खाने को बर्बाद करना अच्‍छी आदत नहीं है, लेकिन जब वह खराब हो जाए तो क्‍या किया जाए? खासतौर पर दूध को खराब होने पर फेंकने के लिए मना किया जाता है। अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि इसे आप विभिन्न तरीकों से उपयोग में ला सकती हैं। कुछ दिनों पहले तेलुगु एक्‍ट्रेस समांथा अक्किनेनी ने अपनी इंस्टाग्राम स्‍टोरी के माध्‍यम से फैन्‍स के साथ एक ऐसा ही नुस्‍खा शेयर किया था। जी हां घर पर आर्गेनिक फार्म उगाने से लेकर हेल्‍दी फूड खाने तक, एक्‍ट्रेस समांथा अक्किनेनी इंस्‍टाग्राम के माध्‍यम से अपने फैन्‍स के साथ फिटनेस टिप्‍स शेयर करती रहती हैं। हाल ही में एक्‍ट्रेस समांथा ने बताया कि कैसे कोई एक्सपायर्ड दूध को फेंकने की बजाय इसका इस्‍तेमाल पौधों की देखभाल के लिए कर सकता है। 

इंस्टाग्राम स्‍टोरी में समांथा ने एक नोट पोस्ट करके लिखा, "एक्सपायर्ड दूध को फेंकने की जरूरत नहीं है बल्कि इसका इस्‍तेमाल करके हम अपने घर में मौजूद पौधों को और हरा-भरा कर सकते हैं।'' उन्होंने अपने चमकदार हरे-ताजे पौधों की फोटो भी इंस्टाग्राम स्‍टोरी में शेयर की थी।

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चमकदार पत्तियों को पाने के लिए दूध का उपयोग करना

  • दूध सिर्फ मानव शरीर के लिए ही अच्छा नहीं होता है, बल्कि यह एंटीफंगल और कीटनाशक गुणों के अलावा बगीचे के लिए उर्वरक के रूप में भी काम करता है। दूध में कैल्शियम की प्रचुर मात्रा पौधों को बढ़ने में मदद करती है और उन्‍हे सड़ने से भी बचाती है। आमतौर पर आर्द्र मौसम में कैल्शियम की कमी के कारण टमाटर, काली मिर्च और स्क्वैश जैसे पौधे सड़ते या गलते हैं।
  • दूध का इस्‍तेमाल अगर आप थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पौधों की जड़ों में करती हैं तो इससे उनकी ग्रोथ अच्छी होती है। टमाटर के पौधे में अक्सर फटे दूध का पानी डालना ज्यादा फायदेमंद होता है। इस पौधे से आने वाले फल और सब्जियां ज्यादा पौष्टिक होती हैं। 
  • दूध में आवश्यक प्रोटीन और विटामिन बी भी होते हैं जो पौधों के समग्र स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। लेकिन इस बात का ध्‍यान रखें कि आपको पौधों के लिए इसके बहुत ज्‍यादा इस्‍तेमाल से बचना चाहिए। 
 
  • मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए दूध के इस्तेमाल के कुछ सकारात्मक रिपोर्ट सामने आई है। यूनिवर्सिटी ऑफ वरमोंट एक्सटेंशन के ब्रिजेट जैमिसन हिल्सी और सिड बोसवर्थ द्वारा किए गए शोध के अनुसार, दूध के छिड़काव से पौधों के विकास के साथ मौसमी रोगजनकों और विनाशकारी मिट्टी के कीड़ों की उपस्थिति को  हटाया जा सकता है। इसके अलावा दूध से हवा और पानी को अवशोषित करने के लिए मिट्टी की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। 
  • एफिड को नियंत्रित करने के लिए दूध का उपयोग किया जा सकता है। पंजाब यूनिवर्सिटी, भारत द्वारा किए गए शोध से पता चला है कि गाय के दूध का उपयोग एफिड्स, थ्रिप्स और स्पाइडर माइट्स के खिलाफ प्रभावी होता है।
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पौधों पर दूध का इस्‍तेमाल कैसे करें?

  • आप किसी भी प्रकार के दूध का इस्‍तेमाल कर सकती हैं लेकिन यह पतला होना चाहिए। जी हां इसे पानी में घोल कर ही प्रयोग करें क्‍योंकि यह बहुत ज्‍यादा एसिडिक होता है जिससे पौधे जल सकते हैं। 
  • पानी के साथ दूध मिलाएं और लिक्विड को स्प्रे बोतल में डालें। 
  • पौधों की पत्तियों पर मिश्रण का छिड़काव करें। 
  • 30 मिनट बाद जब दूध पूरी तरह से पत्तियों में अवशोषित हो जाए तो एक गीले कपड़े से पत्तियों की सतह पर लगे एक्‍स्‍ट्रा दूध को हटा दें। ऐसा करने से पौधों में फंगल इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है।

पौधों के लिए दूध का उपयोग करते समय इन बातों का रखें ध्यान

अगर एक्‍स्‍ट्रा दूध पौधों में बचा रह जाए तो इसे फौरन हटा दें। इससे पहले से खराब हो चुके दूध में बैक्टीरिया के बढ़ने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं जो आपके पौधों को सड़ा सकती हैं और वह हरे भी दिखाई नहीं देते हैं। 

आप भी अपने पौधों की देखभाल के लिए एक्‍सपायर्ड दूध का इस्‍तेमाल कर सकती हैं। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

Image Credit: Instagram.com (@samantharuthprabhuoffl)