क्या आप गोरी हैं? अगर नहीं तो क्या आपको कभी किसी ने आपके रंग को लेकर टोका है? 

क्या आपके दोस्त भी आपको गोरे होने वाले फेसपैक्स लगाने की सलाह देते हैं? 

क्या आप भी यही सोचती हैं कि गोरा होना ही आपकेे खूबसूरत होने का प्रमाण है? 

यह सारे सवाल अचानक से जहन में इसलिए उठे हैं क्योंकि हाल ही में मिस इंडिया ब्यूटी पेजेंट 2019 के एक कोलार्ज जिसमें लगभग 30 कंटेस्टेंट्स की तस्वीरें नजर आ रही हैं, उसे लेकर सोशल मीडिया पर गरमाहट बनी हुई है। हर किसी के मन में यही सवाल है कि क्या इस तरह के ब्यूटी पेजेंट में जाने के लिए एक महिला का गोरा होना जरूरी है? क्या डस्की स्किन वाली महिलाएं इस तरह के ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा नहीं ले सकती हैं? दरअसल, यह सवाल हम नहीं कर रहे बल्कि सोशल मीडिया में इस कोलार्ज को लेकर लोग कर रहे हैं। किसी का कहना है, ‘इसमें दिखने वाली तीसों कंटेस्टेंट एक जैसी ही नजर आ रही हैं। इनका रंग गोरा है, बाल शाइनी हैं हो और सकता है इनकी हाईट भी एक जैसी ही हो।’

 इसे जरूर पढ़ें:गोरा दिखने की चाहत में अगर आप भी फेयरनेस क्रीम खरीद रही हैं तो जरा ठहरिए!

 

वैसा ऐसा हमेशा से होता आया है। भारतीय महिलाओं में गोरा दिखने की होड़ है। समाज गोरी महिलाओं को ही सुंदर मानता है। जिस महिला का रंग दबा होता है। वह खुद भी गोरे होने की लालसा में बाजार में आने वाली ढेरों फेयरनेस क्रीम्स की परतें अपने चेहरे पर चढ़ा लेती हैं। एक रिसर्च के मुताबिक 2023 तक महिलाओं की फेयरनेस क्रीम का मार्केट 5000 करोड़ रुपए के उपर पहुंच जाएगा। इसकी सबसे बड़ी वजह इंटरटेनमेंट और मिडिया का महिलाओं पर गोरे दिखने का प्रेशर है।

 

खासतौर पर युवा महिलाओं में गोरे दिखने की ललक ज्यादा है। इन महिलाओं को शादी का प्रस्ताव, वर्कप्लेस में साथी कलीग्स से सुंदर दिखने की प्रतिस्पर्धा और ब्यूटी पैजेंट्स जैसे प्रेशर का सामना करना होता है। खासतौर पर मिस इंडिया, मिस वर्ल्ड और दूसरे ब्यूटी पैजेंट्स जो महिलाओं की खूबसूरती को माप कर उन्हें सुंदरता का ताज पहनाते हैं, वह सबसे ज्यादा महिलाओं में गोरे होने की भूख जगाते हैं। 

 

वैसे इन्हीं ब्यूटी पैजेंट्स में मिस ब्यूटिफुल वॉइस, मिस ब्यूटिफुल बॉडी जैसे और भी कई राउंड्स होते हैं जो महिला को खूबसूरती के अलग-अलग पहलुओं पर परखते हैं। मगर इन पर किसी का ध्यान नहीं जाता। सभी गोरा होने की दोड़ में शामिल हैं। दरअसल भारतीय महिलाओं में गोरा दिखने की इच्छा बहुत ही प्रबल है। इसके पीछे बड़ी वजह है बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस करीना कपूर, कैटरीना कैफ और सोनम कपूर कई ऐसे ब्रांड्स और प्रोडक्ट को इंडोर्स करती हैं जो महिलाओं को गोरा बनाने का दावा करते हैं।

जबकि गोरा होना ही खूबसूरती का एक मात्रा पैमाना नहीं है। खुद बॉलीवुड की एक्ट्रेस कंगना रनौत का भी यही मानना है। उनके एक स्टेटमेंट ने सभी को हैरान कर दिया था। यह स्टेटमेंट था, ‘मुझे फेयरनेस क्रीम का विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटीज को देख कर शर्म आती है।’ उनके इस स्टेटमेंट पर काफी कॉन्ट्रोवरसी भी हुई थी। मगर, सवाल अभी भी जैसा का तैसा ही है। महिलाएं इस बात को कैसे समझेंगी कि गोरा होना खूबसूरत होना नहीं होता ।