शादी को लेकर हर किसी की अपनी ख्वाहिशें होती हैं। गहनों से लेकर अन्य सामान तक की खरीदारी काफी समय पहले से ही शुरू हो जाती है। वहीं शादी की तैयारियों की वजह से कई लोग कर्ज में डूब जाते हैं, ऐसे में फाइनेंसियली स्ट्रांग होना बहुत जरूरी है। बता दें कि शादी दो लोगों को एक बंधन में जोड़ती है और बाकी दो परिवारों का मेल भी करती है। शादी से पहले अपने भविष्य के बारे में ना सिर्फ सोचना चाहिए बल्कि इसे लेकर अहम कदम भी उठाने चाहिए। इसलिए ऐसा कहा जाता है कि शादी की प्लानिंग वित्तीय स्थिति को देखते हुए करनी चाहिए। 

आमतौर पर बच्चों की शादी के लिए माता-पिता सेविंग करते हैं, ताकी जरूरत पड़ने इसे खर्च कर सकें, लेकिन आप चाहें तो इसमें योगदान दे सकते हैं। ऐसे कई तरीके हैं, जिसपर जोर दें तो आप फाइनेंसियली न सिर्फ स्ट्रांग रहेंगी बल्कि माता-पिता पर निर्भर होने से भी बच सकती हैं। इससे अपनी सेविंग को ध्यान में रखकर प्लानिंग करने की आवश्यकता होगी।

कुछ सालों में करने वाली हैं शादी

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आपकी शादी में एक या दो साल बाकी हैं तो अभी से ही प्लानिंग करना आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। अगर आप जॉब करती हैं तो अपनी सैलरी के कुछ हिस्से को सेव कर दें। इन दिनों कई ऐसी सेविंग स्कीमें हैं, जिसका आप फायदा उठा सकती हैं। इसमें म्यूचुअल फंड, इक्विटी म्यूचुअल फंड, और सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान आदि शामिल हैं। हालांकि इन सेविंग स्कीमों में निवेश करने से पहले इनसे जुड़ी जानकारी पूरी रखें। बेहतर प्लान में निवेश करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

शादी करने से पहले

financial goal

अगर आप शादी करने जा रही हैं तो इससे पहले अपने लोन या फिर क्रेडिट कार्ड से जुड़े कर्ज को निपटाएं। अपने पर्सनल लोन का बोझ दूसरों पर डालना सही तरीका नहीं है। अगर आप शादी के लिए पर्सनल लोन लेने वाली हैं तो यह आपके लिए गलत स्टेप साबित हो सकता है, खास कर तब जब आपके पास पूरा समय है। इसलिए कोशिश करें कि शादी से पहले सेविंग करना शुरू कर दें।

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कम्पलीट करें पेपरवर्क

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शादी के बाद लड़कियों के सरनेम और बैंक अकाउंट डिटेल में कई तरह के बदलावों की आवश्यकता होती है। ऐसे में कोशिश करें कि इन सभी चीजों को सावधानी से पूरा किया जा सके, ताकी बाद में पैसों की जरूरत पर पेपर से जुड़ी परेशानियों का सामना न करना पड़ें। कई बार माता-पिता बच्चों को नॉमिनी बनाते हैं, ऐसे में किसी भी तरह के पेपर वर्क को अधूरा न छोड़ें। वहीं शादी के बाद आप पर्सनल अकाउंट चाहती हैं या ज्वाइंट इन सब की तैयारी पहले से कर लें, ताकी बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।

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पैसों को लेकर करें बातचीत

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शादी से पहले यह तय करना बहुत जरूरी है कि खर्चों को कैसे नियंत्रित किया जा सके। कोशिश करें कि होने वाले पति से इस बारे में डिस्कस करें, उन्हें बताए कि शादी में किन-किन बातों का ख्याल रखना होगा और फ्यूचर को लेकर क्या प्लानिंग है। इससे आप न सिर्फ सोच-समझ कर पैसे खर्च करेंगी बल्कि बजट के अंदर शादी भी हो जाएगी। शादी में होने वाले खर्चों को लेकर कपल को आपस में ट्रांसपेरेंसी रखनी चाहिए। वहीं शादी के बाद हनीमून और नए घर में सेटल होने पर भी काफी खर्चे होते हैं, ऐसे में फाइनेंशियल गोल पहले से निर्धारित करना बहुत जरूरी है।

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