गणेश विसर्जन के बाद हिंदु धर्म में भाद्रपद माह लग जाता है। यह महीना भादो के बाद और कार्तिक माह के पहले आता है। 16 दिन के इस महीने में श्राद्ध मनाए जाते हैं। इन दिनों न तो कोई अच्‍छे काम होते हैं और न ही कोई नई वस्‍तु खरीदी जाती है। दरअसल, इन दिनों सभी हिंदू परिवरों में अपने पूर्वजों को याद किया जाता है। पूर्वजों को याद करके उनके नाम पर दान पुण किया जाता है। इसके साथ-साथ पूजा पाठ और भंडारा भी इस महीने में खूब किया जाता है। इस वर्ष भाद्रपद माह की पूर्णिमा पर 13 सितंबर 2019 ( शुक्रवार) को शततारका (शतभिषा) नक्षत्र,धृति योग,वणिज करण एवं कुंभ राशि के चंद्रमा की साक्षी में श्राद्ध पक्ष का आरंभ हो रहा है। ज्‍योतिष दयानंद शास्‍त्री बताते हैं कि, ‘पूर्णिमा तिथि के स्वामी चंद्रमा हैं। शततारका नक्षत्र के स्वामी वरुण देव तथा धृति योग के स्वामी जल देवता हैं इस बार सबसे विशेष बात यह है कि श्राद्ध का समापन 28 सितंबर 2019 को है। यह शनिश्चरी अमावस्या के संयोग में होगा। आपको इस दिन पितरों की पूजा के साथ शनिदेव की पूजा भी करनी चाहिए। ’ 

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Shradh

पण्डित दयानन्द शास्त्री जी आगे बताते हैं, ‘शनिदेव की पूजा करने से, उनके निमित्त उपाय करने से शनिदेव बहुत जल्दी खुश होते हैं, साथ ही जन्मपत्रिका में अशुभ शनि के प्रभाव से होने वाली परेशानियों, जैसे शनि की साढे-साती, ढैय्या और कालसर्प योग से भी छुटकारा मिलता है।’ 

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Pitru Paksha Shraddh

आपको बता दें कि इस बार 20 वर्षों बाद यह सहयोग बना है। अगर आप इस दिन पितरों के नाम की धूप देने से मानसिक व शारीरिक तौर पर तो संतुष्टि या कहें शांति प्राप्त होती ही है। साथ ही घर में भी सुख-समृद्धि आयी रहती है। सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं। हालांकि प्रत्येक मास की अमावस्या तिथि को पिंडदान किया जा सकता है लेकिन आश्विन अमावस्या विशेष रूप से शुभ फलदायी मानी जाती है। अगर आप श्राद्ध में पूवर्जों के नाम से पूजा पाठ नहीं करते तो आपको बहुत हानि उठानी पड़ सकती है। इसलिये श्राद्ध कर्म अवश्य करना चाहिए। भविष्यफल सितम्बर 2019

Pitri paksha

मुहूर्त

कुतुप मुहूर्त – 11:48 से 12:35

रौहिण मुहूर्त – 12:35 से 13:23

अपराह्न काल – 13:23 से 15:45

अमावस्या तिथि आरंभ – 03:46 बजे (28 सितंबर 2019)

अमावस्या तिथि समाप्त – 23:56 बजे (28 सितंबर 2019)

शनि अमावस्या को करें इन चीजों का दान करें

  • शनि अमावस्या के दिन काली उड़द काले जूते, काले वस्‍त्र, काली सरसों का दान करें। ‘मोती’ आपके लिए शुभ है या अशुभ
  • 800 ग्राम तिल तथा 800 ग्राम सरसों का तेल दान करें।
  • काले कपड़े, नीलम का दान करें।
  • हनुमान जी को चोला चढ़ाएं। हनुमान चालीसा का अधिक से अधिक दान करें। काले कपड़े में सवा किलोग्राम काला तिल भर कर दान करें। पीपल के वृक्ष पर सात प्रकार के अनाज चढ़ाकर बांट दें।