हिन्दू धर्म में हर एक त्यौहार का विशेष महत्त्व है। हिन्दुओं में हर एक त्यौहार अलग ढंग से मनाया जाता है और विशेष फल की प्राप्ति के लिए श्रद्धा भाव से ईश्वर का पूजन अर्चन किया जाता है। ऐसे ही त्योहारों में से एक है राम नवमी का त्यौहार, जिसका पुराणों में विशेष महत्त्व बताया गया है। इस दिन को भगवान् श्री राम के प्राकट्य दिवार या जन्म दिवस के रूप में विशेष रूप से मनाया जाता है। 

राम नवमी के दिन भक्त जन पूरी श्रद्धा भाव से भगवान श्री राम की पूजा अर्चना करते हैं और मनोकामनाओं को पूर्ति की कामना करते हैं। हर साल चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी का पर्व में मनाया जाता है। इससे पहले चैत्र नवरात्रि होती है और नवमी तिथि को श्री राम की जन्म तिथि मनाई जाती है। आइए जानें इस साल कब मनाया जाएगा नव रात्रि का त्यौहार और इसका क्या महत्त्व है। 

कब है राम नवमी 

ram navami tithi

इस साल राम नवमी 21 अप्रैल 2021, दिन  बुधवार को मनाई जाएगी। इस तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान राम का जन्म हुआ था। इसी वजह से इस तिथि को राम नवमी कहा जाता है और भगवान राम का जन्मोत्सव धूम -धाम से मनाया जाता है।

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राम नवमी का शुभ मुहूर्त

shubh muhurat

  • चैत्र शुक्ल नवमी तिथि आरंभ- 21 अप्रैल 2021 को रात 12 बजकर 43 मिनट से 
  • चैत्र शुक्ल नवमी तिथि समापन- 22 अप्रैल को रात्रि 12 बजकर 35 मिनट पर 
  • पूजा का मुहूर्त 21 अप्रैल को सुबह 11 बजकर 02 मिनट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।
  • पूजा मुहूर्त की कुछ अवधि- 02 घंटे 36 मिनट है और इसी अवधि में पूजन करना शुभ होगा। 

राम नवमी का महत्व

significance ram navami

जाने माने ज्योतिर्विद पं रमेश भोजराज द्विवेदी जी के अनुसार भगवान राम जन जन के अधिष्ठात्र देव है। आदर्श पुरुष हैं, उनका व्यक्तित्व अनुकरणीय, सदाचार युक्त, और नीति युक्त है। रामनवमी वस्तुत भगवान श्री राम के प्राकट्य का अवसर है इस दिन व्यक्ति विभिन्न उपायों से प्रभु श्री राम का अर्चन कीर्तन व पूजन करता है और अपने जीवन में प्रभु श्री राम की चरित्र का समायोजन करता है। राम नवमी की तिथि का भक्तों के लिए विशेष महत्त्व है।

ramesh bhojraj dwivedi ji

इस दिन को भगवान् श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु जी के अवतार प्रभु श्री राम की पूजा करने से उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ भक्तों की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और सभी पापों से मुक्ति मिलती है। इसी दिन से  इस दिन नवरात्रि का समापन भी होता है, इसलिए ये तिथि भक्तों के लिए और ज्यादा मायने रखती है। 

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कैसे करें पूजन 

puja vidhi navmi

  • इस दिन प्रातः जल्दी उठकर एवं स्नान करके साफ़ वस्त्र धारण करें। 
  • इस दिन नौ दुर्गा का समापन होता है, इसलिए कन्या पूजन करके हवन करें। 
  • नौ रात्रि में स्थापित किये गए कलश में रखे नारियल को प्रसाद स्वरुप ग्रहण करें। 
  • सुख शांति की कामना के साथ कलश का जल पूरे घर में छिड़कें। 
  • भगवान श्री राम की तस्वीर किसी साफ़ चौकी पर कपड़ा बिछाकर स्थापित करें। 
  • श्री राम की तस्वीर के सामने घी का दीपक प्रज्वलित करें और भगवान राम के साथ सभी देवी देवताओं का स्मरण करें। 
  • भगवान राम को पुष्प अर्पित करें, मिष्ठान और फल का भोग लगाएं, श्री राम की आरती करें व प्रसाद वितरण करें। 
  • यदि आप नौ दिनों का व्रत करते हैं तो इस दिन व्रत का पारण करें। 

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