ज्‍यादातर लोगों को दो नवरात्रों यानि चैत्र और शारदीय नवरात्र के बारे में जानकारी हैं। जबकि इसके अलावा दो नवरात्र और भी होते हैं। जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। शायद इसी के चलते इसे गुप्‍त नवरात्रि कहा जाता है। और इन नवरात्रों की सबसे खास बात यह है कि इनमें देवी की पूजा विशेष कामनाओं की पूर्ति के लिए की जाती हैं। जी हां गुप्त नवरात्रि के दौरान मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, मां बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा की जाती हैं। अगर आपको भी गुप्‍त नवरात्रि के बारे में जानकारी नहीं है तो आइए इसके बारे में और हर दिन की विशेषता के बारे में विस्‍तार से जानें।

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gupt navratri pooja inside

गुप्‍त नवरात्रि

गुप्‍त नवरात्रि भी अन्‍य नवरात्रि की तरह साल में दो बार यानि माघ शुक्ल पक्ष में और आषाढ़ शुक्ल पक्ष में आती है। इस तरह साल में चार बार नवरात्र आते हैं। जैसा कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि इनमें विशेष तरह की इच्छा की पूर्ति के लिए पूजा की किया जाता है। इस बार आषाढ़ शुक्‍ल की गुप्त नवरात्रि 03 जुलाई से शुरु हो रही है। लेकिन ज्‍यादातर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि यह अन्‍य नवरात्रि से कैसे अलग है तो हम आपको बता दें कि ऐसा इसलिए क्‍योंकि नॉर्मल नवरात्रि में आमतौर पर सात्विक और तांत्रिक पूजा दोनों की जाती है। लेकिन गुप्त नवरात्रि में ज्यादातर तांत्रिक पूजा की जाती है। आमतौर पर इनका ज्‍यादा प्रचार नहीं होता है और साधना को गुप्‍त रखा जाता है क्‍योंकि पूजा जितनी गोपनीय तरीके से होगी, सफलता उतनी ही ज्‍यादा मिलेगी।

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गुप्‍त नवरात्रि में पूजा

गुप्‍त नवरात्रि में मां को प्रसन्‍न करने के लिए नौ दिन घर पर कलश की स्थापना की जा सकती है। अगर घर में कलश स्थापना की है तो सुबह-शाम चालीसा या सप्तशती का पाठ और मां की आरती करनी चाहिए। मां को लाल फूल अर्पित करने चाहिए और लौंग और बताशे का भोग लगाना च‍ाहिए। गुप्‍त नवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिन अपना खान-पान सात्विक रखना चाहिए।

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हर दिन की क्या है विशेषता

गुप्‍त नवरात्रि के नौ दिन की अपनी खास विशेषता है। इसके बारे में विस्‍तार से जानना बेहद जरूरी है

3 जुलाई बुधवार के दिन गुप्‍त नवरात्रि की शुरुआत होगी। इस दिन प्रतिपदा है जिसमें मां की अराधना की जाती है।
4 जुलाई गुरुवार को गुप्‍त नवरात्रि का दूसरा दिन है। द्वितीया के दिन जगदीश रथयात्रा पूरी होगी और गुरु-पुष्य संयोग बनेगा।
5 जुलाई य‍ानि शुक्रवार के दिन तृतीया है। इस दिन रवियोग है जो रात्रि 12.19 बजे तक होगा।
6 जुलाई शनिवार गुप्‍त नवरात्रि का चौथा दिन है। चतुर्थी में विनायक योग होता है।


7 जुलाई रविवार यानि पंचमी है। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग है जिसमें कुमार षष्ठी और बुध वक्री होगा।
8 जुलाई सोमवार को गुप्‍त नवरात्रि का छठा दिन है। इस दिन रवियोग है जिसमें विवस्वत सप्तमी, षष्ठी तिथि प्रातः 7.42 तक ही रहेगी।
9 जुलाई मंगलवार आठवां दिन यानि अष्टमी है। जिसमें दुर्गा अष्टमी, सप्तमी तिथि का क्षय होगा।
10 जुलाई बुधवार नवमी है यानि गुप्‍त नवरात्रि का नौवा और आखिरी दिन। इस दिन भड़ली नवमी और रवियोग है और नवरात्रि पूर्ण हो जाएंगे।