ब्रेस्टफीडिंग को लेकर भारत में बहुत सी बातें होती हैं। वैसे देखा जाए तो ये कुछ और नहीं बल्कि बच्चों का आहार है। वयस्क तो भीड़ में अपना खाना खा लेते हैं, लेकिन बच्चों का क्या? महिलाओं को पब्लिक में ब्रेस्टफीड करवाने के लिए भी काफी कुछ सुनना पड़ता है। बच्चा रोता-बिलखता रहे, लेकिन महिलाओं को ब्रेस्टफीड करवाने की कोई स्थान नहीं मिलता। भले ही कितनी भी जागरुकता फैलाने की कोशिश की जाए, लेकिन फिर भी महिलाओं के लिए ये अभद्रता मानी जाती है जब्कि ऐसा कुछ भी नहीं है। बच्चों को स्तनपान करवाना तो प्राकृतिक है और ये जरूरी भी है। 

ऐसे में महिलाओं की सुविधा के लिए अब धीरे-धीरे पब्लिक जागरुक हो रही है। सरकार भी धीरे-धीरे इसके लिए नियम बना रही है। उत्तर प्रदेश में अब इसी तरह से नई पहल हो रही है। दिल्ली और कोयंबटूर जैसे शहरों में जगह-जगह ब्रेस्टफीडिंग सेंटर खुल गए हैं, उत्तरप्रदेश में भी ताज महल में कई ब्रेस्टफीडिंग क्यूबिकल खुले हैं। अब यूपी के बस स्टैंड पर भी ऐसा होगा। 

Breastfeeding in India

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कहां से मिली जानकारी-

UPSRTC के मैनेजिंग डायरेक्टर राज शेखर ने अपने एक बयान में कहा है कि इसकी जरूरत लंबे समय से महसूस हो रही थी। अब इसकी अहमियत और जरूरत को देखते हुए UPSRTC बोर्ड ने ये प्रोजेक्ट पारित कर दिया है। ये UPSRTC के सभी बस स्टैंड पर लगाए जाएंगे। ये ठीक उसी तरह होंगे जैसे देश के अन्य स्थानों पर लगाए गए हैं। 

Breastfeeding cubicle up

पहले फेज में यूपी के 242 बस स्टैंड में से 23 में ये क्यूबिकल बनाए जाएंगे। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए 2.5 करोड़ की ग्रांट भी रिलीज हो गई है और अब धीरे-धीरे ये प्रोजेक्ट और आगे बढ़ेगा। 

क्योंकि ये क्यूबिकल 40×40 mm डायमेंशन के बनेंगे इसलिए हल्के स्टील के मटेरियल का इस्तेमाल होगा जो आसानी से ट्रांसपोर्ट भी किया जा सकेगा। ये इतना स्पेस वाला होगा कि बच्चे की देखभाल की जा सकती है उनका डायपर बदला जा सके और बच्चे को स्तनपान करवाया जा सके। 

ये पहल बहुत अच्छी है क्योंकि इससे लोगों में न सिर्फ ब्रेस्टफीडिंग को लेकर जागरुकता बढ़ेगी बल्कि इससे मां को शर्मिंदगी भी नहीं झेलनी पड़ेगी। भले ही कितनी भी कोशिश कर लें हमारे देश में ब्रेस्टफीडिंग को बहुत अजीब नजर से देखा जाता है और ऐसे में अगर सरकार की तरफ से ऐसी पहल होती है तो यकीनन महिलाओं को आज़ादी का अनुभव होगा। 

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देश में कई जगह आया है ऐसा परिवर्तन- 

ऐसा नहीं है कि यूपी बस स्टैंड पहले होंगे जहां ब्रेस्टफीडिंग क्यूबिकल होंगे। कोच्ची के कई मेट्रो स्टेशन पर, भारत के कई रेलवे स्टेशन पर, दिल्ली में कई जगह ब्रेस्टफीडिंग क्यूबिकल बन चुके हैं। अब ये और भी ज्यादा फैल रहे हैं। ताज महल जैसी चर्चित टूरिस्ट डेस्टिनेशन में भी इसी तरह के क्यूबिकल खुल रहे हैं। ये नया बदलाव न सिर्फ नई मां के लिए अच्छा है बल्कि बच्चों के लिए सेहतमंद भी है। एक रिपोर्ट कहती है कि भारत में सिर्फ 55% बच्चों के ठीक तरह से ब्रेस्टफीडिंग मिल पाती है जब्कि बाकियों को इसका फायदा पूरी तरह से नहीं मिल पाता। ऐसे में ब्रेस्टफीडिंग को लेकर मां के लिए भी जागरुकता बढ़ेगी। साथ ही, ट्रैवल करते समय भी बच्चा भूखा नहीं रहेगा। न ही वो परेशान होगा। मां को ये सुविधा मिलेगी कि वो किसी भी वक्त अपने बच्चे को स्तनपान करवा सके।