हिंदू धर्म में सभी महीनों का विशेष महत्व है और हिंदी पंचांग के हिसाब से हर एक महीने का विशेष महत्व होता है। इसी क्रम में हिंदू पंचांग का नौवां महीना अगहन या मार्गशीर्ष का महीना कहलाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार ये महीना भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय है और इस महीने में मुख्य रूप से श्री कृष्ण की पूजा की जाती है। इस पूरे महीने में कृष्ण जी की पूजा का महत्व होने के साथ शंख की पूजा का भी विशेष महत्व है।

ऐसी मान्यता है कि यदि अगहन के महीने में शंख की पूजा की जाती है तो ये विशेष रूप से फलदायी होती है। ऐसा कहा जाता है कि अगहन के महीने में यदि साधारण शंख को भी श्रीकृष्ण के पांचजन्य शंख के समान समझकर उसकी पूजा की जाए तो उसकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ति होती है। आइए नई दिल्ली के जाने माने पंडित प्रशांत मिश्रा जी से जानें कि अगहन के महीने में शंख की पूजा करने से क्या लाभ होते हैं और किस तरह से पूजा करना आपके लिए लाभदायक हो सकता है।  

अगहन के महीने का महत्व 

हिंदू धर्म में सभी 12 महीनों का अलग-अलग महत्व है। प्रत्येक मास किसी न किसी देवता को समर्पित होता है। जिस प्रकार कार्तिक मास में माता तुलसी की पूरे विधि विधान से पूजा की जाती है, सावन में भगवान शिव की आराधना की जाती है उसी प्रकार अगहन का महीना या मागशिर्ष महीना पूरी तरह से भगवान कृष्ण को समर्पित होता है।  कहा जाता है कि हर एक महीनों में किसी विशेष भगवान की पूजा और अर्चना करने से वे जल्दी खुश हो जाते हैं। अगहन का महीना 20 नवंबर 2021 से शुरू हो चुका है और इस महीने में शंख की पूजा का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इस माह में शंख की पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है। इस महीने में शंख का उपाय और पूजन करने से आर्थिक लाभ मिलता है। 

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सामान्य शंख की पूजा करें

shankh puja

ऐसा माना जाता है कि अगहन के महीने में सामान्य शंख को पांचजन्य शंख के रूप में पूजा करने मात्र से ही भगवान कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पांचजन्य शंख मुख्य रूप से भगवान कृष्ण का शंख है। ऐसा माना जाता है कि श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए यदि पूरे महीने शंख की पूजा की जाती है, तो भगवान प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। ऐसा माना जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान देवी लक्ष्मी के साथ शंख भी प्रकट हुआ था।धार्मिक ग्रंथों के अनुसार देवी लक्ष्मी समुद्र मंथन के दौरान प्रकट हुई थीं और चूंकि पांचजन्य शंख भी समुद्र से ही प्रकट हुआ था इसलिए इसे लक्ष्मी जी का भाई माना जाता है। इसलिए ऐसा कहा जाता है कि शंख की पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और इसलिए लक्ष्मी पूजा में शंख बजाना बहुत शुभ माना जाता है। 

पुराणों में है इस बात का जिक्र है  

पुराणों के अनुसार, विधि-विधान से अगहन मास में शंख की पूजा की जानी चाहिए। जिस प्रकार सभी देवी-देवताओं की पूजा की जाती है, वैसे ही शंख की भी पूजा करें। इस मास में साधारण शंख की पूजा भी पांचजन्य शंख की पूजा के समान फल देती है। पुराणों में शंख पूजन के मंत्र के बारे में भी जिक्र किया गया है यह मंत्र है - त्वं पुरा सागरोत्पन्न विष्णुना विधृत: करे।

निर्मित: सर्वदेवैश्च पाञ्चजन्य नमोऽस्तु ते।

तव नादेन जीमूता वित्रसन्ति सुरासुर:।

शशांकायुतदीप्ताभ पाञ्चजन्य नमोऽस्तु ते॥

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शंख पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 

पंडित प्रशांत मिश्रा जी बताते हैं कि शंख पूजा के लिए 2 दिसंबर को अच्छा मुहूर्त नक्षत्र है। इस दिन दोपहर में 2 बजे से 3 बजे तक शंख की पूजा विशेष रूप से फलदायी होगी। इसके अलावा उसी दिन शाम को 6:15 से 8:15 तक शुभ मुहूर्त में शंख पूजन के साथ लक्ष्मी नारायण का पूजन भी करें। 

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कैसे करें शंख की पूजा 

shankh puja vidhi and significance

अगहन के महीने में शंख की पूजा करने के लिए इसे एक प्लेट में रखकर दूध से स्नान करें गंध, अक्षत, पुष्प, चढ़ाएं, धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित करें, पूजन करते समय इस मंत्र का जाप करें- ऊँ पांचजन्य विद्यामहे, पवमानाय धीमहि, तन्नो शंखः प्रचोदयात।।  या त्वंपुरा सागरोत्पन्न, विष्णुना विद्वृतः। बैंः सर्वदेवैश्च, पांचजन्य नमोस्तुते।। इन मंत्रों का जाप करें।             

धन प्राप्ति के लिए शंख के उपाय

  • अगहन के महीने में शंख के कुछ उपाय आपको धन लाभ दे सकते हैं। इनमें से किसी भी दिन ये उपाय करने से आपके घर में धन की वर्षा होने लगेगी।
  • इस महीने में शंख पूजन के लिए कहा जाता है कि दक्षिणावर्ती शंख में दूध भरकर भगवान विष्णुका अभिषेक करने से धन की प्राप्ति होती है।
  • इस महीने में मोती शंख में साबुत चावल भरकर पोटली बनाकर तिजोरी में रख दें। कुछ ही दिनों में धन की प्राप्ति होने लगेगी।
  • कहा जाता है मार्गशीर्ष के महीने में विष्णु मंदिर में शंख दान करने से भी धनहानि की समस्या दूर होती है। 
  • अगहन के महीने में मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल और केसल से उनका अभिषेक करें। माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलेगा।
  • कहा जाता है कि शंख स्थापना के लिए अगहन का महीना सबसे शुभ माना जाता है। दक्षिणावर्ती शंख को घर में स्थापित करने से सुख-समृद्धि की कमी नहीं होती है।

इस प्रकार अगहन के महीने में शंख का पूजन और इससे जुड़े उपाय करने से धन लाभ होने के साथ शुभ फलों की प्राप्ति भी होगी, इसलिए आप भी इन उपायों को जरूर आजमाएं।  

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