अच्छी बातें या फिर शिष्टाचार सिखाने की कोई उम्र नही होती है, इसलिए बच्चों को छोटी उम्र से ही अच्छी बातें सिखानी चाहिए। फिर चाहे वो रोजमर्रा के काम हो या फिर पैसों की अहमियत। वहीं पैसों की अहमियत को समझने के लिए उन्हें फाइनेंशियल प्लानिंग के बारे में जागरूक करना भी महत्वपूर्ण है। बच्चे जब 8 साल के हो जाते हैं, तब तक उनकी पैसों की आदतें सेट हो जाती हैं। अभी से पैसों को लेकर अच्छी आदतें बच्चों को बाद के जीवन में किसी बड़ी फाइनेंशियल गलती से बचने में मदद कर सकती है। 

14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर बताएंगे फाइनेंशियल प्लानिंग से जुड़ी कुछ बातों के बारे में जिसे बच्चों में विकसित किया जाए तो उन्हें आगे के जीवन में कई फायदे हो सकते हैं। इससे उनके खर्च करने के तरीके में बदलाव आएगा और बड़े होने पर जल्द ही वित्तीय प्लानिंग का महत्व समझ पाएंगे।

लक्ष्य निर्धारित करें

set goal

माता पिता के लिए जरूरी है कि वह अपने बच्चे को गोल सेटिंग कॉन्सेप्ट के बारे में समझाएं। उन्हें आप बता सकती हैं कि अगर कोई खिलौना या फिर कोई गैजेट खरीदना है तो अपनी जेबखर्ची में से पैसों की बचत करना शुरू कर दें। इस तरह वह पैसों की बचत करने के तरीके को सीख सकेंगे जिससे बाद में उन्हें सही फैसले लेने में मदद मिलेगी। एक बार जब उन्हें बचत करने के महत्व के बारे में अनुभव हो जाएगा, तो वह आगे भी इसे जारी रखेंगे और इस तरह वह अपने खर्चों पर कंट्रोल कर सकेंगे।

खुलवाएं सेविंग अकाउंट

बच्चों के लिए सेविंग अकाउंट खुलवाना एक अच्छा आइडिया है। इससे उन्हें बैंक स्टेटमेंट को पढ़ने या फिर उन्हें एनालाइज करने का तरीका भी मालूम पड़ेगा, जो बदले में उन्हें बचत और ब्याज की अवधारणा के बारे में जानने में मदद करता है। आप चाहें तो खर्च करने और बचत करने के कुछ नियम निर्धारित कर सकती हैं। इस तरह उन्हें पैसों की बचत करने में खुशी भी होगी।

बचत करना

investment tips

कई बच्चों को सिर्फ यह पता होता है कि पैसों से हम कुछ भी खरीद सकते हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्हें जरूरी और गैर-जरूरी खर्चों के बारे में भी बताना आवश्यक है। उदाहरण के तौर पर अगर माता-पिता कोई चीज अधिक महंगी होने के कारण नहीं खरीद रहे हैं तो अपने बच्चों के सामने उस बारे में चर्चा जरूर करें। क्योंकि कई बच्चे अपने माता-पिता के व्यवहार की नकल करते हैं। इससे उनके दिमाग में भी बचत करने की भावना पैदा की जा सकती है।

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पैसों का महत्व

बच्चों को अगर पैसों से काम करने के तरीके पता चल जाएं, तो वह आगे चलकर सेविंग और इनवेस्टमेंट को भी आसानी से समझ सकेंगे। मार्केट में सामान खरीदने के लिए पैसों के आदान-प्रदान से समझ सकेंगे कि हम इससे कुछ भी खरीद सकते हैं। इस तरह वह पैसों के महत्व को आसानी से समझ सकते हैं। बच्चे जब थोड़े बड़े हो जाएं तो उन्हें बताए कि पैसे कमाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है।

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बजट में रहने की कला

budget for kids

ज्यादातर घरों में पॉकेट मनी देने का चलन है जहां बच्चों को महीने भर के खर्चों के लिए इकट्ठे पैसे दिए जाते हैं। कभी-कभी यह पैसे उनकी जरूरतों से अधिक होते हैं क्योंकि ऐसा जरूरी नहीं कि हर महीने उन्हें कुछ न कुछ खरीदने की आवश्यकता पड़े ही। ऐसे में आप चाहें तो पॉकेट मनी देने के बजाय जरूरत का सामान खरीदने के लिए ही पैसे दे सकती हैं। इस तरह वह बजट में रहना सीख सकेंगे।

बढ़ सकता है आपका पैसा

money grow

माता-पिता को बच्चों के बीच निवेश की अवधारणा को पेश करना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि लगातार निवेश से पैसे बढ़ते हैं। अगर बच्चे थोड़े बड़े हैं तो उन्हें अलग-अलग निवेश प्रक्रिया के बारे में बताएं। जिससे उनमें पैसों को लेकर एक हेल्दी आदत को विकसित किया जा सके। इसके अलावा बच्चे की उम्र के आधार पर इन संसाधनों के लिए मार्गदर्शन कर सकते हैं, ताकी उन्हें अपनी समझ को व्यापक बनाने में मदद मिल सके।

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