हिंदी सिनेमा में यश जौहर को उभरते सितारों को निखारने वाले निर्देशक के रूप में जाना जाता हैं। स्क्रिप्ट राइटिंग से अपने करियर की शुरुआत करने वाले यश जौहर ने 'मुझे जीने दो', 'गाइड', 'दोस्ताना' और 'कुछ कुछ होता है' जैसी कई शानदार फिल्में दी हैं। यश जौहर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1952 में सुलीन दत्त के प्रोडक्शन हाउस से की थी। जिसमें वह बतौर सहयोगी काम करते थे। इसके बाद उन्होंने देवानंद की कई फिल्मों में प्रोडक्शन का काम संभाला। 

कुछ साल बाद साल 1976 में यश जौहर ने धर्मा प्रोडक्शन नाम से अपना प्रोडक्शन हाउस खोला। अपने प्रोडक्शन हाउस से उनकी पहली फिल्म थी दोस्ताना जिसमें अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न सिन्हा लीड रोल में थे। यही वजह है कि अमिताभ बच्चन और यश जौहर के बीच खास कनेक्शन है। यही नहीं अमिताभ बच्चन यश जौहर के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं। वह उन्हें फिल्म जगत का सबसे सज्जन व्यक्ति मानते थे। 74 साल की उम्र में यश जौहर ने 26 जून साल 2004 में दुनिया को अलविदा कह दिया था।

लौहार से दिल्ली का सफर

yash johar picture

करण जौहर के पिता यश जौहर का जन्म लाहौर में हुआ था, लेकिन बँटवारे के बाद उनका परिवार दिल्ली आ गया। दिल्ली आने के बाद उनके पिता ने 'नानकिंग स्वीट्स' नाम से मिठाई की दुकान खोली, जहां वह अपने पिता के साथ बैठते थे। हालांकि यश जौहर को यह पसंद नहीं था। यश जौहर अपने 9 भाई-बहनों में सबसे अधिक पढ़े-लिखे थे, इसलिए उनके पिता हिसाब-किताब के लिए उन्हें ही दुकान पर बैठाया करते थे। एक दिन उनकी मां ने उनसे कहा कि तुम हलवाई की दुकान पर बैठने के लिए नहीं बने हो, इसलिए तुम बंबई चले जाओ और अपनी पसंद की जिंदगी जियो।

इसे भी पढ़ें: Birth Anniversary: आर.डी बर्मन के जीवन से जुड़ी ये दिलचस्प बातें जानें

बेटे को मुंबई भेजने के लिए मां ने करवाई घर में चोरी

yash johar movies name

बेटे को मुंबई भेजने के लिए उनकी मां ने अपने घर में यह शोर मचाया कि चोरी हो गई है। इसके बाद खूब हंगामा मचा, क्योंकि घर से पैसे और गहने सबकुछ गायब हो गए थे। बताया जाता है कि चोरी होने पर सिक्योरिटी गार्ड को खूब मार पड़ी थी। इस घटना के बाद यश जौहर मुंबई चले गए, लेकिन इस बारे में किसी को पता नहीं चला। खुद यश जौहर को इस घटना की सच्चाई काफी दिनों बाद पता चली थी। मुंबई आने के बाद यश जौहर न्यूजपेपर में फोटोग्राफर की नौकरी पाने की तलाश में जुट गए। कुछ दिनों तक संघर्ष करने के बाद पैसे भी खत्म होने लगे थे। ऐसे में एक दिन वह किसी अंग्रेजी न्यूजपेपर के संस्थान में पहुंचे जहां दुबे जी नाम के फोटोग्राफर पहले से ही मौजूद थे। यश जौहर को उनके पास जाने के लिए कहा गया। वह उनके साथ काफी दिनों तक सहायक के तौर पर काम करते रहें।

Recommended Video

मधुबाला की तस्वीर ने बदल दी किस्मत

madhubala film

उन दिनों 'मुगल-ए-आजम' की शूटिंग चल रही थी, ऐसे में उन्हें सेट पर मधुबाला की तस्वीर खींचने के लिए भेजा गया। बताया जाता है कि मधुबाला किसी को जल्दी तस्वीर खींचने नहीं देती थीं, लेकिन यश जौहर के आग्रह करने पर वह तैयार हो गईं। दरअसल यश जौहर काफी पढ़ लिखे थे और वह अच्छी अंग्रेजी भी बोल लेते थे। इससे इंप्रेस होकर मधुबाला ने सिर्फ उन्हें अपनी तस्वीर क्लिक करने की इजाजत दी, बल्कि उन्हें अपना गार्डन भी दिखाया। मधुबाला की तस्वीर लेकर जब वह ऑफिस पहुंचे वहां लोग ना सिर्फ उनसे प्रभावित हुए बल्कि उन्हें तुरंत नौकरी भी मिल गई।

इसे भी पढ़ें:  जब करीना ने अमीषा पटेल को कहा खराब एक्ट्रेस, चेहरे को लेकर किया था ऐसा कमेंट

पुजारी आदमी थे यश जौहर

pujari yash johar

करण जौहर के पिता यश जौहर को रोजाना सुबह नहाकर पूजा करने की आदत थी। वह बिल्कुल पुजारी व्यक्ति माने जाते थे, बिल्कुल सेक्युलर टाइप के। यह बात खुद करण जौहर ने अपनी आटोबायोग्राफी में बताई है। वह बताते हैं कि उनके पिता रोजाना नहाने के बाद तोलिया लपेट लेते थे और तीन मिनट तक प्रार्थना करते थे। उनके घर में एक छोटा सा मंदिर था, जहां वह रोजाना हाथ जोड़कर प्रार्थना करते थे।

यह लेख आपको अच्‍छा लगा हो तो इसे शेयर और लाइक जरूर करें, साथ ही इसी तरह और भी आर्टिकल्‍स पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।