एक मां बनना किसी स्त्री के लिए इतना भी आसान नहीं है। बच्चे के जन्म से लेकर उसकी परवरिश के दौरान एक मां को कई चैलेंजेस का सामना करना पड़ता है। इनमें सबसे बड़ा चैलेंज यह होता है कि बच्चे को कब प्यार किया जाए और कब उसके साथ थोड़ी सख्ती बरती जाए। हर मां अपने बच्चे के लिए जीवन में बेस्ट ही चाहती है और इसलिए उसे उस बेस्ट के काबिल बनाने के लिए थोड़ी सख्ती बरतनी बेहद आवश्यक होती है। अगर मां हर वक्त अपने प्यार की छांव में बच्चे को रखती है, तो वह कभी भी खुद को जीवन की कड़ी धूप के लिए तैयार नहीं कर पाता। इसलिए मां को अपने प्यार व सख्ती के बीच एक बैलेंस बनाकर चलना होता है। लेकिन कई बार बच्चे को अनुशासित और आत्मविश्वासी बनाते-बनाते आप उनके साथ बेहद कठोर हो जाती हैं और आपको इसका पता तक भी नहीं चलता। लेकिन जब आप जरूरत से ज्यादा स्ट्रिक्ट हो जाती है तो बच्चे में आने वाले बदलावों के जरिए इसे बेहद आसानी से पहचान सकती हैं। तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे ही संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जो यह बताते हैं कि आप एक ओवर स्ट्रिक्ट मदर हैं-

बहुत अधिक चिल्लाना

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बच्चों के साथ सख्ती बरतते समय उन पर थोड़ा गुस्सा करना लाजमी है, लेकिन अब अगर आप उन पर हरवक्त ही चिल्लाने लगी हैं। फिर भले ही उन्होंने कोई गलती ना की हो। आपका यह व्यवहार बताता है कि आप बहुत ज्यादा सख्त है। हालांकि इस तरह का व्यवहार आपके बच्चे को अनावश्यक ही तनाव दे सकता है। इतना ही नहीं, आपके इस व्यवहार का विपरीत असर आपके और बच्चे के आपसी संबंधों पर भी पड़ेगा।

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बच्चे का बहुत अधिक झूठ बोलना

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बच्चे का हर छोटी-छोटी बात पर झूठ बोलना भी एक इशारा है, जिसे आपको समझना चाहिए। याद रखें कि बच्चा आपसे केवल तभी झूठ बोलता है, जब उन्हें लगता है कि आपसे सच कहना उनके लिए एक बुरा परिणाम साबित हो सकता है। वे आपको सच बताने के लिए आपसे बहुत डरते हैं।

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फ्री टाइम ना होना

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बच्चे को अनुशासित रखने के लिए हर काम समय पर होना आवश्यक है। लेकिन अगर आपका बच्चा हमेशा टाइमटेबल का ही पालन करता है और उसके पास खेलने के लिए समय बेहद कम होता है। या फिर वे पूरे दिन में उन चीजों को नहीं करते हैं, जो उन्हें पसंद हैं, तो संभावना है कि आप उनके साथ बहुत सख्त हो रही हैं। यकीनन, बच्चे के लिए पढ़ना और नई चीजें सीखना बेहद जरूरी है, लेकिन उनके लिए कुछ खाली समय का होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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बातें शेयर ना करना

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एक मां और बच्चे का आपसी रिश्ता ऐसा होना चाहिए, जिसमें बच्चा अपने मन की हर बात बेहद आसानी से मां के साथ शेयर कर पाए। लेकिन अगर बच्चा आपसे अपनी बातें शेयर करना बंद कर देता है तो यह भी एक संकेत है, जिसे आपको बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बच्चा ऐसा इसलिए करने लगता है, क्योंकि वह आपके सख्त व्यवहार से मन ही मन डरने लगता है। उसके बाद वह अपनी बातें आपके साथ शेयर करने में सहज महसूस नहीं कर पाता।

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