आप दिनभर में कितना फोन इस्तेमाल करते हैं? फोन को सिर्फ काम के लिए देखना कितनी दफा होता है? साल 2020 में सीएमआर ने एक स्टडी कंडक्ट की थी, जिसमें बताया गया था कि भारतीयों द्वारा स्मार्टफोन का उपयोग 25 प्रतिशत बढ़कर दिन में 7 घंटे हुआ है। खैर, यह आंकड़ा इसलिए भी बढ़ा, क्योंकि कोविड और पैनडेमिक के बाद से अधिकतर लोगों ने घर से अपने गैजेट्स और फोन के द्वारा ज्यादा काम किया। मगर उसके बावजूद और काम से अलग भी हम कितना फोन के आदि हो चुके हैं।

आज जब सारे काम हमारे स्मार्टफोन आसानी से कर लेते हैं, तो उसके साथ अपना ज्यादा समय बिताना लाजमी है। हममें से कई सारे लोगों के लिए अपने फोन से पीछा छुड़ाना भी एकदम नामुमकिन सा है, क्योंकि हमारा सारा काम इससे इंटरलिंक्ड है। तो फिर इसका क्या जवाब है? कैसे आप बार-बार अपने फोन को चेक करने की आदत को सुधारेंगे?

इस पर हमने जानी-मानी क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. भावना बर्मी से बात की, तो उन्होंने बताया, 'हमारे स्मार्टफोन के साथ हमारा संबंध थोड़ा सा कॉम्प्लिकेटेड है। कई सारे शोध यह सुझाव देते हैं कि अत्यधिक स्क्रीन समय तनाव, खराब नींद और आपका ध्यान खराब कर सकता है। हालांकि हम इसे अपने दोस्तों के साथ कनेक्टेड रहने के लिए, एंटरटेनमेंट के लिए, मौज-मस्ती का भी सोर्स है।'

डॉ. बर्मी आगे कहती हैं,  'स्मार्टफोन हमारे लिए जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी हमारी हेल्थ है। आप इससे पूरी तरह से दूरी नहीं बना सकते हैं, लेकिन आपको फोन बार-बार चेक करने की अपनी आदत में थोड़े बदलाव करने भी जरूरी हैं। कई बार हम बिना किसी खास वजह के भी फोन चेक करते रहते हैं, जो कि गलत है।'

हम क्यों बार-बार फोन चेक करते हैं, इसके क्या हानिकारक प्रभाव पड़ सकते हैं और हमें इस आदत को कैसे कम करना चाहिए, इन सवालों के जवाब आइए हम एक्सपर्ट से ही जानें।

लोग लगातार फोन क्यों चेक करते हैं?

how to stop checking phone all the time

जब आप कोई गतिविधि करते हैं और आपको उसमें आनंद मिलता है, तो आप उसे फिर से दोहरा सकते हैं। यही बार-बार चीजें दोहराना, इसे एक लत बना देता है। हमारे स्मार्टफोन की दुनिया मजेदार और एडिक्टिव है। सोशल मीडिया की दुनिया हमें एक ऐसी जगह देती है, जो अधिक आरामदायक और आसान है। सोशल मीडिया की इसी दुनिया ने सोशलाइजिंग को बहुत आसान बना दिया है। हम सोशल मीडिया पर सोशलाइजिंग को वास्तविक जीवन में सोशलाइजिंग की तुलना में अधिक आरामदायक और सुविधाजनक पाते हैं। साथ ही कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो सामाजिक स्थितियों और इससे जुड़ी चिंताओं से बचने के लिए अपने फोन की मदद लेते हैं। जब हमारे पास करने के लिए कुछ भी नहीं होता है, तो भी हम घंटों फोन पर स्क्रोल करते रहते हैं।

यह हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करता है?

harms of using too much phones

सोशलाइज करने के कई तरीके हमारे फोन में मौजूद हैं और उनमें से एक सोशल मीडिया है। हम सभी को अपनी सबसे अच्छी तस्वीरें पोस्ट करने, अपना सर्वश्रेष्ठ पक्ष दिखाने में मज़ा आता है लेकिन यह एक सच्चाई है कि सोशल मीडिया की दुनिया वास्तविकता से बहुत दूर है। इस नकली दुनिया से लगातार जुड़े रहना और बार-बार सोशल मीडिया को चेक करते रहने की आदत हमें टेम्पोरेरी सेरोटोनिन देती है, जो हमें असल दुनिया से अलग कर देती है। हम वास्तविक दुनिया से एक उम्मीद बनाते हैं जो हमेशा उस दुनिया की तरह नहीं होती जिसे हम इंटरनेट पर देखते हैं और यह अंततः निराशा की ओर ले जाती है।

बार-बार फोन चेक न करने के लिए क्या करें?

expert on smartphone detox

हालांकि फोन बार-बार चेक करना एक एडिक्टिव चीज है, लेकिन अपने फोन को देखने में लगने वाले समय को सीमित करना शुरू करने के लिए अभी भी कुछ सरल और आसान कदम उठा सकते हैं, जो आपको थोड़ा शांत महसूस करा सकते हैं और आपको काम, रियल लाइफ कनेक्शन और शौक पर ध्यान केंद्रित करने का समय दे सकते हैं।

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अपने स्क्रीन टाइम को सीमित करें

limit your screen time

स्क्रीन टाइम को सीमित करने के लिए आप बहुत कुछ कर सकते हैं। खुद से सवाल करें -'मैं दिन में 50 बार इंस्टाग्राम चेक करने के बजाय क्या कर सकता हूं?' ऐसे कई विकल्प और ऐप उपलब्ध हैं जो इसमें आपकी मदद कर सकते हैं। ऐसे कई ऐप्स हैं, जो आपके द्वारा अपने फोन पर बिताए गए समय की निगरानी करता है और फिर आपको अपने उपयोग के आधार पर नियम बनाने की अनुमति देता है।

एक शेड्यूल सेट करें

अपने फोन का उपयोग तभी करने की कोशिश करें जब आपको इसकी आवश्यकता हो। दिन भर ध्यान भटकाने से बचने के लिए आप अपना फोन बंद कर सकते हैं या फिर उसे एयरप्लेन मोड में डाल सकते हैं। बार-बार नोटिफिकेशन पॉप अप्स भी आपका ध्यान भटकाते हैं, इसलिए उन्हें बंद कर दें या फिर अपने फोन को साइलेंट मोड पर रखें। 

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दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं

meet family and friends

अपने दोस्तों और परिवार के साथ अधिक समय बिताने का प्रयास करें और अपनी नोटिफिकेशन को कुछ देर के लिए विराम दें।जब आप अपने प्रियजनों के साथ समय बिता रहे होते हैं तो आप अपने फोन के बारे में भूल जाने की सबसे अधिक संभावना रखते हैं। तनाव कम करने के लिए प्रकृति से भी जुड़ सकते हैं। जब आप अपने फोन पर कम समय बिताते हैं तो आप कनेक्ट करने, अनुभव करने और अधिक जीने में सक्षम होंगे।

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सोशल मीडिया डिटॉक्स 

social media detox

सोने से पहले अपने फोन को चेक न करें और न ही उठाएं, अपने फोन को अपने बेडरूम से हटा दें। एक नियम बना लें कि सोने से आधा घंटा पहले से आप फोन से दूरी बना लेंगे। सोने से पहले फोन का इस्तेमाल करने से अनिद्रा और नींद की अन्य समस्याएं हो सकती हैं। महीने में कम से कम 10 दिनों के लिए सोशल डिटॉक्स का सहारा लें। हम अपना सबसे ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बिताते हैं। अपने फोन से ऐसे ऐप्स को हटा दें और आप महसूस करेंगे कि आप में कितना बदलाव आया है।

इन कुछ तरीकों की मदद से आप अपने फोन को बार-बार चेक करने की आदत सुधार सकते हैं। हमें उम्मीद है एक्सपर्ट की यह राय आपकी मदद करेगी। अगर यह लेख पसंद आया तो इसे लाइक और शेयर करें। ऐसे अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।

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