करीना कपूर का शो वॉट वुमन वॉन्ट जब से शुरू हुआ है, करीना ने इसमें महिलाओं के मुद्दों को जोर-शोर से उठाया है। करीना शुरू से ही महिलाओं को कॉन्फिडेंट होने के लिए इंस्पायर करती रही हैं और अब जब कि वह इस शो में हर हफ्ते इंस्पायरिंग लेडीज के साथ नजर आती हैं, उनकी महिला सशक्तीकरण की मुहिम और तेज हो गई है। अब तक करीना के इस शो में अमृता राव, मलाइका अरोड़ा, सनी लियोनी, स्वरा भास्कर जैसी एक्ट्रेसेस आ चुकी हैं, जिन्होंने महिलाओं की जिंदगी से जुड़े अहम इशुज पर बात की है। इस बार करीना अपनी ननद यानी सैफ अली खान की प्यारी बहन सोहा अली खान के साथ नजर आईं, जिन्होंने कुछ वक्त पहले अपनी किताब The Perils of Being Moderately Famous रिलीज की थी और इन दिनों मॉम बनने की जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही हैं। करीना ने सोहा से पेरेंटिंग और सेलेब्रिटी मदर के चैलेंजेस पर बात की, जिस पर सोहा ने दिलचस्प जवाब दिए-

पहली बार चैट पर ननद-भाभी की जोड़ी

soha ali khan talk parenting issues with kareena kapoor inside

करीना कपूर और सोहा काफी अच्छे दोस्त हैं, दोनों अक्सर अपने बच्चों के साथ आउटिंग या हॉलीडे सेलिब्रेट करते नजर आते हैं, लेकिन यह पहली बार था, जब किसी फॉर्मल चैट शो में दोनों ने एक-दूसरे से बात की। करीना और सोहा ने इस दौरान खुलकर वुमन इशुज पर अपनी राय जाहिर की।

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परवरिश का होता है गहरा असर

सोहा ने करीना को बताया, 'जिस तरह से कुणाल खेमू ( की परवरिश हुई, वैसे हमारी नहीं हुई। हमारे यहां नैनी रहती थीं, हमारी मां (शर्मीला टैगोर) वर्किंग थीं, लेकिन कुणाल के यहां नैनी नहीं थीं। हम कई चीजों पर अलग राय रखते हैं। मैं प्री-स्कूल में बेटी इनाया को लेकर जाती हूं, तो कुणाल मुझसे पूछते हैं कि वहां कितने पेरेंट्स आए थे। इनाया की छोटी से छोटी चीज की मैं खूब सराहना करती हूं। वहीं कुणाल उस पर हमेशा बहुत ज्यादा अटेंशन नहीं देते, कभी खामोश भी रह जाते हैं, मैं उनसे कहती हूं, बेटी आपकी तरफ उम्मीद से देख रही है। कुणाल कहते हैं कि बेटी को जरूरत से ज्यादा अटेंशन देना भी सही नहीं। उसे नेचुरल भी रहने देना चाहिए। हमारे यहां स्वींग (झूला) नहीं था, उस पर कुणाल ने कहा, मैं नहीं चाहता कि इनाया के पास सबकुछ हो। अगर तैमूर के पास वैसा झूला है तो उसके लिए इनाया को तैमूर के पास जाने के लिए इंस्पिरेशन रहेगी। ऐसे में हम दोनों के नजरिए अलग हैं, लेकिन हम दोनों ही बेटी की अच्छी परवरिश करना चाहते हैं।

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बच्चों को रियलिटी से जोड़ना भी जरूरी

परवरिश पर सोहा ने कुणाल के बारे में जो कुछ कहा, उस पर करीना का कहना था, 'कुणाल की जैसी सोच है, कुछ वैसी ही सैफ अली खान की भी है। वह चाहते हैं कि बच्चा स्वाभाविक तरीके से सीखे और स्ट्रॉन्ग बने। सैफ ने बहुत कम उम्र में इंडस्ट्री में काम किया, स्ट्रगल किया और इसीलिए वह तैमूर की परवरिश को लेकर प्रैक्टिकल सोच रखते हैं। जरूरी नहीं है कि बच्चे को सबकुछ दिया जाए और हर वक्त एंटरटेन किया जाए, ऐसा करने पर बच्चा हमेशा अपने पेरेंट्स से उसकी उम्मीद रखता है। 

नैनी का रोल काफी अहम है

करीना कपूर ने जब सोहा से नैनी की अहमियत के बारे में पूछा तो सोहा का कहना था, 'बच्चा जब थोड़ा बड़ा हो जाए तो उस समय में नैनी की भूमिका काफी अहम हो जाती है। सिर्फ देखभाल ही नहीं, उसका प्यार-दुलार बच्चे के लिए काफी अहमियत रखता है। ऐसा व्यक्ति जो बच्चे के साथ अच्छी तरह से बातचीत करता है, उसके साथ अच्छा बॉन्ड विकसित करता है, बच्चे के लिए बहुत अहम है। जब हम छोटे थे तो हमारे पिता, जो प्रोफेशनल एथलीट थे, उन्होंने उस दौरान काम करना बंद कर दिया था, मां शूटिंग के लिए बाहर रहती थीं। हमारे पिता हमारा ध्यान रखते थे। हमारे लिए इसमें कुछ भी अलग होने जैसी बात नहीं थी। 

सोहा ने अपने पेरेंट्स से सीखीं ये बातें

सोहा ने बताया कि उनके अब्बा किसी बात के लिए सिखाने से ज्यादा करके दिखाने में यकीन रखते थे। उनके काम उनकी कही गई बातों से ज्यादा अहम हुआ करते थे। उन्होंने कभी ऊंची आवाज में बात नहीं की, लेकिन इस बारे में उन्होंने कभी कहा नहीं। और यह बात हमारे जेहन में बहुत गहराई तक गई कि शांत तरीके से व्यवहार करना कितना जरूरी है। अम्मा के लिए कहूंगी कि वह बड़ी बहन सबा और भाई सैफ की परवरिश के लिए काफी ज्यादा लगी रहीं। उस वक्त मैं छोटी थी, मेरे लिए भी वह काफी अटेंटिव रहती थीं। लेकिन जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने 'मिसिसिपी मसाला किया', दो महीने के लिए वह बाहर रहीं। मुझे याद है मैं उन दिनों उन्हें काफी ज्यादा मिस करती थी। कई बार वह मेरे बर्थडे भूल गईं, तब वह कहती थीं कि भूल गईं तो कोई बात नहीं, हम मिलकर बर्थडे सेलिब्रेट करेंगे। 

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सेलेब्रिटी किड्स की पेरेंटिंग कितनी चैलेंजिंग?

तैमूर जब से पैदा हुए हैं, तभी से मीडिया उनसे जुड़ी पल-पल की खबरें लोगों तक पहुंचाता रहता है। तैमूर की छोटी से छोटी एक्टिविटी भी लोगों के लिए बड़ी खबर बन जाती है। तैमूर की फैन फॉलोइंग भी बड़े सितारों जैसी है। इसी मुद्दे को उठाते हुए करीना ने सोहा से पूछा कि आज का समय पेरेंटिंग के लिहाज से कितना अलग है? इस पर सोहा का जवाब था, 'तैमूर के लिए लोग काफी ज्यादा क्रेजी हैं, हालांकि इनाया पर भी मीडिया खबरे चलाता है, लेकिन तैमूर के लिए दीवानगी उससे कहीं ज्यादा है। मुझे उसे लेकर चिंता होती है। अगर बच्चों पर जरूरत से ज्यादा अटेंशन दी जाए, तो इससे उनकी मासूमियत चली जाती है, वे अपनी स्वाभाविक जिंदगी नहीं जी पाते। मुझे याद है कि हमारी जिंदगी में कितनी ज्यादा प्राइवेसी होती थी, किसी को नहीं पता होता था कि हम अपनी जिंदगी में क्या कर रहे हैं। हर बच्चे को हक है कि वह अपनी जिंदगी का पूरा मजा ले और नेचुरल स्पेस में रहे। बच्चों के लिए बहुत जरूरी होता है कि वे नॉर्मल लाइफ जिएं, उनके लिए स्वीकार्यता हो, उनके दोस्त हों। अगर ऐसा नहीं होता तो लोग उनसे दूर हो जाते हैं, जिससे उनकी पर्सनेलिटी प्रभावित हो सकती है। 

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