नवरात्रि के व्रत में कन्या पूजन को विशेष महत्व दिया गया है। जो लोग नवरात्रि के व्रत रखते हैं, उनके व्रत तब तक पूरे नहीं होते, जब तक अष्टमी या नवमी के दिन नौ कन्याओं को देवी के नौ स्वरूप मानकर उनका पूजन व भोग ना लगाया जाए। इस दौरान महिलाएं कन्याओं को देवी की तरह ही पूजती हैं। उनके  पैर धोने से लेकर उनका भोजन बड़े ही आदरभाव से कराया जाता है। इतना ही नहीं, भक्त अपने सामर्थ्य के अनुसार कन्याओं को कोई ना कोई उपहार भी अवश्य देते हैं। ऐसा माना जाता है कि दान दक्षिणा व भोग लगाने से माता प्रसन्न होती है और तभी भक्त के नवरात्रि के व्रत पूरे होते हैं।

यूं तो हर बार नवरात्रि में आप भी अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन करती ही होंगी। लेकिन इन दिनों पूरे विश्व में कोरोना का कहर बरपा रहा है, जिसके चलते भारत में 21 दिन का लॉकडाउन है। माता के सभी मंदिर बंद किए गए हैं और लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कोरोना वायरस की चैन को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में आपके लिए इस बार नवरात्रि पर कन्या पूजन कर पाना शायद संभव ना हो। लेकिन अगर आप कन्या पूजन नहीं करतीं तो आपके व्रत भी पूरे नहीं होंगे। ऐसे में आपको समझ नहीं आ रहा होगा कि क्या किया जाए। तो चलिए आज आपको आचार्य विकास शास्त्री जी बता रहे हैं कि बिना कन्या पूजन के भी आप कन्या पूजन का संपूर्ण लाभ किस तरह प्राप्त कर सकती हैं-

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निकालें सूखा सामान

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आचार्य विकास शास्त्री बताते हैं कि कन्या पूजन के दौरान माता का भोग जैसे हलवा, पूरी, चना आदि बनाया जाता है और कन्याओं को भोजन कराया जाता है। लेकिन इस बार चूंकि आप कन्या पूजन नहीं कर रही हैं तो बेहतर होगा कि आप नौ कन्याओं व एक भैरव के लिए उतनी ही मात्रा में सूखा सामान जैसे आटा, चना, आदि निकालें और इन्हें अपने आसपास की कन्याओं को दे दें। भले ही कोई कन्याओं को आपके घर ना भेजे, लेकिन सूखा सामान लेने में किसी को आपत्ति नहीं होगी। अगर पड़ोस में कोई सूखा सामान नहीं ले रहा है तो आप अपने आसपास गरीबों कन्याओं में भी इसे दान कर सकती हैं। Navratri Vastu Tips: पंडित जी से जानें देवी जी के लिए दीपक जलाते वक्त किन बातों का रखें ध्यान

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गौ पूजन

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अगर आप चाहें तो कन्या पूजन के स्थान गौ पूजन करके भी अपने व्रत को पूरा कर सकती हैं। गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है और आप उनमें से देवी के रूप की अराधना करते हुए भोग की सूखी सामग्री या फिर भोग तैयार करके गाय को खिलाएं। अगर आपको नौ अलग-अलग गाय ना मिले तो आप एक ही गाय को देवी के नौ स्वरूप मानकर उन्हें भोग करा सकती हैं। नवरात्रि में इन रंगों के इस्‍तेमाल से अपने 9 ग्रहों और अंकों को मजबूत करें

यह भी है तरीका

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चूंकि इन दिनों डिजिटल का जमाना है और शादियां भी ऑनलाइन होने लगी हैं तो आप पूजन भी ऑनलाइन कर सकती हैं। ऐसे में आप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नौ कन्याओं का पूजन करें और भोजन व उपहार की राशि उनके अकाउंट में ट्रांसफर कर दें। हालांकि इस तरह पूजन का विधान हिन्दू धर्म में नहीं है, लेकिन वर्तमान हालातों को देखते हुए एक रास्ता यह भी अपनाया जा सकता है।

इसके अलावा अगर कोरोना के चलते आप घर से बाहर नहीं निकलता चाहतीं या फिर ऑनलाइन पूजन करना आपको ठीक नहीं लगता तो आप नौ कन्याओं व एक भैरव के लिए भोग, उपहार व दान की राशि का अलग-अलग पैकेट बनाकर तैयार करें और इनका पूजन करने के बाद इसे अलग रख दें। जब लॉकडाउन पूरा होगा, तब आप इन पैकेट को दान कर सकती हैं।

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यकीनन नवरात्रि के व्रत को पूरा करने और माता को प्रसन्न करने के लिए आपको कन्या पूजन ही करना चाहिए। लेकिन इन दिनों बदलते हालातों के कारण आप इनमें से कोई भी उपाय अपना सकती हैं। हालांकि जरूरी है कि आपकी भक्ति भावना सच्ची हो। कहते हैं ना कि भगवान भक्ति के भूखे होते हैं और अगर आप पूरे दिल से इनमें से कोई उपाय अपनाएंगी तो आपको कन्या पूजन जितना ही लाभ मिलेगा। 

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