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सोमवती अमावस्या में महाकुम्भ के शाही स्नान में दिखा भक्तों का जमावड़ा, देखें तस्वीरें

हरिद्वार महाकुम्भ के दूसरे शाही स्नान के दिन भक्तों की भीड़ देखते ही बन रही थी। आप भी तस्वीरों में देख सकते हैं स्नान का अद्भुत नज़ारा। 
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Published - 13 Apr 2021, 11:23 ISTUpdated - 13 Apr 2021, 11:42 IST
Pallav Paliwalmahakumbh somvati amavasya main

सोमवती अमावस्या के दिन महाकुम्भ के शाही स्नान में भक्तों की भीड़ का अद्भुत नज़ारा वास्तव में आश्चर्य में डालने वाला था। भक्तजन कोरोना को भूलकर हरिद्वार महाकुम्भ में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे। प्रशाशन भी इस दौरान किसी अनहोनी की आशंका से पूरी से सतर्क दिखा और बिना किसी बड़ी घटना के दूसरा शाही स्नान संपन्न हो गया। एक रिपोर्ट के अनुसार कुंभनगरी हरिद्वार में महाकुंभ के शाही स्नान पर सभी 13 अखाड़े के साधुओं ने एक-एक करके गंगा में डुबकी लगाई।

जिसमें सात सन्यासी अखाड़े, तीन बैरागी व तीन वैष्णव अखाड़े हर की पैड़ी ब्रह्मकुंड पर शाही स्नान करते दिखे। सबसे पहले निरंजनी अखाड़ा ने हर की पौड़ी पर पहुंचकर गंगा में स्नान किया। इस तरह पूरे दिन शाही स्नान का सिलसिला चलता रहा। आप भी तस्वीरों में भक्तों को आस्था की डुबकी लगाते देख सकते हैं। 

1उमड़ी भक्तों की भीड़

bhakt jan snan

हमारे देश में किसी भी त्यौहार में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है और जब बात हो महाकुम्भ की, तो भला भक्त जन पीछे कैसे रह सकते हैं। ऐसा ही नज़ारा सोमवती अमावस्या के दिन हरिद्वार में महाकुम्भ के शाही स्नान के दिन देखने को मिला। शाही स्नान में हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ जमा हो गई। 

2कोरोना गाइडलाइन्स का पालन मुश्किल

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korona  ki guidelines

उत्तराखंड पुलिस प्रशाशन ने सुरक्षा के सभी इंतज़ाम किये थे लेकिन भक्तों को संभालना मुश्किल था। भक्तों ने कोरोना को भुलाकर गंगा स्नान किया और आस्था में डूब गए। हालांकि कोरोना के कहर से वहां के साधु भी अछूते नहीं हैं और कुछ ही दिनों पहले भारी संख्या में पॉज़िटिव केसेस पाए गए हैं। शाही स्नान में पूरी तरह से कोरोना गाइडलाइन्स की धज्जियां उड़ गईं। 

3कुछ भक्त मास्क में दिखे

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corona mask

इतनी ज्यादा भीड़ और सामजिक दूरी का नियम तोड़ते हुए भी कुछ भक्त अपनी सुरक्षा के लिए मास्क लगाए हुए नज़र आये। हालांकि पूरे समय भक्तों में कोरोना का खतरा मंडराता नज़र आया। 

4भक्ति में लीन दिखे नागा साधु

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bhakti me sadhu

महाकुम्भ में आमतौर पर नागा साधुओं का जमावड़ा देखने को मिलता है। शाही स्नान में भी ऐसा ही दृश्य दिखा। भारी संख्या में अलग -अलग अखाड़ा  के नागा साधु भक्ति में डूबे हुए नज़र आए। शरीर पर भभूत लपेटे हुए और बालों की जटाओं को समेटे हुए नागा भक्त आंखें बंद किए भक्ति में लीन हो गए। 

 

5भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी

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astha ki dubki

महाकुम्भ 12 साल बाद होता है और निश्चय ही इसमें स्नान करना पापों से मुक्ति दिलाता है। सोमवती अमावस्या के शाही स्नान का अलग ही महत्त्व है। कहा जाता है इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से सभी पाप धुल जाते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति भी होती है। भारी संख्या में भक्तों ने शाही स्नान में गंगा में डुबकी लगाकर पापों से मुक्ति पाई। 

6हरकी पैड़ी सिर्फ अखाड़े के साधुओं के लिए

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har ki paudhi

शाही स्नान के लिए हरकी पैड़ी सिर्फ सभी अखाड़े के साधुओं के लिए रिज़र्व की गयी थी और इसमें सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम किये गए थे। अखाड़े के साधुओं ने भक्ति में डूबकर गंगा में डुबकी लगाई। 

 

7निरंजन अखाड़ा ने किया पहला स्नान

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niranjan akhada dubki

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हर की पौड़ी पर पहुंचकर निरंजनी अखाड़े के संतों ने सबसे पहले शाही स्नान किया। उसके बाद क्रमशः जूना अखाड़ा व अग्नि अखाड़ा, आवाहन और किन्नर अखाड़ा के साधुओं ने स्नान किया। 

8साधुओं ने की परिक्रमा

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parikrama mahakumbh

अखाड़े के साधुओं ने डुबकी लगाने के साथ महाकुम्भ क्षेत्र की परिक्रमा की। जिसमें सभी साधु भक्ति में विलीन होकर धूमते दिखे।