कुछ लोग इतिहास बन जाते हैं और कुछ इतिहास बनाते हैं। टोक्यो ओलंपिक्स 2021 में कई ऐसे भारतीय एथलीट्स गए हैं जिन्होंने इतिहास बनाया भी है और आगे कई मुकाम हासिल करने की तैयारी में हैं। ये एथलीट्स दिन रात मेहनत कर भारत को जीत दिलाने की कोशिश में हैं। भारत ने अपनी तरफ से 127 खिलाड़ियों को भेजा है जिसमें से 56 महिलाएं हैं। टोक्यो ओलंपिक्स 2021 कई मायनों में खास है क्योंकि इसमें कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो अपना ओलंपिक डेब्यू करने जा रहे हैं। 

ऐसी ही एक खिलाड़ी हैं गुजरात की अंकिता रैना जिन्होंने अपने डेब्यू से ही इतिहास रच दिया है। हरजिंदगी ओलंपिक गेम्स में गई महिला एथलीट्स से रोज़ाना आपको रूबरू करवा रही है और इसी कड़ी में आज मिलिए भारत की नंबर वन टेनिस प्लेयर अंकिता रैना से जो अपने देश के लिए मेडल लाने को बेताब हैं। अंकिता मौजूदा समय में नंबर 1 टेनिस प्लेयर हैं और वो सिंगल्स और डबल्स दोनों तरह के मैच खेल रही हैं। 

ankita raina tennis player

अंकिता ने तोड़ा 100 साल पुराना रिकॉर्ड-

अंकिता रैना वो एकलौती महिला खिलाड़ी हैं जिन्हें गुजरात से ओलंपिक गेम्स में सिलेक्ट किया गया है। जी हां, भारत 1900 पेरिस ओलंपिक्स से इन गेम्स में हिस्सा ले रहा है और अभी तक अंकिता के अलावा गुजरात से कोई और महिला खिलाड़ी इन गेम्स में नहीं गई हैं। यही कारण है कि 28 साल की अंकिता ने ओलंपिक्स के लिए क्वालीफाई करके इतिहास रच दिया है। 

ankita raina

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यही नहीं इससे पहले गुजरात से क्रिकेटर्स तो बहुत आए हैं, लेकिन ओलंपिक्स के लिए एथलीट्स की बात करें तो 1936 बर्लिन ओलंपिक्स में रेस्लर शंकरराव थोराट और 1960 रोम ओलंपिक्स में हॉकी प्लेयर गोविंदराव सावन के अलावा अभी तक गुजरात से ज्यादा एथलीट्स आए ही नहीं हैं। ओलंपिक्स के मामले में राज्य का ऐसा कोई भी खिलाड़ी नहीं रहा है जिसने पदक जीता हो, लेकिन अंकिता के मामले में उम्मीदें बहुत बढ़ गई हैं। 

ankita and sania tennis

अंकिता हैं भारत की नंबर वन टेनिस प्लेयर-

कई सालों तक जो खिताब सानिया मिर्जा के सिर पर था वो अब अंकिता के सिर पर है। अंकिता 2018 एशियन गेम्स की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं और 5 साल की उम्र से ही टेनिस की ओर आकर्षित हो गई थीं। अंकिता अपने भाई अंकुर रैना को पास के क्लब में खेलते हुए देखती थीं और टेनिस में उनका करियर तभी तय हो गया था तब अंडर-10 फ्यूचर टैलेंट्स टेनिस कॉम्पटीशन में उनका सिलेक्शन हुआ था। ये कॉम्पटीशन भारतीय टेनिस एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया था। 

ankita raina and sania mirza tennis player

गुजरात से अंकिता पुणे शिफ्ट हो गईं ताकि वो PYC Hindu Gymkhana में आगे की ट्रेनिंग ले सकें। अंकिता 2009 से ही लगातार आगे बढ़ने के ओर अग्रसर हैं। उनके नाम International Tennis Federation के 11 टाइटल्स हैं। Women's Tennis Association के 250 से भी ज्यादा टाइटल्स हैं और उनकी मौजूदा वर्ल्ड रैंक 95 है (डबल्स में) और 181 है (सिंगल्स में)। एशियन गेम्स में मेडल जीतकर अंकिता भारत की दूसरी ऐसी खिलाड़ी बन गई थीं जो एशियन गेम्स में मेडल जीतकर आई थीं। उससे पहले वर्ल्ड डबल्स नंबर 1 सानिया मिर्जा ने ये कारनामा दिखाया था। 

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अंकिता अब ओलंपिक गेम्स में अगर मेडल जीतती हैं तो वो एक और इतिहास रच देंगी।  

आपको बता दें कि अंकिता का चुनाव भी सानिया मिर्जा ने ही किया है। चोट के कारण वर्ल्ड नंबर 9 की रैंकिंग में पहुंची सानिया ने अपने चौथे ओलंपिक गेम्स में जगह बना ली है और सानिया को अपने साथ महिला डबल्स में खिलाड़ी चुनने का हक मिल गया है। तभी सानिया ने खुद अंकिता को चुना है। 

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अभी तक टेनिस ओलंपिक्स में सिर्फ 1 ही मेडल भारत को मिला है जो 18 बार ग्रैंड स्लैम चैम्पियन लिएंडर पेस ने 1996 अटलांटा ओलंपिक्स में जीता था। ये ब्रॉन्ज मेडल भारत को कई पड़ाव पार करने के बाद मिला था और इस बार अंकिता और सानिया की जोड़ी से भी भारत को मेडल दिलाने की उम्मीद की जा रही है।  

सानिया और अंकिता की इस जोड़ी को हम शुभकामनाएं देते हैं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।