ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है
प्यार को परिभाषित करने के लिए कहे गए यह शब्द आज के समय में पूरी तरह सटीक बैठते हैं। जब दो लोग एक रिश्ते में जुड़ते हैं तो भले ही उनके मन में एक-दूसरे के लिए कितना भी प्यार हो, लेकिन इसके साथ-साथ उनके मन में कई तरह के डर भी समाए होते हैं। एक-दूसरे को खोने के डर से लेकर रिश्ते को सही तरह से ना निभा पाने के डर के कारण उनका रिश्ता प्रभावित होने लगता है। कुछ हद तक हम सभी के मन में कुछ डर समाए होते हैं। लेकिन जब यह डर आपके प्यार से भी अधिक बढ़ जाता है तो ऐसे में रिश्ते में कड़वाहट घुलते देर नहीं लगती। इस स्थिति में कई बार व्यक्ति खुद के लिए तो कभी अपने पार्टनर के लिए मुसीबत खड़ी कर देता है। हालांकि अगर आप चाहती हैं कि आपके रिश्ते के साथ ऐसा ना हो तो आपको अपने रिलेशनशिप फियर्स से बाहर निकलना होगा। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ रिलेशनशिप फियर्स और उनसे बाहर निकलने के तरीकों के बारे में बता रहे हैं-

पार्टनर को खो देने का डर

 relationship fears inside

बहुत से कपल्स ऐसे होते हैं, जिनके मन में हमेशा एक डर समाया रहता है कि कहीं उनकी किसी गलती के कारण वह अपने पार्टनर को ना खो दें। ऐसी समस्या उन कपल्स में अधिक देखी जाती है, जिनका आत्मविश्वास कम होता है। मसलन, अगर एक व्यक्ति का रंग सांवला है और दूसरा बहुत अधिक खूबसूरत है तो ऐसे में हो सकता है कि आपके मन में पार्टनर को खो देने का डर हो। इसके अलावा, कई बार अतीत का बुरा अनुभव भी मन में यह डर पैदा कर देता है।

क्या करें

इस स्थिति में सबसे बेहतर उपाय है कि आप अपने पार्टनर से इस बारे में बात करें। उन्हें अपने मन के डर के बारे में बताएं। इसके बाद जब वह आपके मनः स्थिति को समझेंगे तो इससे आपके मन में आत्मविश्वास बढ़ेगा और रिश्ता बेहतर होगा। इसके अलावा आप अपने बाहरी रंग-रूप या कमियों को देखने की जगह खुद को बेहतर इंसान बनाने का प्रयास करें।

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धोखा देने का डर

 relationship fears inside

हर रिलेशन में थोड़ी इनसिक्योरिटी होना सामान्य है। जब दो लोग एक रिश्ते में बंधते हैं तो उनके मन में यह डर होता ही है कि कहीं उनका पार्टनर किसी दूसरे व्यक्ति के लिए उन्हें छोड़ ना दे। लेकिन जब यह डर बहुत अधिक बढ़ जाता है तो व्यक्ति पजेसिव हो जाता है। हर छोटी-छोटी बात पर शक करने से रिश्ते में कड़वाहट घुलने लगती है। इतना ही नहीं, इससे एक रिलेशन में घुटन का अहसास होने लगता है।

क्या करें

आपको यह समझना होगा कि किसी भी रिश्ते की नींव विश्वास पर टिकी होती है। अगर आप अपने पार्टनर पर भरोसा नहीं कर सकतीं तो आपका रिश्ता कभी भी हैप्पी या लॉन्ग लास्टिंग नहीं हो सकता। इसलिए अपने मन के डर को दूर करने के लिए पार्टनर से बात करें। हो सकता है कि ऐसा कुछ हो, जिसके कारण आपके मन में यह डर समाया हो। ऐसे में पहले उन कारणों को जानें और फिर उन्हें दूर करने की कोशिश करें।

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जिम्मेदारी ना निभा पाने का डर

 relationship fears inside

यह डर हर कपल में नहीं होता, लेकिन फिर भी जिन रिलेशन में यह फियर देखा जाता है, वहां पर खुशियां कोसों दूर हो जाती है। ऐसे कपल्स में कमिटमेंट फियर होता है और वह अपने रिश्ते में एक-दूसरे के लिए प्रतिबद्ध नहीं हो पाते। जिससे एक पार्टनर के मन में डर होता है और दूसरा पार्टनर हमेशा असुरक्षा के साए में जीता है। साथ ही वह अपने भविष्य को भी सही ढंग से प्लॉन नहीं कर पाता, क्योंकि उसे अपने पार्टनर की तरफ से कोई कमिटमेंट नहीं मिलता।

क्या करें

इस स्थिति से निपटने का सबसे अच्छा उपाय है एक प्रोफेशनल की मदद लेना। एक काउंसलर आपके मन के डर को अच्छी तरह समझकर उसे दूर करने में आपकी मदद करता है। वह उन कारणों पर काम करता है, जिससे आप अपने रिश्ते की जिम्मेदारी निभाने से बचते हैं।

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Image Credit: freepik