शॉपिंग के पीछे सभी लोगों की अपनी अलग-अलग वजह होती है। कोई कपड़ों का शौकीन होता है और लेटेस्ट ट्रेंड के कपड़े खरीदने के लिए शॉपिंग करता है, तो कोई जूतों का शौकीन होता है और हर तरह का कलेक्‍शन अपने पास रखना चाहता है। किसी को गिफ्ट देने का चस्‍का होता है और बस बहाने की जरूरत होती है। वहीं, कोई ऑफिस के लिए क्लोद्स लेना पसंद करता है, लेकिन क्‍या आपको पता है कि एक ऐसा कारण भी है जिसके वजह से लोग ढेर सारी शॉपिंग कर डालते हैं। अगर आप इस कारण को डिस्काउंट समझ रही हैं तो आप गलत हैं। हम यहां डिस्काउंट की बात नहीं कर रहे, बल्कि हम ऐसे कारण की बात कर रहे हैं जो किसी इंसान की जेब पर भारी पड़ सकती है। हम बात कर रहे हैं इमोशनल शॉपिंग के बारे में। तो चलिए जानते हैं कि आखिर इमोशनल शॉपिंग है क्‍या?

know what is emotional shopping inside

इसे जरूर पढ़ें: बेडशीट की ऑनलाइन खरीदारी करने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स

कहीं आप भी तो नहीं हैं इमोशनल शॉपिंग की शिकार

कई लोगों को यह अहसास नहीं होता कि वह जो शॉपिंग कर रहे हैं वह नॉर्मल शॉपिंग नहीं है, बल्कि उसका कनेक्‍शन इमोशन्स के साथ है। दरअसल अपनी इमोशनल प्रॉब्लम्स को भूलने के लिए जब शॉपिंग जरिया बना जाता है तो उसे 'इमोशनल शॉपिंग' या 'इमोशनल स्पेंडिंग' कहते हैं। तो चलिए हम आपको बताते हैं इस तरह की शॉपिंग से जुड़े कुछ लक्षणों के बारे में, जिससे आप यह समझ सके कि कहीं आप भी तो नहीं हैं इसकी शिकार।

know emotional shopping inside

 

बिना वजह मार्केट जाना

अगर आप बिना वजह मार्केट जा रही हैं तो इसके दो कारण हो सकते हैं या तो यह सिर्फ फन के लिए है या फिर आप खुद को अच्छा फील करवाना चाहती हैं। अगर शॉपिंग करते हुए आपको बहुत अच्छा फील होता है, तो यह कोई नॉर्मल बात नहीं है, क्योंकि यह आपकी शॉपिंग पर इमोशनल डिपेंडेंसी दिखाता है। ऐसी स्थिति में लोग अपने बजट का ध्‍यान भी नहीं रखते और ज्‍यादा शॉपिंग कर डालते हैं। जिससे उनका बजट बिगड़ जाता है और उनके लिए महीना काटना भी मुश्किल हो जाता है।

Recommended Video

बिना काम की चीजें खरीदना

इमोशनल शॉपिंग के दौरान कई बार आप ऐसी चीजें खरीद लेती हैं जो असल में या तो आपको पसंद नहीं होती या फिर आपके किसी काम की नहीं होती। लेकिन बाद में जब आपके इमोशन्स कंट्रोल में आते हैं और आप अपने खरीदी हुई चीजों को देखती हैं तो आपको इस बात का अहसास होता है और ऐसे में आप बार-बार चीजें लौटाने जाती हैं।

doing emotional shopping inside

भूलने के लिए शॉपिंग

अगर आप नेगेटिव फीलिंग्स को भुलाने के लिए या फिर किसी स्थिति से बचने के लिए शॉपिंग का सहारा ले रही हैं तो यह इमोशनल स्पेंडिंग है। इमोशनल स्पेंडिंग यानि जब तक आपकी शॉपिंग चलेगी तब तक और उसके थोड़ी देर बाद तक तो आप अच्छा फील करेंगी, लेकिन जैसे ही एक बार शॉपिंग का असर उतरेगा आप फिर से उस परेशानी के बारे सोचने लगेंगी। ऐसे में आपने जिस वजह से इतने सारे पैसे खर्च किए वह किसी काम का नहीं रह जाएगा।

what is emotional shopping inside

सामने वाले को दिखाने के लिए

दूसरों को दिखाने के लिए की गई शॉपिंग भी एक तरह की इमोशनल शॉपिंग है। आप किसी दोस्‍त के  साथ शॉपिंग पर गई हैं और वह सामान लेती रहे और आप ना लें, तो ऐसी स्थिति आपको असहज कर देती है। आप इससे बचने के लिए खर्च करना शुरू कर देती हैं। इस तरह की खरीदारी नॉर्मल शॉपिंग नहीं है क्‍योंकि इस समय शॉपिंग आपकी जरूरत नहीं थी।

is emotional shopping inside

इसे जरूर पढ़ें: AC या Cooler की खरीदारी से पहले इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

क्‍या आप भी इनमें से किसी एक सोच से ग्रसित हैं तो रूक जाइए और जरा सोच-समझकर शॉपिंग कीजिए। अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी तो जुड़ी रहिए हमारे साथ। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए पढ़ती रहिए हरजिंदगी।

Photo courtesy- (freepik.com)