Teachers' Day पर स्कूलों में पूरे दिन अलग ही रौनक देखने को मिलती है। कोई बच्चा अपने पसंदीदा टीचर के लिए हाथों से कार्ड बनाकर लाता है, तो कोई कविता, स्पीच या श्लोक के जरिए अपने दिल की बात कहता है। अगर आप आप भी इस बार अपनी क्लासरूम में अपनी टीचर के सामने कविता या स्पीच सुनाने वाली हैं, तो इसकी शुरुआत गुरु से जुड़े संस्कृत श्लोक से कर सकती हैं। श्लोक बोलने के बाद पहले आप इसका अर्थ हिंदी में समझाएं, फिर अपनी स्पीच या कविता शुरू करें। आज के इस आर्टिकल में हम आपके लिए अलग-अलग श्लोक लेकर आए हैं। हम आपको इसका हिंदी अर्थ भी बताएंगे।

Teachers Day Shlok 1- गुरु को समर्पित संस्कृत श्लोक

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥

हिंदी में अर्थ क्या है?

  • इस श्लोक का अर्थ यह है कि गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान बताया गया है। आप भी एक गुरु हैं, जो हमारे लिए ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान हैं।
  • गुरु हमें ज्ञान देकर नई राह दिखाते हैं, हमारी गलतियों को सुधारते हैं और जीवन में सही दिशा चुनना सिखाते हैं। इसलिए गुरु को साक्षात परमात्मा के समान मानकर उन्हें प्रणाम किया जाता है।
  • हम भी आपको प्रणाम करते हैं और आपको भगवान की तरह मानते हैं।
  • इसके बाद आप अपनी स्पीच या कविता शुरू कर सकते हैं।

Teachers Day Shlok 2-  गुरु के महत्व पर संस्कृत श्लोक 

अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्।
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥

हिंदी में अर्थ क्या है?

  • इस श्लोक का अर्थ यह है कि हमें जिस गुरु ने इस पूरे संसार और उसके हर कण में ज्ञान और सत्य को समझने की राह दिखाई हैं, आज मैं उस गुरु को नमन करती हूं।
  • गुरु हमें सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि जीवन को समझने और सही नजरिए से देखने की सीख भी देते हैं।
  • आपने भी हमें बहुत कुछ सिखाया है, इसलिए हम आपका आदर करते हैं।
  • इस श्लोक का अर्थ समझाने के बाद आप अपनी कविता शुरू करें।

Teachers Day Shlok 3- गुरु को नमन करने वाला श्लोक

गुरो- अधिकं नास्ति तत्वं, गुरोः अधिकं नास्ति तपः।
तत्वज्ञानात् परं नास्ति, तस्मै श्रीगुरवे नमः॥

हिंदी में अर्थ क्या है?

  • इस श्लोक का अर्थ यह है गुरु से बढ़कर कोई तत्व नहीं है, गुरु से बढ़कर कोई तपस्या नहीं है। गुरु के तत्वज्ञान से परे कुछ भी नहीं है, ऐसे श्रीगुरु को मेरा प्रणाम है।
  • तत्वज्ञान वह ज्ञान होता है, जो हमें यह बताता है कि हम कहां से आए हैं, हमारा जीवन का उद्देश्य क्या है और मोक्ष कैसे प्राप्त हो सकता है।

Teachers Day Shlok 4- गुरु के प्रति सम्मान जताने वाला श्लोक

ध्यानमूलं गुरुर्मूर्तिः पूजामूलं गुरोः पदम्।
मन्त्रमूलं गुरोर्वाक्यं मोक्षमूलं गुरोः कृपा॥

हिंदी में अर्थ क्या है?

  • इस श्लोक का हिंदी में अर्थ यह है कि गुरु का स्वरूप ध्यान का आधार है, यानी इनकी वजह से हमने पढ़ाई में ध्यान करना सीखा है।
  • उनके चरणों को सम्मान देना पूजा के समान है और उनके वचन हमारे लिए मंत्र की तरह होते हैं।
  • गुरु की कृपा से इंसान जीवन में सही राह और सच्चा ज्ञान प्राप्त कर सकता है, इसलिए हमेशा उनका आदर करना चाहिए।

Teachers Day Shlok 5-  शिक्षक दिवस पर बोलने योग्य गुरु श्लोक

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पाय।
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय॥

हिंदी में अर्थ क्या है?

  • इस श्लोक में कबीरदास जी कहते हैं कि अगर गुरु और भगवान दोनों एक साथ सामने खड़े हों, तो सबसे पहले गुरु के चरण छूने चाहिए।
  •  गुरु ही हमें भगवान तक पहुंचने और उन्हें पहचानने का रास्ता बताते हैं, इसलिए गुरु का स्थान बहुत ऊंचा माना गया है।
  • आज टीजर्स डे के मौके पर हमें समझना चाहिए कि गुरु हमारे जीवन के लिए कितने ज्यादा खास हैं और उनका कितना ज्यादा महत्व है।
निष्कर्ष- इन श्लोक को पढ़ने के बाद आप समझ गए होंगे कि इसे सुनने के बाद आपकी टीचर के चेहरे पर मुस्कान आ जाएगी। वह समझेगी कि बच्चों ने उनके लिए कितने मुश्किल श्लोक याद किए हैं। 

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