बेटियों की सम्मान में समय-समय कुछ ऐसा सुनने और देखने मिलता है, जिसे देख हर भारतीय का दिल खुश हो जाता है। कभी चांद पर तिरंगा लहरा दिया, कभी आकाश में अकेले ही फाइटर प्लेन उठा दिया, किसी गरीब घर की बेटी आई ए एस बन गई, तो कभी एक ऑटो चालक की बेटी मिस इंडिया रनर अप गई। इनके वाला ऐसे और भी कई मौक्के रहें हैं जिनके सम्मान में आज भी करोड़ों भारतीय का सर झुक जाता है। 

कुछ इसी तरह का सम्मान और खबर उत्तराखंड के नैनीताल से भी आई। कहा जा रहा है कि नैनीताल एक ऐसा शहर बनने जा रहा है जहां घर के बाहर नेमप्लेट अब किसी पिता का नाम नहीं बल्कि उस पिता के बेटी के नाम का नेमप्‍लेट लगेगा। जी हां, उत्तराखंड का शहर नैनीताल एक ऐसा शहर बन चूका है जहां बेटियों के सम्मान में घर के बाहर लगेंगी बेटियों की नेमप्‍लेट।

house nameplate on daughters name in naintal inside

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस शुभ कार्यक्रम की शुरुआत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह द्वारा किया। खबरों के अनुसार कहा जा रहा है कि इसकी शुरुआत 27 फ़रवरी को पूरे राज्य भर में कर दिया गया है। कहा जा रहा है कि एक राज्य के रूप ऐसा करने वाला नैनीताल देश में पहला शहर होगा जहां ऐसा कदम लिया गया है।

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एक अन्य खबर के मुताबिक कहा जा रहा है कि घर के बाहर बेटियों की नेमप्‍लेट लगाने के पीछे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के साथ-साथ लिंगानुपात को भी ध्यान में रखकर किया गया है। इस मुहीम से आम लोगों में जन चेतना फ़ैलाने का भी काम किया जा रहा है कि बेटियों की सम्मान हम सब की पहचान। (मिस इंडिया 2020 की रनर-अप मान्या सिंह के संघर्ष की कहानी)

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गौरतलब, है कि वाल 2017 में मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में 'घर की पहचान लाड़ली' नाम की इस खास मुहिम को महिला सशक्तिकरण और घर के बहार बेटी के नाम से नेम प्लेट लगाने की भी मुहीम की शुरुआत हु थी। इसी तरह लड़ों स्वाभिमान उत्सव के माध्यम से भी घर के बाहर बेटियों की नेमप्‍लेट लगी थी।

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एक अन्य खबर के मुताबिक भिवानी में भी बेटियों के नाम से नेमप्लेट पूरा गांव लगाने का जिक्र मिलता है। इस खबर को लेकर उस समय कहा जा रहा था कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस यानि 8 मार्च के अवसर पर शुरू की गई थी। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

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