दिल्ली में क्लास 9 से 12वीं तक की क्लासेस सरकार द्वारा आवश्यक कोविड-19 दिशानिर्देशों के साथ आज से शुरू हो गई हैं। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी स्टूडेंट को शारीरिक रूप से क्लासेज अटेंड करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। वहीं दिल्ली के कई स्कूलों ने भी 'वेट-एंड-वॉच' रणनीति का विकल्प चुना है ताकि यह देखा जा सके कि अपने सभी छात्रों को बुलाने से पहले स्थिति कैसी रहेगी।

दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथोरिटी (डीडीएमए) ने सोमवार को स्कूल को फिर से खोलने के दिशा-निर्देशों को अधिसूचित किया था, जिसमें प्रति कक्षा 50 प्रतिशत से अधिक छात्र नहीं होंगे, अनिवार्य थर्मल स्क्रीनिंग, स्टैगर्ड लंच ब्रेक, वैकल्पिक बैठने की व्यवस्था और नियमित गेस्ट रूटीन से बचना शामिल है। इसके अलावा, वे छात्र, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी जो कोविड -19 के कंटेनमेंट एरिया में रहते हैं, उन्हें डीडीएमए दिशानिर्देशों के अनुसार कक्षाओं में शारीरिक रूप से उपस्थित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ये हैं गाइडलाइन्स

  • स्कूलों को सप्ताह में छह दिन काम करने की अनुमति है।
  • कक्षाओं और वर्गों को 20 छात्रों के बैचों में विभाजित किया जाना है।
  • जब स्कूल फिर से खुलें, तो उन्हें सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करना होगा।
  • सख्त शारीरिक दूरी के मानदंडों का पालन करते हुए अधिक छात्रों को तभी समायोजित किया जा सकता है जब बड़ी कक्षाएं उपलब्ध हों।
  • अगर सीमित स्थान उपलब्ध है, तो छात्रों को बारी-बारी से आने के लिए कहा जाएगा।
  • ऑनलाइन लर्निंग उन लोगों के लिए एक विकल्प बना रहेगा, जो स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण शारीरिक रूप से स्कूल जाने के लिए तैयार नहीं हैं।
  • घर से पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों को माता-पिता की सहमति लेनी होगी। वहीं ऑनलाइन मोड में पढ़ने वाले छात्रों की प्रगति पर फॉलो-अप योजना बनाई जाएगी।
  • सभी छात्र और शिक्षक अन्य स्टाफ के साथ स्कूल परिसर के अंदर और बाहर हर समय मास्क पहनेंगे।
  • सभी टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ का टीकाकरण किया जाए।

किन राज्यों में खोले गए स्कूल्स

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दिल्ली के साथ, पांच अन्य राज्यों और/या केंद्र शासित प्रदेशों जैसे तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और गुजरात ने 1 सितंबर से स्कूलों को फिर से खोलने के लिए हरी झंडी दे गई थी। दिल्ली में, जबकि कक्षा 9 से 12 की कक्षाएं आज से फिर से शुरू हो रही हैं। 6 से 8 क्लास 8 सितंबर से शुरू होने की उम्मीद है।

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया 5 सितंबर को नेशनल टीचर्स डे से पहले भारत भर के सभी स्कूल शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करने की योजना बना रहे हैं। साथ ही, देश भर में जहां एक तरफ कुछ राज्यों ने आज से स्कूल खोले हैं, वहीं एक तरफ कुछ राज्य पहले ही स्कूल खोल चुके हैं। आइए उन राज्यों की इस लिस्ट को देखें-

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश सरकार ने भीड़-भाड़ पर अंकुश लगाने के लिए 50 प्रतिशत कैपेसिटी के साथ आज से कक्षा 6 से 12 तक के स्कूल खोले हैं। इसके अलावा, राज्य के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कक्षा 1 से 8 के छात्रों के लिए फिजिकल क्लासेस फिर से शुरू करने पर निर्णय राज्य के गृह और स्वास्थ्य विभाग के परामर्श के बाद लिया जाएगा।

राजस्थान 

राजस्थान सरकार ने भी 1 सितंबर यानी आज से कक्षा 9 से 12 के लिए स्कूलों को फिर से खोलने की घोषणा की थी। COVID-19 प्रोटोकॉल बनाए रखने के लिए प्रत्येक सत्र में केवल 50 प्रतिशत छात्रों को  ही क्लासेज अटेंड करने की अनुमति दी जाएगी। 

पंजाब

पंजाब सरकार ने 26 जुलाई से कक्षा 10 और 12 के लिए स्कूलों को फिर से खोल दिया था। शेष कक्षाओं को 2 अगस्त से खोलने की अनुमति दी गई थी। केवल पूरी तरह से टीकाकरण वाले शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को ही स्कूलों में जाने की अनुमति होगी। जो छात्र फिजिकल क्लासेस में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें अभिभावकों की लिखित सहमति देनी होगी। इस बीच, ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प जारी रहेगा।

उत्तर प्रदेश

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उत्तर प्रदेश में भी कक्षा 6 से 12 पहले ही 50 प्रतिशत कैपेसिटी के साथ खुल चुकी हैं। कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए स्कूल 1 सितंबर यानी आज से खुलना था। सबसे पहले स्कूल गेट पर बच्चों की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी। बेसिक शिक्षा महानिदेशक द्वारा सभी बीएसए को स्कूलों में कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।

तमिलनाडु

50 फीसदी छात्रों के साथ कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं 1 सितंबर यानी आज से शुरू हुईं। स्कूलों को सप्ताह में छह दिन काम करने का निर्देश दिया गया है और कक्षाओं को बैचों में विभाजित किया जाना है, जिसमें प्रति कक्षा 20 से अधिक छात्र नहीं  होंगे। यदि कोई अतिरिक्त कमरा उपलब्ध नहीं है, तो छात्रों को वैकल्पिक दिनों में बारी-बारी से स्कूल आने के लिए कहा जाएगा। ऑनलाइन कक्षाएं उसी समय जारी रहेंगी।

हरियाणा

हरियाणा सरकार ने 1 सितंबर से कक्षा 4 और 5 के लिए प्राथमिक स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला किया है। छात्रों को उनके माता-पिता की पूर्व लिखित अनुमति के साथ स्कूल आने की अनुमति होगी। करीब एक महीने पहले जुलाई में नौवीं से बारहवीं कक्षा फिर से खुल गई है।

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महाराष्ट्र

महाराष्ट्र राज्य के शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने 17 अगस्त से राज्य में स्कूलों को फिर से खोलने की अनुमति दी है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कक्षा 5 से 8 को फिर से खोल दिया गया था, वहीं शहरों में कक्षा 8 से 12 को फिर से खोलना था। छात्रों को अपने माता-पिता से सहमति पत्र लाने का निर्देश दिया गया है।

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कर्नाटक

कर्नाटक के स्कूल 23 अगस्त को फिर से खुल गए, हालांकि, बमुश्किल 20 प्रतिशत छात्रों ने कक्षाओं में भाग लिया। कोविड-19 के कारण लगभग 18 महीने के अंतराल के बाद कर्नाटक में स्कूल कक्षा 9 और 10 के लिए फिर से खुल गए। माता-पिता और शिक्षकों दोनों को टीका लगवाने के लिए कहा गया है।

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उत्तराखंड

उत्तराखंड में भी कक्षा 9 से 12 के लिए 2 अगस्त से स्कूल खुल चुके हैं। वहीं कक्षा 6 से 8 के लिए 16 अगस्त से कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए स्कूलों को खोला गया था। 

 

वहीं अब भी कुछ स्टेट्स रुके हुए हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। हमें उम्मीद है आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा। इस तरह की अपडेट्स जानने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।

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