कहते हैं मां का आंचल एक बच्चे के लिए सबसे बड़ा वरदान होता है। हम ये चाहते हैं कि उनका साया हमारे सिर पर हमेशा बना रहे, लेकिन ये दुनिया इतनी निष्ठुर है कि लोग अपनी मां को ही घर से बाहर निकाल देते हैं। हाल ही में कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच एक ऐसी कहानी देखने को मिली जिसने आंखों में आंसू ला दिए। ये कहानी है 70 साल की लीलावती केदारनाथ दुबे की जो अपने बीमार बेटे की सेवा करने आईं और फिर उसी बेटे ने उन्हें लॉकडाउन के बीच घर से निकाल दिया।

साल 2020 में हमने काफी कुछ देख लिया है। पहले वर्ल्ड वॉर का खतरा, फिर कोरोना, फिर चक्रवाती तूफान भी एक के बाद एक परेशान कर रहे हैं, कहीं से टिड्डे उड़कर आ रहे हैं, भारत में कोरोना वायरस लॉकडाउन के तीन महीने हो गए हैं, लेकिन इस सबके बीच कई ऐसी कहानियां सामने आई हैं जिन्होंने कुछ अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। लीलावती की कहानी भी उन्हीं में से एक है। सबसे पहले यूट्यूब चैनल Mojo story ने उनके बारे में दिखाया था। लीलावती दादी के बारे में जानकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनकी मदद करने को लेकर पहल भी की।

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क्या हुआ लीलावती दादी के साथ?

लीलावती जी मुंबई के एक रेलवे स्टेशन पर अकेली बैठी ट्रेन का इंतज़ार कर रही थीं। जब उनसे इस बारे में पूछा गया कि आखिर वो यहां किसका इंतज़ार कर रही हैं तब उनकी आंखें भर आईं। उन्होंने बताया कि वो दिल्ली से मुंबई अपने बीमार बेटे को देखने और उसकी सेवा करने आई थीं। जब बेटा ठीक हो गया तो उसने अपनी मां को धक्के मारकर घर से निकाल दिया। लीलावती जी को उसने चार बार मारा भी। लीलावती जी पैदल बांद्रा स्टेशन पर आईं और लोगों के द्वारा दिए जा रहे खाने पर वो निर्भर थीं। वो दिल्ली जाना चाहती थीं पर दिल्ली में मौजूद उनके छोटे बेटे ने भी उन्हें रखने से इंकार कर दिया।

story of leelavati dadi

अपने पति को याद करते हुए लीलावती जी का कहना था कि वो बहुत अच्छे आदमी थे और अब उनके बेटों को सिर्फ पैसे चाहिए। उनके बेटे कहते हैं कि वो पागल हो गई हैं।

हो सकता है उनके बारे में सुनकर आपको अजीब लगे। यकीनन जिस महिला ने बच्चों को पाल-पोसकर बड़ा किया उसके बेटे अगर इस तरह की हरकत करें तो दिल दुखता है।

अब क्या हालत है लीलावती जी की?

अब आपको ये जानकर खुशी होगी कि उन्हें दिल्ली के एक परिवार ने अडॉप्ट कर लिया है। युवा समाज सेवी किरन वर्मा ने अपने घर पर बुलाया है और अपनी मां की तरह ही वो उनकी सेवा कर रहे हैं।


वो लगातार लीलावती जी की सेहत को लेकर अपडेट भी देते रहते हैं।

इसी बीच ट्विटर पर उनका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें वो बता रही हैं कि वो पहली बार राजधानी ट्रेन में बैठी हैं।

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लीलावती जी की कहानी ये बताती है कि जिंदगी के किसी भी मोड़ पर हमारे अपने हमें धोखा दे सकते हैं। लीलावती जी के साथ जो हुआ उसने ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर बेटे अपनी मां के साथ ऐसा बर्ताव कैसे कर सकते हैं।



ये जानकर हमें बहुत खुशी है कि दिल्ली के एक परिवार के साथ अब वो सुरक्षित हैं। ऐसी कई कहानियां हमें ये सिखा जाती हैं कि दुनिया में बहुत बुरे लोग हैं पर कुछ अच्छे लोग भी हैं। जहां महामारी के बीच कई बॉलीवुड एक्टर्स भी मदद के लिए सामने आए हैं वहीं कई नेता और सोशल वर्कर भी अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार लोगों की मदद कर रहे हैं। हमारी आपसे भी अपील है कि अगर कोई ऐसा व्यक्ति आपको दिखे जिसकी किसी भी तरह से आप मदद कर सकें तो जरूर करें। मुश्किल की इस घड़ी में औरों के काम आना ही सबसे जरूरी है।

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All Photo Credit: Twitter kiran verma