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    बिहार का यह स्कूल फीस की जगह लेता है कचरा, जानें वजह

    बिहार का अनोखा स्कूल के बारे में जानते हैं आप? यहां फीस के बदले देना होता है कचरा।
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    Updated at - 2022-11-21,12:54 IST
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    bihar takes plastic waste instead of fee

    बिहार के गया जिले के बोधगया में एक ऐसा स्कूल है जहां बच्चों से फीस के बदले कचरा लिया जाता है। आपको भी सुन कर हैरानी हो रही होगी लेकिन यह सच है। उनसे पढ़ाई करने के लिए कोई भी फीस नहीं ली जाती हैं। र्सिफ कचरा देकर आप आसानी से अपने बच्चे को पढ़ा सकते हैं।

    फीस के बदले सूखा कचरा लेती हैं स्कूल

    कई सरकारी स्कूल है जहां बच्चों को मुफ्त में पढ़ाया जाता है। वहीं बिहार का एक अनोखा स्कूल जहां बच्चों से फीस के बदले सूखा कचरा मंगवाया जाता है। बोधगया के बसाड़ी ग्राम पंचायत के सेवा बीघा में एक ऐसा ही स्कूल है जहां ना तो बच्चों से फीस ली जाती है और न ही उनसे पैसे मांगे जाते हैं। उन्हें र्सिफ पढ़ने के लिए रास्ते पर पड़ा सूखा कचड़ा लाना होता है। साथ ही उस कचरे को स्कूल के बाहर रखे कचरे के डिब्बे में रखना होता है।

    द्मपानी स्कूल कचरा को करवाते हैं री-साइकिल

     why this school in bihar takes plastic waste instead of fee

    पद्मपानी एजुकेशनल एंड सोशल फाउंडेशन से संचालित पद्मपानी स्कूल के बच्चों जो भी कचरा लेकर आते हैं उसे री-साइकिल होने के लिए भेजा जाता है। इन कचरा को बेच कर जो भी पैसा इकट्ठा होता है उन पैसों को बच्चों के लिए ही इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में स्कूल को काफी ज्यादा फायदा भी होता है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई भी हो जाती हैं।

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    कचरा बेचकर बच्चों को पढ़ाते हैं

    इन पैसों से ही बच्चों की पढ़ाई के लिए , खाना, कपड़ा और किताब खरीदा जाता है। साथ ही इन ही पैसों से टीचर को भी फीस दी जाती है। पद्मपानी स्कूल में बिजली का कनेक्शन तक नहीं है बल्कि इस स्कूल का संचालन सौर ऊर्जा से किया जाता है। बता दे कि इस स्कूल की शुरुआत साल 2014 में हुआ था लेकिन इस कार्य की शुरुआत साल 2018 से चल रहा है।

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    पद्मपानी एजुकेशनल एंड सोशल फाउंडेशन लोगों को करना चाहते हैं जागरुक

    संस्था के को फाउंडर राकेश रंजन आईएएनएस अपनी इस स्कूल के बारे में बात करते हुए कहते हैं कि- यह स्कूल बोधगया इलाके में स्थित है। यहां हर साल करीब हजारों की तादाद में टूरिस्ट घूमने आते हैं। ऐसे में यहां टूरिस्ट कई बार सड़को पर ही कचरा फेक देते हैं। ऐसे में जब भी बच्चे सड़कों से कचरा उठाते हैं वहां मौजूद लोग उन्हें देखकर जागरूक होते हैं। ऐसे में सड़क की सफाई के साथ ही लोग कचरा को लेकर जागरूक भी होते हैं।

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    Pic Credit: Freepik

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