करीना कपूर खान इंडस्ट्री की उन एक्ट्रेसेस में से एक हैं जिन्हें मेहनत करने से डर नहीं लगता और वो अपने काम को बेहद प्रोफेशनल तरीके से पूरा करती हैं। करीना अपनी प्रेग्नेंसी में भी काम करती हैं और पूरी तरह से एक्टिव हैं। हाल ही में करीना ने बरखा दत्त के पैनल 'वी द वुमेन' में हिस्सा लिया और अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में भी कुछ बातें की। करीना ने अपने बचपन से जुड़े कुछ किस्सों के बारे में बताया जो यकीनन उनकी पर्सनालिटी के बारे में काफी कुछ कहते हैं। 

करीना ने साइज जीरो को लेकर भी इस पैनल में बात की। उन्होंने कहा कि ये साइज जीरो उनके लिए किसी चैलेंज से कम नहीं था। ये भी सिर्फ एक खास रोल के लिए ही था। करीना ने अपनी प्रेग्नेंसी को लेकर भी बात की उनका कहना था कि, '7 महीने प्रेग्नेंट होने के बाद भी मैं काम कर रही हूं क्योंकि मैं हेल्दी हूं, मैं फिट हूं, मेरे पास काम करने की एनर्जी है और मैं डॉक्टर की मेहरबानी से कुछ खास नियमों का पालन भी कर रही हूं।'

इस चर्चा के दौरान करीना ने ये भी बताया कि आखिर उन्हें क्यों बोर्डिंग स्कूल में जाकर पढ़ना पड़ा। 

अपनी इस हरकत के कारण करीना को जाना पड़ा बोर्डिंग स्कूल-

करीना ने इस चर्चा के दौरान बताया कि वो बहुत जल्दी बड़ा महसूस करने लगी थीं। उनकी बहन करिश्मा कपूर ने 14 साल की उम्र में ही फिल्में करना शुरू कर दिया था और इसलिए वो अपने सामने काफी कुछ होता देखती थीं। करीना ने कहा, 'मैं वो सब करना चाहती थी जो करिश्मा कर रही थी।' करीना के हिसाब से उनकी बहन को लड़कों के साथ बाहर जाने की इजाजत थी, लेकिन उन्हें नहीं थी और उन्हें भी ये करना था। करीना ने कहा, 'मैं हमेशा से बागी थी और मैं हमेशा लड़कों के साथ हैंग आउट करती थी। मां मुझपर चिल्लाती थी और हमारी बहस होती थी। इसीलिए उन्होंने कहा था कि वो मुझे देहरादून के बोर्डिंग स्कूल में भेज देंगी। मैं बहुत ज्यादा शैतान और थोड़ी बागी थी।'

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करीना कपूर ने आगे बताया कि, '14-15 साल की उम्र में मैं एक लड़के को पसंद करती थी और मां को वो पसंद नहीं था। वो मेरा फोन लॉक करके उसे किसी दूसरे रूम में बंद करके चली जाती थीं। जाहिर सी बात है कि मैं अपने दोस्तों के साथ जाना चाहती थी और उस लड़के से मिलना चाहती थी। मां डिनर के लिए बाहर गई हुई थीं और मैंने चाकू से ताला खोल लिया रोम के अंदर जाकर फोन लिया और प्लान्स बनाकर घर के बाहर निकल गई।' यही कारण था कि करीना को उनकी शैतानियों की वजह से बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया था। 

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कैसा रहा करीना का बोर्डिंग स्कूल का एक्सपीरियंस? 

करीना का कहना है कि उनका बोर्डिंग स्कूल का एक्सपीरियंस बहुत अच्छा रहा। 'मुझे लगता है कि ये ब्रिलिएंट था। जिस तरह का एक्सपोजर और फ्रीडम मुझे वहां मिली और मैंने जो सीखा उसने मुझे फिल्म इंडस्ट्री के लिए और ज्यादा तैयार किया। क्योंकि मैं वहां पर पूरी तरह से अकेली थी वहां मुझे अपने हिसाब से फैसले लेने थे। वहां मां-पापा या कोई और नहीं था जो मेरी किसी गलती को छुपाता या उसे ठीक करता।' 

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फिल्म इंडस्ट्री में वजन के पैमाने को लेकर ये कहा करीना ने- 

करीना ने खुद के साइज जीरो की बात तो की ही साथ ही उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में वजन को लेकर होने वाले ऑबसेशन को लेकर भी काफी कुछ कहा। उनका कहना है कि ये बहुत ही गलत है। हेल्दी होना सही है, लेकिन किसी एक चीज़ पर फोकस करना और किसी दूसरी की तरह दिखने की सनक होना सही नहीं है।  

करीना अपने पर्सनल एक्सपीरियंस को लेकर बहुत वोकल रहती हैं और वो लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश में रहती हैं। करीना कपूर की यही बातें उनके फैन्स को काफी पसंद है।  

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