन मेरी कमजोरी नहीं बल्कि मेरी ताकत है। पहाड़ की चोटियों पर चढ़ना मेरा बचपन का सपना रहा है, लेकिन आर्थिक तंगी एक बड़ी चुनौती थी। अब मैं उन सभी चोटियों पर चढ़ने की कोशिश करूंगी, जो अभी तक नहीं चढ़ पाई हूं।
कैसे गई आंखों की रोशनी?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार छोंजिन एंगमो बचपन से दृष्टिहीन नहीं थीं। 8 साल की उम्र में दवा के रिएक्शन की वजह से उनके आंखों की रोशनी चली गई थी। वह समय उनके लिए बहुत मुश्किल था। वह बचपन से ही माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई का सपना देखती थीं, लेकिन दोनों आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जाने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। दृष्टि खोने के बाद भी छोंजिन अंगमो ने पढ़ाई नहीं छोड़ी।
28 साल की उम्र में माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी करने वाली छोंजिन एंगमो पहले भी कई पहाड़ों की चढ़ाई कर चुकी थीं। उन्होंने लद्दाख की लगभग 19,700 फीट ऊंची अनाम चोटी की भी चढ़ाई की है। इसके पहले वह 15,632 फीट ऊंची सियाचिन कुमार पोस्ट पर भी जा चुकी हैं। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट से दी है।
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image credit- Chhonjin Angmo official instagram
