उम्र सिर्फ एक संख्या है और कुछ नया सीखने की कोई उम्र नहीं होती, इस बात को 57 वर्षीय अनीता मिश्रा ने बिल्कुल सच साबित कर दिया है। उत्तर प्रदेश के देवरिया की रहने वाली अनीता जी ने अपने बेटे के कहने पर सोशल मीडिया पर सफर शुरू किया है। इस उम्र में कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में कदम रखकर उन्होंने यह दिखा दिया कि अगर इरादे मजबूत हों और दिल में अपनी संस्कृति का प्यार हो, तो हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। नीचे लेख में जानें अनीता मिश्रा के इस सफर की कहानी।

अनीता मिश्रा का पूर्वाचंल से खास रिश्ता

अनीता का जन्म और पालन-पोषण उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल स्थित देवरिया जिले के एक गांव में हुआ था। साल 1987 में शादी के बाद वह हरियाणा आ गई थीं।

इन्होंने भले ही पूर्वांचल छोड़ दिया था, लेकिन पूर्वांचल ने उन्हें कभी नहीं छोड़ा। अपनी बोली, खान-पान, रीति-रिवाजों और संस्कृति को वह हमेशा अपने साथ लेकर चलीं। इनके तीनों बच्चों का जन्म और परवरिश शहरों में हुई, लेकिन इन्होंने हमेशा यह निश्चित किया कि इनके बच्चे अपनी जड़ों, संस्कृति और पारंपरिक खान-पान से हमेशा जुड़े रहें।

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सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने का कैसे सोचा?

करीब तीन महीने पहले उनके बेटे ने एक सुझाव दिया कि क्यों न सोशल मीडिया पर पूर्वांचल की संस्कृति और पुरानी परंपराओं को लोगों तक पहुंचाया जाए। शुरुआत में अनीता थोड़ी झिझक रही थीं और सोच रही थी कि लोग क्या कहेंगे, लेकिन बेटे के हौसला बढ़ाने पर इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनाया। इस नाम के पीछे भी एक मजेदार वजह है, नके बेटे हमेशा कहते थे कि हर भारतीय मां के पास हर बात का अपना एक तर्क या थ्योरी होती है, इसलिए चैनल का नाम यही रखा गया।

चंद महीनों में मिली अपार सफलता और प्यार

इस पेज को शुरू हुए अभी सिर्फ तीन महीने ही हुए हैं, लेकिन दर्शकों का प्यार उम्मीद से कहीं ज्यादा रहा है। पिछले एक महीने में उनकी वीडियो को 35 लाख से ज्यादा बार देखा गया है और कई वीडियो ने मिलियन व्यूज का आंकड़ा भी पार कर लिया है। सबसे खास बात यह है कि लोग सिर्फ रेसिपी नहीं बल्कि वीडियो पर कमेंट करके लिख रहे हैं कि इन्हें देखकर उन्हें अपनी दादी, मम्मी और बचपन के दिन याद आ गए हैं।

पुरवैया सीरीज के जरिए भूली-बिसरी यादों को सहेजने की पहल

सिर्फ खाने-पीने तक सीमित न रहकर, इन्होंने पूर्वांचल की उन चीजों पर काम शुरू किया जो धीरे-धीरे गायब हो रही हैं। सबसे पहले सिन्होरा पर वीडियो बनाया गया, जिसे लोगों ने बेहद पसंद किया। इसके बाद पुरवैया नाम से नई सीरीज शुरू की।

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अनीता मिश्रा की कहानी देश की हर महिला के लिए एक मिसाल है जो यह मानती हैं कि उम्र के किसी भी पड़ाव पर नए सपने देखे जा सकते हैं। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।

Image Credit- Anita Mishra Personal Photos