हमारे घर में मौजूद पालतू जानवर हमारी जिंदगी का एक अटूट हिस्सा बन जाते हैं और इन्हें किसी बच्चे की तरह ही अपने साथ रखना होता है। किसी बच्चे की तरह ही ये आपके आस-पास घूमते रहते हैं और ये चाहते हैं कि आप अपना समय इन्हें दें। पर कई बार हमें बाहर ट्रैवल करना पड़ता है और अपने पेट्स को घर पर छोड़कर जाना होता है। ये वो समय होता है जब हमारा अपना दिल भी नहीं मानता तो अपने फर वाले दोस्त को कैसे नजरअंदाज़ कर दें। 

अगर आपको कहीं ट्रैवल करना है तो आप अपने साथ अपने पेट्स को भी ले जा सकते हैं। ये ट्रेन और फ्लाइट दोनों में आपके साथ सफर कर सकते हैं बस आपको सही तरीका पता होना चाहिए। 

अगर आप इनके साथ ट्रेन में ट्रैवल करने के बारे में सोच रहे हैं तो चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप भारतीय रेलवे की इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। 

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सबसे पहले बुक करनी होगी टिकट-

आपको इस काम के लिए एसी फर्स्ट क्लास की टिकट ही बुक करनी होगी। आपको इसके लिए पूरा कम्पार्टमेंट रिजर्व करवाना होगा। ये दो तरीकों से किया जा सकता है, या तो आप 4 अलग टिकट बुक करें और एक कंपार्टमेंट बुक कर लें या फिर 2 टिकट बुक करें और रेलवे को रिक्वेस्ट डालें कि दो सीट्स वाला कंपार्टमेंट बुक करें।  

आप इसके लिए रिजर्वेशन ऑफिसर से मिल भी सकते हैं या फिर लेटर के जरिए काम कर सकते हैं। आपको कौन सा कंपार्टमेंट मिला है ये यात्रा के 4 घंटे पहले पता चलता है।  

आपको अपने सामान और अपने पालतू के साथ पार्सल ऑफिस यात्रा से कम से कम 2 घंटे पहले पहुंचना होता है। पार्सल ऑफिस में आपके पेट के लिए एक बुकिंग स्लिप मिलेगी। यही स्लिप आपको टीटी को दिखानी होगी।  (IRCTC से टिकट बुकिंग के 8 टिप्स)

pet and travel

यात्रा से पहले ध्यान रखें डॉक्युमेंट्स का- 

आपको अपने पालतू के साथ यात्रा के दौरान कुछ जरूरी डॉक्युमेंट्स लेकर ही सफर करना होगा।  

  • अपने दोनों टिकट की कॉपी
  • अपने आईटी कार्ड
  • पालतू जानवर का वैक्सीन सर्टिफिकेट
  • उसका फिटनेस रिकॉर्ड (वेट की स्लिप जो 48 घंटे से पुरानी नहीं होनी चाहिए) 

ये सारे डॉक्युमेंट्स टीटी चेक कर सकता है और अगर ये आपके पास है तो आपकी यात्रा कितनी भी लंबी हो वो सफल ही होगी।  

pets with train travel

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आपकी यात्रा सही हो इसके लिए ये काम जरूर करें- 

दूसरे किसी क्लास के पैसेंजर्स को अपने साथ पेट्स लेकर जाने की इजाजत नहीं होती है। हालांकि, जानवरों को लगेज के साथ ट्रांसफर किया जा सकता है, इसके लिए स्पेशल बॉक्स आते हैं, लेकिन अगर आपका दोस्त आपके साथ ट्रैवल कर सकता है तो उसे अपने साथ ही रखें। 

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  • पर अगर फिर भी आप चाहें कि लगेज वैन में आपका डॉग जाए तो आप पार्सल ऑफिस में दो दिन पहले कॉन्टैक्ट करें।  
  • अगर डॉग सर्विस डॉग है यानी किसी नेत्रहीन व्यक्ति का सहारा है तो उसकी पूरी टिकट नहीं लगेगी बल्कि उसे लगेज चार्ज के बराबर ही समझा जाएगा। 
  • अगर आप अपने साथ डॉग को ट्रैवल करवा रहे हैं तो उसके खाने-पीने की जिम्मेदारी आपकी होगी। 
  • कोशिश करें कि जिन ट्रेन स्टेशन्स पर ट्रेन ज्यादा देर रुकती है वहां आप डॉग को बाहर उतारकर उसे थोड़ा रिलैक्स करने दें। 
  • आपको ये ध्यान रखा होगा कि अगर डॉग को साथ ले जाने के लिए आपके कंपार्टमेंट में मौजूद किसी अन्य पैसेंजर ने शिकायत की तो डॉग को गार्ड के कंपार्टमेंट में ले जाएंगे और आपको रिफंड भी नहीं किया जाएगा। 
  • आपके पालतू ने अगर रेलवे का कोई भी नियम तोड़ा तो उसे लगेज वैन में ट्रांसफर किया जाएगा और आपको फाइन लगेगा।  

हमारे पालतू जानवरों को हमारी बहुत जरूरत होती है और उन्हें अकेला छोड़कर जाने से अच्छा होता है कि आप उनके साथ ट्रैवल करें। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।