इस साल अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 1 जुलाई 2019 से दोनों मार्गों पर एक साथ होगी। यह यात्रा कुल 46 दिनों तक चलेगी और रक्षाबंधन यानी 15 अगस्त 2019 को संपन्न होगी। इस बार अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा का रजिस्ट्रेशन कार्ड बारकोड (क्विक रिएक्शन कोड) के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही कार्ड की वैधता का पता लगाने के लिए उस पर वाटर मार्क और अमरनाथ श्राइन बोर्ड का लोगो भी अंकित किया गया है।  यह बारकोड इस साल की यात्रा में बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है, इस बारकोड के जरिए किसी भी यात्री के लापता या दुर्घटना का शिकार होने पर उसके बारे में बारकोड स्कैन करने पर उसका पता चल जाएगा। जम्मू एंड कश्मीर और पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं में रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। अब तक एक हजार से अधिक लोगों के रजिस्ट्रेशन कार्ड बन चुके हैं।  इस बारकोड के अलावा भी इस साल की अमरनाथ यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए कई और महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। 

amarnath yatra shiva

अमरनाथ यात्रा में मिलने वाली सुविधाएं 

पूरे साल में एक बार होने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर की बुकिंग 1 मई से शुरू हो जाएगी। अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है, “अमरनाथ यात्रा 2019 के लिए ऑनलाइन हेलीकॉप्टर की बुकिंग 1 मई को सुबह 10 बजे से शुरू हो जाएगी।“ यहां आपको बता दें कि अमरनाथ श्राइन बोर्ड इस वार्षिक यात्रा का प्रबंधन करता है। 

इसे जरूर पढ़ें: अमरनाथ यात्रा पर जाने से पहले जरूर जान लें ये 5 बातें

जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही आंतकी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा इस बार यात्रियों के लिए अधिक कड़ी सुरक्षा के इंतजाम कराए जाएंगे। इसी कड़ी में पहली बार यात्रा रजिस्ट्रेशन कार्ड पर बारकोड अंकित किया गया है। इस बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी यू नरुला ने कहा है, “किसी भी यात्री के लापता होने, किसी हादसे का शिकार होने या मौसम खराब होने पर कहीं फंस जाने की स्थिति में बारकोड को स्कैन करने पर उसके बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी।“ 

amarnath yatra shiva

अमरनाथ थाम हिन्दू श्रद्धालुओं के लिए बहुत महत्व रखता है। जम्मू कश्मीर की वादियों में स्थित अमरनाथ धाम जाने के लिए भगवान शिव के भक्त साल भी इंतजार करते हैं। चार धाम की तरह भक्तगण इस पूजनीय यात्रा को जीवन में एक बार करने की इच्छा अवश्य रखते हैं। 

अमरनाथ यात्रा के बारे में कहा जाता है कि यहां भोले की मर्जी के बिना भक्त नहीं पहुंच पाते हैं। जिसे भगवान शिव बुलाना चाहते हैं वहीं उनका दर्शन कर पाते हैं। अमरनाथ यात्रा हर साल जून-जुलाई के महीने में शुरू होती है। अमरनाथ की यात्रा बेहद रोमांचक है क्योंकि यह यात्रा धरती पर स्वर्ग के जैसी है। हिमालय की गोदी में स्थित अमरनाथ हिंदुओं का सबसे ज्यादा आस्था वाला पवित्र तीर्थस्थल है। अमरनाथ की खासियत पवित्र गुफा में बर्फ से शिवलिंग का बनना है, प्राकृतिक हिम से बनने के कारण ही इसे 'हिमानी शिवलिंग' या 'बर्फानी बाबा' भी कहा जाता है।