हर महिला की जिंदगी में कई तरह के उतार-चढ़ाव आते हैं। मुश्किलों का सामना करते हुए महिलाएं कई बार गुस्सा करती हैं और तनाव में रहती हैं। समय के साथ स्थितियां सामान्य भी हो जाती हैं, लेकिन कई बार दर्द भरे लम्हे के गुजर जाने के बाद भी उसकी कड़वी यादें साथ बनी रहती हैं। अगर किसी सिचुएशन में महिलाएं आपा खोने के बाद ऐसा व्यवहार करती हैं, जिससे किसी को दुख पहुंचे, किसी के मान-सम्मान को ठेस पहुंचे या जो खुद उनकी नजर में भी सही नहीं हो, तो बाद में बहुत ज्यादा पछतावा होता है। कई बार महिलाएं अपने पति, रिश्तेदारों या अपने दोस्तों के साथ ऐसा व्यवहार कर बैठती हैं और बाद में खुद को उस बात के लिए माफ करना उनके लिए मुश्किल हो जाता है। अगर आप भी ऐसी ही स्थिति से गुजर रही हैं तो परेशान ना हों। आज हम आपको बताने जा रहे हैं खुद को माफ करना क्यों इतना मुश्किल होता है और जिंदगी में आगे बढ़ने महिलाएं कैसे खुद को माफ कर सकती हैं। 

इसे जरूर पढ़ें: ब्रेकअप के बाद बेहतर तरीके से समझ आती हैं रिलेशनशिप से जुड़ी ये 4 बातें

भावनाओं पर काबू पाना है असली चैलेंज

forgiveness for wrong behaviour

हमारी खुशी की तरह हमारा गुस्सा भी ऐसा भाव है, जिस पर हमारा वश नहीं चलता। जब हमारे किसी व्यवहार के चलते कोई दुखी हो जाता है, परेशान हो जाता है तो हम खुद को कसूरवार मानने लगते हैं। गुस्सा, ईर्ष्या, लालच, आकर्षण जैसी भावनाएं बाद में महिलाओं को नकारात्मक बना सकती हैं। ऐसी चीजें जब तक हमारे जेहन में रहती हैं, तब तक हमारे लिए उनसे बाहर आना और सामान्य तरीके से व्यवहार करना बहुत मुश्किल होता है। ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि हम अपनी भावनाओं के वशीभूत होते हैं और उससे आगे की चीजों को सामान्य तरीके से नहीं देख पाते, इसीलिए ऐसी नेगेटिव फीलिंग्स पर काबू रखना बहुत जरूरी है। 

नेगेटिविटी छोड़कर आगे बढ़ने की जरूरत

कुछ महिलाएं अक्सर ही नेगेटिव सोचने के लिए प्रेरित होती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पॉजिटिव चीजों की बजाय नेगेटिव चीजें आसानी से ध्यान आकर्षित करती हैं और इनकी वजह से महिलाएं बहुत जल्दी टेंशन में भी आ जाती हैं। एक बार परेशान होने के बाद किसी तरह की क्राइसिस के लिए खुद को जिम्मेदार मानकर महिलाएं सोचती हैं कि वे पश्चाताप कर रही हैं। लेकिन लंबे समय तक खुद को तकलीफ में रखने पर ओवरऑल ग्रोथ प्रभावित होती है और महिलाओं के आत्मविश्वास में भी कमी आ जाती है।  

इसे जरूर पढ़ें: शादी के बाद ससुराल वालों के साथ रहने पर बहू को मिलते हैं ये 5 बड़े फायदे

गलती में सुधार करने से आसान होती है मुश्किल

forgive yourself to be happy

हर इंसान में कुछ ना कुछ कमजोरियां होती हैं, जो किसी खास स्थिति में नजर आने लगती हैं। किसी को कड़वे शब्द बोल देना, किसी की तकलीफ ना समझना, किसी के साथ अभद्रता से पेश आना ये चीजें एक अच्छे इंसान से भी हो सकती हैं अगर उसकी मन:स्थिति सही नहीं हो। मूल स्थिति में सुधार तभी आता है जब महिलाएं अपने उस व्यवहार को ठीक करने में समर्थ हो पाती हैं, जिसकी वजह से उनकी परेशानी बढ़ती है, लेकिन इस गलती में सुधार के बजाय वे दूसरों से कटकर रहने लगती हैं, एंजॉय करना छोड़ देती हैं, सोशलाइज नहीं करतीं, जिससे उनकी परेशानी कम होने के बजाय और बढ़ जाती है। ऐसे में अपनी कमियों पर गंभीरता से विचार कर उनमें खुद को बेहतर बनाना बहुत जरूरी है। 

खुद को माफ करने से मिलते हैं कई फायदे

how to forgive to stay happy

चाहें बात दूसरों को माफ करना हो या खुद को, महिलाओं को इससे कई फायदे मिलते हैं। जर्नल ऑफ हेल्थ साइकोलॉजी में कहा गया है कि दिमागी स्थिति अच्छी रखने के लिए किसी को माफ कर देना बहुत अच्छा है। कई स्टडीज में यह बात पाई गई है कि जो लोग दूसरों को माफ कर देते हैं, उनका स्ट्रेस लेवल कम रहता है। ऐसे लोगों की इम्यूनिटी अच्छी रहता है और वे ज्यादा एनर्जेटिक रहते हैं। जो लोग दूसरों को माफ कर देते हैं, उन्हें दिल की बीमारी होने का खतरा भी कम होता है। ऐसे लोगों की हेल्थ अच्छी रहने से उनके लंबी जिंदगी जीने के आसार बढ़ जाते हैं। ऐसे लोग ज्यादा अपनी रिलेशनशिप में भी दूसरों को खुश रखने में कामयाब होते हैं। माफ कर देने से नजरिया पॉजिटिव हो जाता है, जिससे अपने आसपास के लोगों की स्थितियों को बेहतर तरीके से समझने में आसानी होती है और इंसान ज्यादा अच्छी तरह से दूसरों से कनेक्ट स्थापित कर पाता है। क्रिमिनल बैकग्राउंड वालों को छोड़ दिया जाए, तो अपने गलत व्यवहार के लिए खुद को तकलीफ देने वाली महिलाओं के लिए खुद को माफ करना हमेशा अच्छा होता है और यह उनकी लाइफ को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होता है।