• ENG
  • Login
  • Search
  • Close
    चाहिए कुछ ख़ास?
    Search
author-profile
  • Mitali Jain
  • Editorial

यह संकेत बताते हैं कि पॉटी ट्रेनिंग के लिए तैयार है आपका बच्चा

अगर आप बच्चा पॉटी ट्रेनिंग के लिए तैयार हो चुका है तो ऐसे में आपको कुछ संकेत नजर आ सकते हैं।
author-profile
  • Mitali Jain
  • Editorial
Published -17 Jun 2022, 13:00 ISTUpdated -17 Jun 2022, 12:38 IST
Next
Article
baby care

जब बच्चा छोटा होता है तो वह टॉयलेट को सही तरह से इस्तेमाल करना नहीं जानता है और इसलिए पैरेंट्स अक्सर डायपर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन धीरे-धीरे जब बच्चा बड़ा होता है तो उसमें कई बदलाव नजर आते हैं। इसी क्रम में, बच्चा आपको कुछ ऐसे संकेत भी देता है, जिसे देखकर व समझकर आप यह आसानी से जान सकती हैं कि आपका बच्चा अब पॉटी ट्रेनिंग के लिए तैयार हो चुका है।

एक बच्चे के माता-पिता होने के नाते आप उस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे होंगे जब आपका बच्चा शौचालय का उपयोग करना सीखेगा। हालांकि, अधिकतर पैरेंट्स यह समझ ही नहीं पाते हैं कि कब उन्हें बच्चे को डायपर लगाने बंद कर देने चाहिए और उसे पॉटी ट्रेनिंग देनी चाहिए। आमतौर पर, जब बच्चा 15 से 18 माह के बीच का होता है, तब उसमें कुछ बदलाव नजर आते है। इन संकेतों पर पैरेंट्स को विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जो यह बताते हैं कि अब आपको अपने बच्चे को पॉटी ट्रेनिंग देनी चाहिए-

लंबे समय तक गीला ना करना

यदि आपका बच्चा दिन में कम से कम दो घंटे तक सूखा रहता है, तो यह इस बात का संकेत है कि अब वह अपने मूत्राशय पर नियंत्रण करना सीख रहा है। जिसका अर्थ यह भी है कि वह अब पॉटी ट्रेनिंग के लिए तैयार है। ऐसे में आपको उसे कम से कम दोपहर के समय डायपर लगाना बंद कर देना चाहिए और उसे पॉटी ट्रेनिंग देने की तरफ कदम बढ़ाना चाहिए।

इसे जरूर  पढ़ें- बच्चे का स्किनकेयर रूटीन भी है जरूरी, फॉलो करें ये टिप्स

डायपर का सूखा होना

potty training for kids

यह एक महत्वपूर्ण संकेत है, जिसे किसी भी पैरेंट को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि आप यह देखती हैं कि आपके बच्चे का डायपर सुबह या दोपहर में नैपिंग लेने के बाद सूखा है, तो इसका मतलब है कि आपका बच्चा बार-बार पेशाब करने के बजाय एक बार पेशाब कर सकता है। यह बताता है कि बच्चा मूत्राशय को नियंत्रित कर रहा है। यही बच्चे को पॉटी ट्रेनिंग देने का सबसे अच्छा वक्त माना जाता है।(जानिए कौन सा डायपर है बेबी के लिए बेस्ट)

Recommended Video

हावभाव में बदलाव

behavior changing

जब बच्चा बड़ा होता है तो उसके हाव-भाव भी काफी हद तक बदलते हैं। हो सकता है कि डायपर में पेशाब करने या पॉटी करने के बाद वह बुरी तरह बेचैन हो जाए। वह उसे उतारने के लिए रोने लगे या फिर वह स्क्वाट पोजीशन में बैठे। यही वह समय है जब आप उसे शौचालय में ले जा सकते हैं और उसे इसका उपयोग करने का प्रशिक्षण देना शुरू कर सकते हैं।

इसे जरूर  पढ़ें- अपने नवजात शिशु की इस तरह करेंगी देखभाल तो वह हमेशा रहेगा सेहतमेंद

डायपर उतारने की कोशिश करना

जब बच्चे पॉटी ट्रेनिंग के लिए तैयार हो जाते हैं तो वह अक्सर डायपर लगाने में आनाकानी करते हैं या फिर वह उसमें सहज महसूस नहीं करते हैं। इतना ही नहीं, वह स्वाभाविक रूप से गंदे डायपर को उतारने की कोशिश करते है। यदि डायपर मल से भरा हुआ है और बच्चा उसे लगातार उतारने के प्रयास कर रहा है तो इसका अर्थ है कि  वह समझ गया है कि गंदे डायपर आरामदायक नहीं हैं। इस स्थिति में आप उसे पॉट का इसतेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती हैं।(बच्चों का डायपर लीक होने से कैसे बचाने के हैक्स)

तो अब अगर आपको भी बच्चे में यह संकेत नजर आएं तो डायपर को बाय-बाय कहकर बच्चे को पॉटी ट्रेनिंग देनी शुरू कर देनी चाहिए। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकीअपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।  

Image Credit- freepik, pixabay

Disclaimer

आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।