अगर मां वर्किंग हो तो बच्चों को पूरा टाइम नहीं दे पाती है। क्योंकि दिनभर आप ऑफिस में रहती हैं और रात को जब घर आती हैं ता बच्चों के सोने का टाइम हो जाता है। ऐसे में बच्चों को सही गाइडलाइन नहीं मिल जाती है जिसके चलते बच्चे कुछ ऐसी बातें और आदतें सीख लेते हैं जो आगे चलकर उनके लिए खतरनाक साबित हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों को डिसिप्लीन में रहना भी नहीं आता। ऐसा कहा जाता है कि छोटे बच्चे खाली किताब की तरह होते हैं। पेरेंट्स और टीचर्स उसमें जो लिख दें बच्चे वही सीखते हैं। वैसे देखा जाए तो आजकल के महंगाई के समय में माता और पिता दोनों का जॉब करना जरूरी हो गया है। अगर आप भागदौड़ भरी जिंदगी में इतना फंस गई हैं कि बच्चों को टाइम नहीं दे पा रही हैं तो आप उनके बेडटाइम को लर्निंग टाइम बना सकती हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स बता रहे हैं जिससे आप रात को 1 घंटे के बेडटाइम में ही बच्चों को जरूरी बातें और संस्कार सिखा सकती हैं।

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बच्चों को कहानियां सुनाएं

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बेडटाइम ऐसा वक्त होता है जब बच्चे सिर्फ अपनी मां के पास होते हैं। इस टाइम में आप बच्चों को इंस्प्रेशनल कहानियां सुनाकर उनका माइंड मेकअप कर सकती हैं। इसमें आप बच्चों को किसी सच्ची घटना से लेकर घर के किसी बड़े व्यक्ति का उदाहरण देकर भी कहानी सुना सकती हैं। यदि आपके पास ऐसी कोई कहानी नहीं है तो आप जो भी बच्चों को बताना चाहते हैं उससे रिलेटिड कहानी खुद बनाकर बच्चों को सुनाएं। बच्चे ऐसी चीजों को बहुत जल्दी केच करते हैं।

बच्चों को ओरल पढ़ाई कराएं

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वर्किंग होने के चलते आपके पास बच्चों को पढ़ाने का भी वक्त नहीं होता है। ऐसे में आप जब बच्चे के साथ बेड पर जाएं तो उसे ओरल पढ़ाई कराएं। लेकिन इस चीज को इस तरह करें कि बच्चे को लगे आप उसके साथ मस्ती कर रही हैं। अगर आपका बच्चा छोटी क्लास में है तो उससे A-Z सुनाने को कहें। अगर बच्चा थोड़ा बड़ा है तो उससे टेबल, एनिमल नेम, रीवर्स नेम और करेंट अफेयर्स जैसी चीजें पूछें। साथ ही बच्चों को चैलेंज देकर अगले दिन के लिए होमवर्क भी दें। जिससे बच्चा उसे प्रेशर में नहीं बल्कि एक्साइटिड होकर याद करेगा और आपके आने का इंतजार करेगा। इससे आपको बच्चे के लेवल का भी पता चलता है और बच्चा पढ़ाई में पिछड़ेगा भी नहीं।

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बच्चों को नैतिक शिक्षा दें

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बच्चों को साइंस, इंग्लिश, मैथ और हिंदी तो स्कूल और ट्यूशन में सिखाई जा सकती है, लेकिन नैतिक शिक्षा का ज्ञान बच्चों को अक्सर मां से ही मिलता है। इसलिए बैड टाइम में आप बच्चों को बड़ों की इज्जत करना, छोटो को प्यार करना, झूठ न बोलना, गरीबों की मदद करना, अपने से बड़ों को कुर्सी देना और गलत खानपान से दूर रहना जैसी नैतिक शिक्षा दे सकती हैं। इससे बच्चों की नॉलेज को बढ़ती ही साथ ही इसका असर उनकी पर्सनेलिटी में भी साफ दिखता है।