भारतीय रेलवे यात्रियों में कई तरह ट्रेनें चलता है, जिसमें आपको अलग-अलग तरह की सुविधाएं देखने को मिलती है। स्लीपर, एसी, चेयर कार के अलावा इसमें विस्टाडोम कोच नाम से भी ऐसी सुविधा दी जाती है, जो यात्रियों का सफर और भी हसीन बना देती है। इस कोच वाली ट्रेन से घूमने का असली मजा नजारे देखने में आता है, क्योंकि इसकी बड़ी कांच की खिड़कियां, शीशे की छत और घूमने वाली सीटों की वजह से ट्रेन के बाहर शानदार प्राकृतिक का नजारा देखने को मिलता है। आज के इस आर्टिकल में हम रेलवे के विस्टाडोम कोच की खासियत और यह किस रूट पर चलाई जाती है, इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

विस्टाडोम कोच की खासियत क्या है?

Vistadome Coach की सबसे बड़ी खासियत इसकी सीटें है। क्योंकि, इसे आप किसी भी तरफ घूमा सकती हैं। यह 360-डिग्री व्यू के साथ घूम जाती है, इसलिए आप किसी भी तरफ का नजारा बिना अपनी सीट से ऊठे देख पाएंगी। यही कारण है कि इस कोच को नेचर लवर्स और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए अच्छा माना जाता है।

विस्टाडोम कोच में क्या सुविधाएं मिलती है?

ग्लास रूफ की वजह से भी यह कोच खास माना जाता है, क्योंकि अगर आपको ट्रेन के ऊपर का नजारा देखना है, तो खिड़की से बाहर झाकने की जरूरत नहीं है। आप अपनी सीट पर बैठे ऊपर की तरफ सिर घुमाएंगे, तो शीशे वाली कोच रूफ से बाहर का नजारा भी देख पाएंगे। इससे आसमान, बादल और पहाड़ों की ऊंची चोटियों का नजारा देखना यादगार होता है।

  • इसकी दूसरी सबसे अच्छा बात आरामदायक सीटें हैं। इसमें पैरों के पास भी अच्छा स्पेस होता है, जिससे आपको घंटों बैठे रहने में भी परेशानी नहीं होती। सीटों के सामने बड़ी खिड़कियां लगी होती है, जिससे आप दूर-दूर तक नजारा, बिना सिर घुमाए भी देख सकती हैं।
  • इस कोच में सुविधाएं भी अच्छी मिलती है। एलईडी लाइट, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे, चार्जिंग पॉइंट और टॉयलेट जैसी कई सुविधाएं मिलती है, जो आपके सफर को आरामदायक बनाती है।

किस रूट पर चलती है विस्टाडोम कोच वाली ट्रेन?

इस ट्रेन को अभी केवल उन रूट पर चलाया जाता है, जहां आपको अच्छा नजारा देखने को मिलता है। पहाड़ों, नदियों, सुरंगों और झरनों का शानदार नजारों वाली जगहों पर इस ट्रेन को चलाया जाता है। इस ट्रेन का टिकट प्राइस भी अन्य ट्रेनों के मुकाबले ज्यादा है।

  • मुंबई- गोवा रूट (कोंकण रेलवे)- मुंबई से गोवा यानी मडगांव तक चलने वाली इस ट्रेन का सफर लगभग 8 से 9 घंटे में पूरा होता है। मानसून के दौरान यह रूट और भी ज्यादा खूबसूरत हो जाता है, क्योंकि रास्ते में दूध सागर का नजारा सबसे ज्यादा खूबसूरत लगता है।
  • कालका- शिमला हेरिटेज रूट- पहाड़ी नजारों को अगर ट्रेन में बैठकर देखना है, तो आप इस रूट पर सफर कर सकती हैं। इस रूट में घुमावदार ट्रैक, देवदार के जंगल और पहाड़ों का नजारा देखने को मिलता है, जो शीशे वाले कोच की वजह से साफ देखा जा सकता है।
  • कश्मीर घाटी रूट - इससे अच्छा नजारा और आपको कहां देखने को मिलेगा। सर्दियों में इस कोच से सफर करने का मजा और भी ज्यादा दोगुना हो जाता है, क्योंकि बर्फ से ढके पहाड़ों, घाटियों और प्राकृतिक सुंदरता आप भूला नहीं पाएंगी।

इसके अलावा यह ट्रेन दार्जिलिंग की पहाड़ियों और चाय के बागानों के बीच भी चलती है। मानसून में अगर आप कहीं घूमने का प्लान कर रही हैं और ट्रेन से सफर होने वाला है, तो इस कोच की टिकट बुक कर सकती हैं।

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Image Credit : magnific, indian railway