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सिर्फ पानी लाने के लिए की जाती है शादी, जानिए महाराष्ट्र की water wives के बारे में

महाराष्ट्र एक ऐसा राज्य है जहां सूखा बहुत पड़ता है, लेकिन इस सूखे के कारण एक गांव में 'पानी बाई' की प्रथा भी चली आ रही है। 
Published -05 May 2022, 14:14 ISTUpdated -05 May 2022, 14:23 IST
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  • Shruti Dixit
  • Editorial
  • Published -05 May 2022, 14:14 ISTUpdated -05 May 2022, 14:23 IST
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different water wives of maharashtra

'वाटर वाइफ्स' ये शब्द सुनकर आपके दिमाग में क्या आता है? ये किसी नाटक का नाम लगता है, लेकिन हिंदुस्तान के एक गांव में ये सच्चाई है। आज भी कई लोग उस गांव में सिर्फ इसलिए शादी करते हैं क्योंकि उन्हें पानी लाने के लिए किसी की जरूरत होती है। 

आप सोच रहे होंगे कि शादी करना तो कोई बुरी बात नहीं, लेकिन अगर एक ही इंसान कई शादियां करे तो? ये बात है महाराष्ट्र के एक गांव की जहां सिर्फ पानी भरने के लिए ही शादियां की जाती हैं। एक ही आदमी दो या तीन शादियां भी करता है जिससे उसके घर में पानी आ सके। 

महाराष्ट्र का गांव जहां पानी के लिए की जाती है शादी-

देश के कई ऐसे हिस्से हैं जहां पर पानी की कमी बहुत होती है और महिलाओं को मीलों दूर से पानी लाना पड़ता है। पर पानी की ऐसी कमी जिसके चलते एक से ज्यादा शादियां करनी पड़ें ये तो बहुत ही अजीब बात लगती है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले का एक गांव डेंगनमल है जिसकी यही कहानी है। वहां महिलाएं सिर्फ पानी लाने का काम करती हैं और अगर कोई एक महिला पानी लाने के काबिल नहीं रहती तो दूसरी शादी कर ली जाती है। 

ऐसे कई किस्से आपको वहां मिल जाएंगे। 

maharashtra water wives

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शॉर्ट फिल्म दिखाती है महाराष्ट्र के डेंगनमल की कहानी-

ActionAid India द्वारा कुछ साल पहले एक शॉर्ट फिल्म बनाई गई थी जिसके बाद ये कहानी बहुत वायरल हो गई। 5 मिनट की इस शॉर्ट फिल्म में बताती है कि वहां के लोगों का जीवन किस तरह से परेशानी भरा है। इस शॉर्ट फिल्म में ज्यादा डायलॉग नहीं है बल्कि ये सिर्फ एक्शन पर आधारित है। 

 

आपको जानकर हैरानी होगी कि ये गांव मुंबई से सिर्फ 185 किलोमीटर दूर है। हालांकि, पिछले कुछ समय में यहां पानी को लेकर काफी कुछ किया गया है और हालात थोड़े सुधरे भी हैं, लेकिन फिर भी पानी एक बड़ी समस्या बना हुआ है।  

पानी की कमी से महाराष्ट्र के हज़ारों गांव परेशान हैं, लेकिन इस गांव की हाल कुछ ज्यादा खराब है।  

जैसा कि हमेशा होता है महिलाओं को घर के काम सहित कई जिम्मेदारियां दे दी जाती हैं और यही हाल यहां का भी है जहां महिलाओं को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना होता है। 

scarcity of water in maharashtra

घरों में नहीं है वाटर पाइपलाइन- 

मुंबई के इतने करीब होने के बाद भी डेवलपमेंट के नाम पर यहां कम ही काम हुआ है। यहां पानी की किल्लत के कारण घरों में वाटर पाइपलाइन नहीं है।  

पानी का एकमात्र स्थान यहां भत्सा डैम है जो एक नदी पर बना हुआ है। इसी के साथ, यहां एक कुआं भी है जो काफी दूर है। यहां पानी लाने में कई घंटे लग जाते हैं और जब पानी लेकर आया जाता है तब तक दूसरी महिला घर के काम करती है।  

यहां बहुविवाह की प्रैक्टिस शुरू ही इसलिए हुई ताकी घरों में भरपूर पानी रहे। यहां के अधिकतर पुरुष किसान हैं और यहां का जीवन भी साधारण है। गर्मियां यहां इतनी भीषण पड़ती हैं कि कुएं सूख जाते हैं और कई मवेशी मारे जाते हैं।  

'पानी बाई' का क्या होता है काम? 

2015 में ओपन मैग्जीन द्वारा पब्लिश एक आर्टिकल में इस टर्म को यूज किया गया था। उसी सोर्स के हिसाब से इस गांव के कुछ पुरुषों की 4 पत्नियां भी हैं जिसमें से सिर्फ एक ही लीगल है और बाकी तीन 'पानी बाई' होती हैं।  

इसी आर्टिकल में वहां के एक किसान सखाराम भगत का जिक्र था जिसका परिवार उस इलाके में सबसे बड़ा है। सखाराम ने तीन शादियां की हैं और उसकी दूसरी और तीसरी पत्नियां सिर्फ पानी लाने का काम ही करती हैं। सखाराम जो पास के एक फार्म में मजदूरी का काम करते हैं उनका मानना है कि पानी लाने के लिए शादी करने के अलावा उनके पास और कोई चारा नहीं था।  

गर्मियों में पानी लाने का काम काफी ज्यादा भारी होता है जब महिलाएं सुबह जल्दी खाली बर्तन लेकर निकल जाती हैं और नदी तक की यात्रा में खेत, पहाड़ी बीहड़ और जंगली पेड़ों के बीच से होते हुए नदी तक जाती हैं। वो पानी लेकर शाम तक पहुंचती हैं। हर महिला अपने सिर पर 15-15 लीटर के दो कनस्तर रखती है और रोजाना का यही रूटीन होता है।  

हां, बारिश में थोड़ी छोटी यात्रा होती है क्योंकि पास के कुएं भी भर जाते हैं।  

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आखिर क्यों की जाती है इस तरह की शादी? 

दरअसल, इसके पीछे समाज का नियम है जहां सिंगल महिलाओं को चाहें वो विधवा हो या फिर निचली जाती की महिला जिसे समाज में इज्जत चाहिए होती है। इन महिलाओं के लीगल अधिकार नहीं होते और न ही ये बच्चे पैदा कर सकती हैं। जब ये बूढ़ी हो जाती हैं या बीमार हो जाती हैं तो पति फिर से शादी करता है ताकि पानी लाने का ये नियम ऐसे ही बना रहे। 

आपको ये जानकर हैरानी होगी कि इस गांव से सिर्फ तीन किलोमीटर दूर एक डैम है जिसमें पानी भरा रहता है, लेकिन इस डैम का पानी पाइप के जरिए मुंबई चला जाता है। ऐसे में गांव के लिए कुछ भी नहीं बचता है।  

ये एक निराशाजनक बात है कि हमारे देश में एक ऐसी जगह भी है जहां पर पानी जैसी दैनिक जरूरत को लेकर इस तरह का सिस्टम बनाया गया है। इसके अलावा, महिलाओं को सिर्फ सामाजिक सुरक्षा के लिए इतना कुछ सहना पड़ता है।  

महाराष्ट्र एक ऐसा राज्य है जहां बहुत सारे जिलों में हर साल सूखा पड़ता है। ऐसे में पानी महाराष्ट्र की एक बड़ी समस्या बना हुआ है। हालांकि, इस तरह दो-तीन शादियां करने का नियम सिर्फ डेंगनमल का ही है। इसके बारे में आपकी क्या राय है ये हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।  

Image Credit: ActionAid India youtube video screenshot/ Shutterstock

 
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