रिश्तों में बातचीत का होना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी यह जानना भी है कि बातचीत कब बहस का रूप लेने लगी है। अक्सर छोटी-छोटी बातें जब तकरार में बदलने लगती हैं, तो रिश्तों में दूरी आने लगती है। किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए उसमें सकारात्मक और नकारात्मक बातों का सही संतुलन होना बेहद जरूरी है। हम आपको इसलिए यह सब बता रहे हैं क्योंकि हमने 'ताल-मेल' नाम की एक सीरीज शुरू की है। इसी कड़ी में हम बताएंगे कि रिश्ते में तालमेल कैसे बिठाएं? इसके लिए हमने कोच, हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। आइए जानते हैं-
बातचीत अचानक बहस में क्यों बदल जाती है?
अक्सर बातचीत के दौरान हमारी छोटी-छोटी गलतियां बातचीत का रुख बदल देती हैं और बात संभलने के बजाय बिगड़ने लगती है। बहस शुरू होने के मुख्य कारण निम्न प्रकार हैं-
- कड़वी शुरुआत: बातचीत की शुरुआत ही आरोप से करना।
- बात न सुनना: जीवनसाथी की बात को समझे बिना सिर्फ अपना जवाब तैयार करना।
- नकारात्मक सोच: साथी की मंशा पर शक करना और हर बात का गलत मतलब निकालना।
- माहौल की कड़वाहट: चेहरे पर गुस्सा या तल्ख तेवर बनाए रखना।
बातचीत को बिगड़ने से कैसे बचाएं?
जब भी लगे कि नॉर्मल चर्चा अब बहस बनने वाली है, तो तुरंत अपने बात करने के तरीके में कुछ बदलाव करें-
- आराम से शुरुआत करें: अपनी बात रखने से पहले साथी की किसी अच्छी बात की तारीफ करें।
- बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान दें: बातचीत के दौरान अपनी आंखों और चेहरे के भाव को सख्त न होने दें।
- सहमति के बिंदु खोजें: जब पार्टनर बोल रहा हो, तो पूरी बात सुनें और देखें कि आप किस बात से सहमत हो सकते हैं।
- भावना को समझें: अपनी बात साबित करने से पहले साथी के नजरिए को समझें और उसकी सराहना करें।
- गलती तुरंत सुधारें: जैसे ही लगे कि आपकी कोई बात साथी को बुरी लगी है, तुरंत रुकें और अपनी बात का तरीका बदलें।
एक्सपर्ट की सलाह: रिपेयर एटेम्पट अपनाएं
रिश्ते में जब भी तनाव बढ़े, तो माहौल को हल्का करने के लिए 'रिपेयर एटेम्पट' का इस्तेमाल करना चाहिए। रिपेयर एटेम्पट का मतलब बहस के दौरान कड़वाहट को कम करने की कोशिश करना है।
- कम मजाक करें: "लगता है आज हमारी बात सही दिशा में नहीं जा रही है" जैसी बातें कहकर माहौल हल्का करें।
- प्यार जताएं: बहस के बीच भी यह कहें कि "मैं तुमसे प्यार करता/करती हूँ, बस इस बात पर मेरी राय अलग है।"
- थोड़ा ब्रेक लें: जब गुस्सा बढ़ जाए, तो शांत होकर कहें कि "क्या हम इस विषय पर थोड़ी देर बाद बात कर सकते हैं?"
एक स्वस्थ रिश्ते में रिपेयर एटेम्पट 80% मामलों में सफल होते हैं, क्योंकि वहां आपसी समझ और दोस्ती का मजबूत आधार होता है।
(photo credit- magnific)
निष्कर्ष
बहस और असहमति हर रिश्ते का हिस्सा हैं, लेकिन वे आपके रिश्ते की कड़वाहट का कारण नहीं बनने चाहिए। जब आप कड़वाहट के बदले प्यार, समझदारी और सकारात्मकता को अपनी आदतों में शामिल करते हैं, तो कोई भी बहस रिश्ते को नुकसान नहीं पहुंचा सकती।
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