कोविड-19 ने हमारी जिंदगियों पर इस तरह से असर डाला है कि कई लोगों के घर उजड़ गए हैं। जिस तरह का फाइनेंशियल असर लोगों पर पड़ा है उसके बारे में सिर्फ कल्पना मात्र से मन परेशान हो उठता है। ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने अपने बच्चे, माता-पिता, जान-पहचान वाले खोए हैं। ऐसे कितने लोग हैं जिन्होंने अपने साथी को खो दिया। कोविड-19 के कारण अपने पति को खोने वाली महिलाओं की कहानी बहुत दुखदाई है। हाल ही में मेरे पड़ोस के एक व्यक्ति की मौत हुई है। उनके बिजनेस संभालने वाले इंसान की मौत के बाद पत्नी को ये समझ नहीं आ रहा है कि वो अपने दुख के बीच आखिर कैसे पति के फाइनेंशियल लोन और उनकी प्रॉपर्टी की बात करे। 

ऐसे समय पर देखा जाता है कि महिलाओं को बहुत ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। कई घरों में जहां सिर्फ पति ही कमाने वाला था वहां तो मंज़र ही कुछ और है। कई घरों में रिश्तेदारों की नियती खराब हो जाती है तो कई जगहों पर ये समझना मुश्किल हो जाता है। एक रिपोर्ट कहती है कि उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान 

1,621 टीचर्स की सिर्फ ड्यूटी करते समय कोविड से मौत हो गई। हालांकि, सरकार ने इस दावे को खारिज किया है, लेकिन सही मायनों में देखा जाए तो लगभग हर तीसरे घर में किसी न किसी की मौत की खबर इस दौरान सुनी गई है। ऐसे में क्यों न हम उन बातों पर विचार करें कि आखिर कोविड के कारण विधवा हुई महिलाओं के पास इस वक्त क्या ऑप्शन हैं और कानून और सरकार द्वारा उनकी कितनी मदद की जा सकती है? 

पति की मौत के बाद पत्नी के कानूनी अधिकार क्या हैं?

पति की मौत के बाद पत्नी के कानूनी अधिकारों के बारे में जानने के लिए हमने एडवोकेट अंकुर बाली से बात की। अंकुर जी ने हमें बताया कि कानून में पत्नि को Class I Legal Heir का दर्जा दिया गया है। पत्नी के पास भी पति की चल और अचल संपत्ती पर उतना ही अधिकार है जितना अन्य क्लास 1 लीगल वारिस के पास होता है जैसे मां, पिता, बेटा, बेटी। पत्नी अपने हक के लिए कानूनी लड़ाई लड़ सकती है और संपत्ती मांग सकती है। सिर्फ उसी कंडीशन पर पत्नी को कोई अधिकार नहीं मिलेगा जहां पति ने मरने से पहले कोई वसीहत लिखी है जिसमें अपनी संपत्ती पत्नी या किसी अन्य लीगल वारिस को देने से मना किया है।

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कोविड-19 से मरने वालों को मिलेगी ये सरकारी पेंशन-

यहां दो बात समझने वाली है। पहली ये कि ये पेंशन उन कर्मचारियों को दी जाएगी जो  Employees’ State Insurance Corporation (ESIC) द्वारा रजिस्टर्ड हैं और दूसरी ये कि इसके तहत  Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) द्वारा EDLI स्कीम में रजिस्टर्ड कर्मचारियों को भी फायदे मिलेंगे। पर ये कोई नई स्कीम नहीं है पहले से ही मौजूद स्कीम्स में थोड़े से बदलाव किए गए हैं। 

क्या है ESIC स्कीम के फायदे?

जो भी इंसान इस स्कीम के लिए एलिजिबल होगा उसके सभी डिपेंडेंट परिवार के सदस्य भी उसके दैनिक वेतन मान का 90 प्रतिशत हिस्सा पेंशन के रूप में लेने के लिए एलिजिबल होंगे। मौजूदा नियमों के हिसाब से ये फायदे मार्च 24, 2020 से लेकर मार्च 24, 2022 तक दिए जाएंगे। 

इस स्कीम का फायदा तभी मिलेगा जब इंश्योरेंस के लाभार्थी ने कोविड होने और उसके कारण मौत होने से कम से कम तीन महीने पहले ESIC के ऑनलाइन पोर्टल में रजिस्टर करवा लिया होगा।  

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EPFO-EDLI स्कीम के फायदे और प्रोसेस- 

EPFO-EDLI स्कीम के तहत अधिकतम इंश्योरेंस फायदे को 6 लाख से बढ़ाकर 7 लाख कर दिया गया है। इसके तहत न्यूनतम इंश्योरेंस फायदे को 2.5 लाख कर दिया गया है और ये पिछले साल फरवरी से अगले तीन सालों तक जारी रहेगा। 

सरकार ने एलिजिबिलिटी कंडीशन में बदलाव किया है और अब ये फायदे उन लोगों को भी मिलेंगे जिन्होंने पिछले 12 महीने में अपनी नौकरी बदली है और कोविड के कारण उसकी मौत हो गई है। 

ईपीएफओ द्वारा रजिस्टर्स सभी एलिजिबल कर्मचारियों के बचे हुए परिवार वालों को ये फायदे दिए जाएंगे।  

ऐसा माना जा रहा है कि इन स्कीम्स के अंतरगद करीब 6.53 करोड़ परिवार एलिजिबल होंगे।   

  

राज्य सरकारों की पेंशन स्कीम्स- 

राज्य सरकारों ने अलग-अलग तरह से कोविड से विधवा हुई महिलाओं की मदद करने के लिए स्कीम्स निकाली हैं।  

उड़ीसा सरकार ने केंद्र सरकार की तरह अपने राज्य में चलने वाली मधु बाबू पेंशन योजना के नियमों में बदलाव किए हैं जिससे अब ये फायदे कोविड से विधवा हुई महिलाओं को भी मिलेंगे। 

बिहार सरकार ने ये फैसला लिया है कि वो अपने राज्य के अंतरगत चलने वाली लक्ष्मी बाई पेंशन योजना में बदलाव करेगी और अब इसका फायदा कोविड से विधवा हुई महिलाओं को भी मिलेगा। इसके अंतरगत वो सभी महिलाएं आति हैं जो इंदिरा गांधी विधवा पेंशन स्कीम का हिस्सा नहीं हैं और जिनके परिवार की आय 60,000 रुपए सालाना से कम है। 

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अगर पति एकलौता कमाने वाला इंसान था और घर के हालात ठीक नहीं हैं तो पत्नी के पास और कौन से रास्ते हैं? 

महिला अपने पति की संपत्ती के लिए अपना हक मांग सकती है। कानूनी तौर पर पत्नी का पति की प्रॉपर्टी पर भी हक होता है। 

  • अगर पति केंद्र सरकार की स्कीम्स में एलिजिबल था तो पत्नी पेंशन के लिए आवेदन दे सकती है। 
  • अपने राज्य की पेंशन स्कीम के बारे में पता कर सकती है जो केंद्र सरकार के अंतरगत नहीं आती हो। 
  • कई राज्यों में विधवा पेंशन योजना का लाभ लिया जा सकता है। 
  • पति की मौत के बाद सरकार की इंदरा गांधी विधवा पेंशन योजना के लिए अप्लाई किया जा सकता है।  

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कोविड विधवाओं को नौकरी दिलाने वाली वेबसाइट- 

CovidWidows.in नामक एक वेबसाइट है जो कोविड से विधवा हुई महिलाओं को नौकरी दिलाने के लिए मदद करती है। बॉलीवुड स्टार करीना कपूर ने भी इस वेबसाइट की जानकारी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की थी। ये पहल उन महिलाओं के लिए की गई है जिन्होंने कोविड के कारण अपने पार्टनर को खो दिया है। इस वेबसाइट में काउंसलिंग, नौकरी के अवसर और अन्य कई सपोर्ट मौजूद हैं। पहले महिलाओं को इस वेबसाइट पर रजिस्टर करवाना होगा और उसके बाद वो मदद मांग सकती हैं।  

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क्या न करें ऐसे समय में? 

फेक क्लेम्स से दूर रहें। ऐसी कई फेक साइट्स, सोशल मीडिया मैसेज आदि आ रहे हैं जो ये दावा भी कर रहे हैं कि केंद्र सरकार सभी महिलाओं को 5 लाख का मुआवजा दे रही है जो कोविड-19 के कारण विधवा हुई हैं। हाल ही में इसे लेकर PIB ने एक फैक्ट चेक भी किया था।  

  

केंद्र सरकार और अलग-अलग राज्यों में बहुत सारी स्कीम्स सामने तो आई हैं, लेकिन किसी में भी सीधे मुआवजा देने की बात नहीं कही गई है।  ऐसे किसी भी दावे पर यकीन न करें और अपनी पर्सनल जानकारी, अकाउंट नंबर आदि किसी से शेयर न करें।  

मुश्किल के इस वक्त में हम दूसरों की मदद कर ही आगे बढ़ सकते हैं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।