भारत की सबसे उम्रदराज योग शिक्षक वी. नानम्‍मल का कोयंबटूर में निधन हो गया। बीते कुछ दिनों से वह बेड रेस्‍ट पर थीं। पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित वी. नानम्‍मल ने अपने पूरे जीवनकाल में 10 लाख से ज्‍यादा स्‍टूडेंट्स को योग सिखाया था। उन्‍हें प्‍यार से उनके स्‍टूडेंट्स योगा अम्‍मा कहकर पुकारते थे। वे देश की सबसे बुजुर्ग महिला योग प्रशिक्षक थीं। वी. नानम्मल के परिवार के लोगों ने बताया कि ''कुछ दिनों पहले उन्होंने खुद ही अपनी मृत्यु की भविष्यवाणी करते हुए परिवार को बताया कि 48 दिनों के अंदर उनकी मृत्यु हो जाएगी, और ठीक ऐसा ही हुआ। परिवार ने बताया कि नानम्मल द्वारा बताई गई मृत्यु की तारीख से ठीक 8 दिन पहले ही उनकी मृत्यु हो गई।

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जी हां कोयम्बटूर में रहने वाली 99 साल की दादी अम्मा योग में लगभग हर किसी को मात देती थीं। नानम्मल 99 साल की उम्र में भी हर रोज योग करती थीं। न केवल योग करती थीं, बल्कि हर रोज 100 बच्चों को योग की ट्रेनिंग देती थीं। जैसा कि हम आपको बता चुके है कि उन्‍होंने 10 लाख लोगों को योग की ट्रेनिंग दी थीं। उनके सिखाए करीब 600 स्टूडेंट्स दुनियाभर में योग इंस्ट्रक्टर के रूप में काम कर रहे हैं। 

 

Oldest Yoga Teacher

वी. नानम्मल एक अद्भुत और उत्साही योग प्रेमी हैं, वे अपने बचपन के दिनों की तरह इस उम्र में भी रोज योगा करती थीं। उनका रुटीन और अच्‍छी हेल्‍थ आज की युवा पीढ़ी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उन्‍होंने 8 साल की उम्र से ही योग कर रही थीं। उन्‍होंने योग की ट्रेनिंग पिता से ली थीं। नानाम्मल ने शादी के बाद नेचुरल चिकित्सा की ओर फोकस किया। अपने पूरे जीवन में उन्होंने योग का अभ्यास कभी नहीं रोका और यही उनके अच्छी हेल्‍थ का सीक्रेट है।

 

पहले नानम्‍मल अपने ही घर में ही योग सिखाती थीं। इसके बाद उन्होंने एक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और इस प्रतियोगिता से उन्हें एक अलग पहचान मिली। अब तक नानाम्मल 100 से ज्‍यादा प्रतियागिताओ में भाग ले चुकी थीं।

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योगा हमारे शरीर के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है यह बात उन्‍होंने अपना उदाहरण देकर साबित किया। 99 साल की उम्र में भी वह हर तरह के योग करती थीं। उनकी योग मुद्राओं को देखकर कोई भी उनकी उम्र का अंदाजा नहीं लगा सकता था। उनकी जीती हुर्ई ट्रॉफियां योग को लेकर उनकी प्रतिबद्धता का सबूत है।