हिंदू धर्म में कई तीज-त्‍योहारों को मनाया जाता है और इनमें व्रत रखने की भी परंपरा है। अधिकांश व्रत महिलाएं ही रखती हैं, जो उनकी पति के लंबे और सेहतमंद जीवन से जुड़ा होता है। कजरी तीज का व्रत भी इन्‍हीं में से एक है, जिसे महिलाएं धूम-धाम से मनाती हैं। भोपाल के ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखार्विंद विनोद सोनी पोद्दार कहते हैं, 'हिंदू धर्म में इस व्रत को बहुत महत्‍व दिया गया है। अलग-अलग स्‍थानों पर इसे अलग-अलग नाम से पुकारा जाता है। कजरी तीज को कजली तीज, बूढ़ी तीज, सातवा तीज और सातूड़ी तीज भी कहा जाता है। इस व्रत को उत्‍तरप्रदेश, बिहार, मध्‍यप्रदेश और राजस्‍थान की महिलाएं विधि-विधान के साथ मनाती हैं।'

इस बार कजरी तीज का त्‍योहार 6 अगस्‍त को मनाया जाएगा। चलिए पंडित जी से जानते हैं इस त्‍योहार को मनाने का शुभमुहूर्त क्‍या है और इसे कैसे मनाया जाता है। 

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Kajari Teej   Know  Fasting  Rules

शुभ मुहूर्त 

कजरी तीज का पर्व 5 अगस्त 2020 को रात 10:52 से लग जाएगा,  जो 7 अगस्त को रात 12:16 तक मनाया जाएगा। पंडित जी कहते हैं, 'जो महिलाएं इस पर्व पर व्रत रखती हैं, वह 5 अगस्‍त की रात से ही व्रत को विधि-विधान के साथ शुरू कर सकती हैं। कजरी तीज का पर्व भाद्रपद मास (भादों) में कृष्ण पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। इस बार यह व्रत काफी लंबा है। इसलिए अपनी सेहत को ध्‍यान में रख कर ही उपवास रखें।' 

कजरी तीज का महत्‍व 

पूरे साल में कई तीज आती हैं, जिनमें से 3 तीजों यानी हरियाली तीज, हरतालिका तीज और कजरी तीजको काफी महत्‍व दिया गया है। हरतालिका तीज और हरियाली तीज  के बाद कजीर तीज आती है। इस तीज पर भी मलिाएं पति की लंबी उम्र (बिंदी लगाएंगी तो बढ़ेगी पति और आपकी की उम्र) के लिए व्रत रखती हैं। मगर कजरी तीज पर निर्जला व्रत रखा जाता है। इस व्रत में महिलाएं न तो पानी पीती हैं और न ही भोजन ग्रहण करती हैं। इस व्रत को हिंदू धर्म में सबसे कठिन व्रत माना गया है। पंडित जी बताते हैं, 'ऐसी मान्‍यता है कि कजरी तीज के दिन माता पार्वती ने भगवान शिव जी से विवाह करने के लिए यह कड़ा व्रत किया था। इस व्रत के बाद भगवान शिव जी उन्‍हें फलस्‍वरूप प्राप्‍त हुए थे। इसलिए कजरी तीज में महिलाएं कच्‍ची मिट्टी के बने भगवान शंकर-पार्वती की पूजा करती हैं।'

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Kajari  Teej    Timing

व्रत विधि 

यह  व्रत आसान नहीं होता है। पंडित जी कहते हैं, 'कजरी तीज का व्रत यदि एक बार शुरू कर दिया जाए तो जीवन भर इसे करना होता है। यह व्रत अगर आप छोड़ना चाहती हैं तो इस व्रत को किसी और महिला को आपको सौंपना होता है, तब ही आप इस व्रत को छोड़ सकती हैं। इतना ही नहीं, यह व्रत कितना भी लंबा हो इसमें पानी पीना या फलाहार करना भी वर्जित है। शुभ मुहूर्त में ही इसे आरंभ किया जा सकता है और तिथि के समाप्‍त होने के बाद चंद्रमा देख कर ही इस व्रत को खोला जा सकता है।' कजरी तीज का व्रत यदि आप रख रही हैं तो आपको इस दिन लाल या हरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए और विधि-विधान के साथ माता पार्वती की पूजा (जानें शिव-पार्वती की आधी रात की पूजा का महत्‍व)करनी चाहिए। कई जगह पर कजरी तीज के दिन नीम के पेड़ की पूजा भी की जाती है। 

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इन बातों का रखें ध्‍यान 

इस व्रत को करने वाली महिलाओं को अपनी सेहत का बहुत ध्‍यान रखना चाहिए। व्रत रखने से पूर्व इन टिप्‍स को जरूर अपनाएं। 

  • व्रत के एक दिन पहले भोजन हल्‍का करें और ज्‍यादा से ज्‍यादा पानी पीएं। हो सके तो फलों और जूस का सेवन करें। 
  • व्रत शुरू होने के कुछ देर पहले ज्‍यादा से ज्‍यादा फलों और पानी वाली चीजों का सेवन करें। इससे आपकी बॉडी हाइड्रेटेड (5 फूड्स बॉडी को रखेंगे हाइड्रेटेड) रहेगी। 
  • व्रत वाले दिन कम से कम काम करें और जितना हो सके कम बोलें। ऐसा करने से आपको भूख और प्‍यास का अहसास कम होगा। 
  • व्रत खोलने के बाद आपको तली हुई चीजें खाने की जगह ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए, जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो। 

यदि आप इस विधि से व्रत रखेंगी तो आपको ज्‍यादा परेशानियों का सामना नहीं करना होगा। हिंदू तीज-त्‍योहार, व्रत-पूजा और धर्म से जुड़ी रोचक बातें जानने के लिए जुड़ी रहे हरजिंदगी से।

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